(Rewa/Bhopal, MP Breaking) आरटीआई वेबिनार – धारा 4 के 17 प्वाइंटस मैन्युअल अनिवार्य – सूचना आयुक्त राहुल सिंह, बताया मप्र फीस और अपील अधिनियम की धारा 6 के प्रपत्र 5 में स्पष्ट है उल्लेख, मानसून शेसन का 8 वां ज़ूम मीटिंग वेबीनार का हुआ ऐतिहासिक आयोजन

(शिवानन्द द्विवेदी)
मप्र सूचना आयोग के इतिहास का 8 वां वेबीनार कार्यक्रम का आयोजन सम्पन्न हुआ। इस बीच कार्यक्रम की अध्यक्षता मप्र राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह ने किया जबकि कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त शैलेश गांधी, महिती अधिकार मंच के अध्यक्ष भास्कर प्रभु और पूर्व मप्र राज्य सूचना आयुक्त आत्मदीप रहे। कार्यक्रम का संयोजन एवं प्रबंधन आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी ने किया।
कार्यक्रम के यह कार्यकर्ता रहे सहभागी
दिनांक 16 अगस्त को आरटीआई और सोशल ऑडिट जनसुनवाई कार्यक्रम में सहभागिता देने प्रदेश और पूरे देश से सैकड़ों पार्टिसिपेंट्स भाग लिए जिनमे से मुख्य रूप से रीवा से अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा, एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी, शिवेंद्र मिश्रा, गोपाल कृष्ण गौतम, मदन गोपाल तिवारी, प्रदीप उपाध्यय, सुरेश उपाध्याय, पुष्पराज तिवारी, मनोज द्विवेदी, स्वतंत्र शुक्ला, देवेंद्र तिवारी, अमित शुक्ला, छत्तीसगढ़ से विनोद दास, झारखंड से एके सिंह, अंकुश बरुआ, गाजियाबाद से कपिल, भोपाल से नूरगुल खान, गोविंद देशवारी, अंकुर मिश्रा, आशीष राय, दिल्ली से अक्षय गोस्वामी आदि कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।
वेबीनार की महत्वपूर्ण झलकियां
👉 आरटीआई के धारा 4 के तहत 17 बिंदुओं का मैन्युअल रजिस्टर लोक सूचना अधिकारी को मेन्टेन करना अनिवार्य – राहुल सिंह
👉 मप्र फीस एवं अपील अधिनियम के अनुसार धारा 6 में प्रपत्र 5 का सर्कुलर हर पीआईओ मेन्टेन करें – राहुल सिंह
👉 अपीलार्थी इस 17 पॉइंट मैन्युअल का आरटीआई लगाकर अवलोकन कर सकते हैं।
👉 यदि धारा 4 के तहत 17 पॉइंट मैन्युअल पीआईओ न मेन्टेन करे तो आप सूचना आयोग में करें शिकायत – राहुल सिंह
👉 सरकार की व्यवस्था है लेकिन जागरूकता की कमी आरटीआई कानून में एक बाधा
👉 आरटीआई का प्रयोग जनहित के कार्यों में करें – राहुल सिंह
👉 सोशल ऑडिट और जनसुनवाई का बेहतर प्रयोग किया भास्कर प्रभु ने – राहुल सिंह
👉 यदि 17 पॉइंट मैन्युअल की जानकारी रेगिस्टर न मिले तो सूचना आयोग में करें शिकायत। – राहुल सिंह
👉 पटवारी भर्ती अथवा किसी भी सार्वजनिक नियुक्ति के समस्त दस्तावेज हों सार्वजनिक -राहुल सिंह
👉 नियुक्ति से सम्बंधित दस्तावेज में धारा 11 लागू करना उचित नही – शैलेश गांधी
👉 यदि कोई पीआईओ मात्र कोरा कागज़ लिफाफे में बन्द कर भेज तो यह अपराध, ऐसा कृत्य अनुचित और होशियारी में फंसेंगे पीआईओ – राहुल सिंह
