भ्रष्टाचार में डूबे सरपंच पति को मिला एसडीओ का सहारा
अखिलेश कुमार शर्मा मोबाइल नंबर (7999140850)

बुढार जनपद पंचायत के ग्राम का मामल
शहडोल।बुढ़ार जनपद में एक ऐसे अनोखी पंचायत है जिसे अभी हाल ही में जिला पंचायत सीईओ के निर्देशानुसार वहां के सरपंच पर धारा 40 की कार्यवाही कर टर्मिनेट किया गया था साथ ही उसके भ्रष्टाचारी मेट राम भुवन विश्वकर्मा को भी टर्मिनेट किया गया था किंतु बुढार जनपद के नवागत एसडीओ की मेहरबानी से एक बार पुनः उन्हें भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दे दी गई है।
विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हो रहा है कि अभी हाल ही में पूर्व की भांति पुनः एक बाउंड्री वाल ठेकेदार को दे दिया गया है जबकि पुराने बाउंड्री वाल को नवागत एसडीओ के द्वारा डिस्मेंटल के आदेश के बावजूद आज तक उसका मूल्यांकन नहीं किया गया। और उस पर सरपंच पति के द्वारा लगभग 12 से 13 लाख की राशि निकाल ली गई है इसी मामले की शिकायत जब ग्रामीणों के द्वारा की गई तो नवागत एसडीओ के द्वारा उस बाउंड्री वाल को तोड़ने के आदेश जारी कर दिए गए थे। किंतु अब सुनने में आ रहा है कि *नवागत एसडीओ बुढार जनपद में रम गई है और जिस बाउंड्री वाल को तोड़ने के आदेश दिए थे अब उसी बाउंड्रीवाल की मूल्यांकन के भी आदेश दे दिए हैं* और इन भ्रष्टाचारी सरपंचों को एक और बाउंड्रीवाल गिफ्ट में दे दिया गया है उसके बदले में भारी-भरकम कमीशन की राशि ले ली गई है ऐसे अनगिनत मामले हैं जो इस भ्रष्टाचारी सरपंच के द्वारा किए गए हैं ।
*सरपंच से प्रताड़ित ग्रामीण*
पूरी ग्राम पंचायत इस भ्रष्टाचारी सरपंच से प्रताड़ित है और वहां की जनता त्राहिमाम कर रही है किंतु कुछ चाटुकार कर्मचारियों की बदौलत यह भ्रष्टाचारी सरपंच और सचिव अधिकारियों के चहेते बने हुए हैं और भ्रष्टाचार को अंजाम दिए जा रहे हैं ।अब देखना यह है नवागत सीओ जनपद के द्वारा किस प्रकार इस भ्रष्टाचारी सरपंच पर लगाम लगाया जाता है की फिर एक बार स्थगन के आड़ में भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जाएगा
*क्या हुआ था*
जिला सीओ पार्थ जयसवाल के द्वारा कार्यवाही के पश्चात भी यदि नवागत एसडीओ नेहा गोस्वामी के द्वारा टी एस बाउंड्रीवाल कर दिया गया है तो यह निश्चित तौर पर भारी भरकम कमीशन की राशि के पश्चात ही दिया गया होगा क्योंकि जिला सीओ के द्वारा केवल भ्रष्टाचार में सरपंच को दोषी ठहराना और सचिव को दोषमुक्त समझना यह तो न्याय से परे है किस प्रकार से बुढार जनपद के कर्मचारी अधिकारी के द्वारा इस भ्रष्टाचारी को सह दिया जा रहा है यह तो इसी बात से स्पष्ट हो रहा है कि बाउंड्रीवाल जैसे 15 से 20 लाख का राशि का आहरण करके पुनः एक बार बाउंड्री वॉल के नाम पर राशि ऐंठने के जगत मे हैं और पूरा जनपद अमला हो या जिला का अमला हो इस भ्रष्टाचारी सरपंच और सचिव के गुलामी में टिका हुआ है।। इसी प्रकार यदि होता रहा तो कैसे ग्राम पंचायतों का विकास होगा और हमारे प्रदेश के मुखिया का सपना स्वच्छ मध्य प्रदेश स्वस्थ मध्यप्रदेश का कैसे पूरा होगा।।
*मेट पर सरपंच का रहम*
सरपंच के चहेते मेट इतना शक्तिशाली हैं कि शासन प्रशासन उसका कुछ नहीं कर पा रहे हैं ,मामला खाद्य गोदाम रोड का है जहां मेट द्वारा अतिक्रमण कर गोदाम का रास्ता बंद कर दिया गया है ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण की शिकायतों की झड़ी लगाते हुए तहसीलदार से लेकर कमिश्नर तक शिकायत किए किन्तु मेट के आगे आरआई,पटवारी तहसीलदार नतमस्तक रहे कार्यवाही शून्य रही और देखते ही देखते मेट ने महज कुछ वर्षों में 20-25 लाख का विल्डिंग खड़ा कर लिया |
फोन लगाने पर मैडम का फोन व्यस्त रहा नहीं उठा मैडम का फोन |
एस.डी.यो.नेहा गोस्वामी
साहब का कहना है
हां वहां का पूरा मामला मेरे से ज्ञान में है आप बिल्कुल भी परेशान मत होइए वहां पैसे पर रोक लगी है |
जिला पंचायत सीईयो पार्थ जयसवाल
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