पंचायत की शासकीय भूमि पे सहीद व रामप्रसाद का डेरा,शिकायत के बाद भी डटे एक खम्भे की तरह

शासकीय भूमि पे अतिक्रमण कर उसमे अपने आशियाने की नींव रखना इन दिनों भूमाफियाओं के लिए महज एक मजाक सा बनकर रह गया है जिसमें यदा-कदा कार्यवाही दिखाते हुए सम्बंधित जिम्मेदार अपनी झूठी वाहवाही सुन प्रशंसा का लुत्फ उठाते हैं शहर के आसपास भूमाफियाओं ने दर्जनो शासकीय भूमि पे आधिपत्य जमा उन्हें प्लाटिंग कर बेंच रहे हैं किंतु अब यह नाटकीय मोड़ ग्राम पंचायतों की ओर भी रुख कर चुका है बढ़ते आधुनिकता व शहरीकरण के कारण अब शहरों में जमीन का एक टुकड़ा भी खंगालना टेढ़ी खीर से कम नही किन्तु इसका एक दुष्प्रभाव भी हो रहा है जहाँ भूमाफिया शहर से लगे गांव की ओर जाकर छोटे दामों में जमीन खरीदकर व कब्जा कर उसे मोटे दामो में बेचते हैं
ऐसा ही ताजा मामला ग्राम पंचायत केशवाही अन्तर्गत आया हैं जहाँ सच्चाई व ईमानदारी की पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक ने बेईमान का लिहाफ ओढ़ते हुए ग्राम पंचायत के शासकीय भूमि पर ही झुग्गी बनाकर इसमें धीरे-धीरे बड़े आशियाने का ख्वाब बुन रहे हैं जिसमे उनके शागिर्द अरसों से पैर जमाए हुए आरआई की भी संदिग्ध भूमिका है
शहडोल।।
ग्राम पंचायत केशवाही भले ही आज भी ग्राम पंचायत है किंतु यहाँ सुविधाओं व आधुनिकता के सारी सुविधाओं ने इसे एक अच्छे कस्बे के स्वरूप दे दिया है और इस कस्बे पर अपने अवांछनीय तत्व अपनी नजर गड़ाकर शासकीय अराजी खसरे पे कब्जा कर उसे प्लाटिंग की भेंट चढ़ा रहे हैं जिसकी शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच व ग्रामीणों ने जिले के कमिश्नर, कलेक्टर,व एसडीएम तक को सौंप चुके हैं किंतु कार्यवाही के नाम पर अभी भी एक कलम नही दौड़ा शायद गांधी के फेर में निचले स्तर के कर्मचारी, अधिकारियों के आंखों में हरियाली की पट्टी बांध दिए गए हैं
कौन है वो अतिक्रमणकारी
ग्राम सरपँच व ग्रामीणों ने शिकायत में अवगत कराया है कि ग्राम पंचायत की 793/1(क, ख) 0.222 व 0.124 हेक्टेयर भूमि है जिसमे शासकीय शिक्षक सहीद व रामप्रसाद नामक व्यक्ति ने अपना कब्जा जमाया हुआ है वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन-निवेदन शिकवा शिकायत करने पर भी इनके द्वारा उक्त भूमि पर अपना साख जमाया गया है जिससे यह साबित होता है कि निश्चित रूप से निचले स्तर के कर्मचारी,अधिकारी से मैनेजमेंट का खाका जड़ा हुआ है अन्यथा कलेक्टर के आदेशानुसार एसएलआर टीम के गठन के बाद भी कार्यवाही शून्य रह गई
कलेक्टर ने दिया था आश्वासन
ग्रामीणों ने इस सम्बंध में जिला कलेक्टर को शिकायत किया था जिस पर कलेक्टर महोदय टीप लिखते हुए एक टीम गठित कर कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए थे किंतु कार्यवाही तो नही हुई अपितु कागज के चलते चलते उक्त भूमि पर रामप्रसाद व सहीद ने अपने-अपने आशियाने की नींव जरूर रख दिये समाज को एक गौरव व प्रकाश प्रदान करने वाले जब एक शिक्षक के ऐसे कृत्य हों तो और कि क्या विषाद

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