👉 यदि हॉस्पिटल से सम्बंधित आरटीआई निरीक्षण करना है तो साथ मे ले जाएं एक्सपर्ट डॉक्टर – सूचना आयुक्त राहुल सिंह
👉 सुनवाई के दौरान सूचना आयुक्त बदलना ज्यादा बेहतर ऑप्शन नही – राहुल सिंह
👉 जितनी बार धारा 18 की शिकायत उतनी बार लगेगा 25 हज़ार रुपये का जुर्माना – राहुल सिंह
👉 यदि पीआईओ अथवा अधिकारी जानकारी न दे और जांच में हीलाहवाली करें तो वह सिविल सेवा अधिनियम का भी उल्लंघन है, इसकी करें शिकायत – राहुल सिंह
👉 मप्र फीस और अपील अधिनियम की धारा 8(4) के अनुसार राज्य सूचना आयुक्त का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी – राहुल सिंह
👉 धारा 11 का हवाला देकर पीआईओ जानकारी देने से मना नहीं कर सकता – शैलेश गांधी
👉 पर्सनल और प्राइवेसी का कोई कारण नही, पब्लिक एक्टिविटी है तो जानकारी मिले – शैलेश गांधी
👉 जानकारी न देने के पीछे मात्र धारा 19(2) डिसेंसी और मोरालिटी की बात आती है, बांकी सब जानकारी दी जाय – शैलेश गांधी
👉 मैं राहुल सिंह से अपील करूंगा कि वह मप्र में भी राजस्थान की तरह जनसूचना पोर्टल चालू कराएं – शैलेश गांधी
👉 राजस्थान की तर्ज पर जन सूचना इम्पलीमेंट करने से आरटीआइ पर लोड कम होगा और जन भागीदारी बढ़ेगी – राहुल सिंह
👉 यूपी सूचना आयोग की हालात सबसे खराब – अक्षय गोस्वामी
👉 मैं शैलेश गाँधी और राहुल सिंह को इस वेबीनार नवाचार के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा – आत्मदीप
👉 मैंने केंद्रीय सूचना आयुक्त के तौर पर 2 वर्ष में 20 हज़ार से ज्यादा प्रकरणों के निपटारे किये – शैलेश गांधी
👉 सूचना आयोग में समस्या का समाधान और सुनवाई ग्रीवेंसस रिड्रेसल के तहत टाइम बाउंड मैनेर में हो – राहुल सिंह
👉 हम 45 दिन में अपील निराकरण की माग करते हैं यह कमीशन को तय करना है कि वह कितने दिन में करें – भास्कर प्रभु
👉 कोई भी कानून भावनात्मक दृष्टि से नही चलता बल्कि कायदों पर पर चलता है – भास्कर प्रभु
👉 जम्मू कश्मीर सूचना आयोग में भी द्वितीय अपील का निराकरण 90 दिन में होना है – भास्कर प्रभु
👉 समय पर अपील का समाधान करने के लिए महाराष्ट्र में बेहतर प्रयास हुए थे। मुख्य सूचना आयुक्त जोशी ने सरकार को लिखकर 18 वर्कर्स नियुक्त कराए थे – भास्कर प्रभु
👉 वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार चीफ एसआईसी को एक लीगल एडवाइजर भी उपलब्ध करा रही है – भास्कर प्रभु
👉 हाइकोर्ट के आदेश के बाद हमने एक अधिकारी पर फाइन लगा दी, फिर हाइकोर्ट का आदेश आया कि फाइन रोक दो – राहुल सिंह
👉 हाई कोर्ट का जबरन सूचना आयोग पर हस्तक्षेप आयोग के कार्य और इमेज पर बुरा प्रभाव डाल रहा – भास्कर प्रभु
👉 आवेदन अलग अलग ही करें जिससे आयोग फाइन भी अलग अलग लगाए – सूचना आयुक्त राहुल सिंह

Subscribe to my channel
Comments are closed.