आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी सहित क्षेत्रीय पत्रकारों के ऊपर किया गया जानलेवा हमला,

आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी सहित पत्रकारों के ऊपर दिनाँक 14 अक्टूबर को लगभग 12 बजे हुआ जानलेवा हमला
मिली जानकारी के मुताबिक जनपद पंचायत गंगेव की ग्राम पंचायत चंदेह में RTI की धारा 4 के तहत हो रही सोशल ऑडिट एवं जनसुनवाई में जा रहे थे।
एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी के साथ स्वतंत्र शुक्ला, प्रियेश पांडे, राहुल चतुर्वेदी व रविशंकर मिश्रा मौजूद थे।
चंदेह सरपंच रमेश शर्मा उर्फ पप्पू ने अपने साथियों के साथ लाठी डंडे से मारपीट की और धारदार हथियार तलवार से काटकर नहर में डालने को अपने साथियों को लगाई आवाज।
आरटीआई स्थापना दिवश 12 अक्टूबर के एक दिन पूर्व आयोजित हुई ज़ूम मीटिंग वेबीनार के दौरान देश के नामचीन सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु, शैलेश गांधी, आत्मदीप और मजदूर किसान शक्ति संगठन और एनसीपीआरआई के संयोजक निखिल डे सहित एक्टिविस्टों ने सोशल ऑडिट और जन सुनवाई पर जोर दिया था। इस बीच पारदर्शिता लाने के एक्टिविस्टों के प्रयासों की भी सराहना की थी। मप्र सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी द्वारा वास्तविक धरातल पर किये जा रहे प्रयासों जिसमे आरटीआई को मजबूत बनाने और इसका लाभ जन सामान्य तक पहुचाने में सोशल ऑडिट और जनसुनवाई की सराहना करते हुए मप्र में इस इस को लैंडमार्क कार्य बताया था।
अभी हाल ही में एक्टिविस्ट द्विवेदी द्वारा मप्र की 1148 पंचायतों में 300 करोड़ के कराधान घोटाले सहित कई महत्वपूर्ण मामलों पर आरटीआई लगाकर घोटालों को उजागर कर बड़े स्तर पर पंचायती सरपंच सचिवों और अन्य दोषियों पर धारा 40-92 की कार्यवाही और एफआईआर दर्ज करवाई गई थी जिसमे गंगेव ब्लॉक के शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन ट्रेडर्स, बाबू राजेश सोनी और 38 पंचायतें सम्मिलित हैं। एक्टिविस्ट द्वारा आरटीआई लगाकर भ्रष्टाचार पर निरंतर किये जा रहे प्रहार और कार्यवाही से बौखलाए सरपंच सचिव द्वारा ऐसे कायराना और नपुंशक प्रयास किये जा रहे हैं जिसके लिए समस्त आरटीआई कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ताओं, पत्रकारों ने पुलिश प्रशासन से तत्काल कार्यवाही की माग की है।
आरटीआई की धारा 4 के तहत सोशल ऑडिट और जनसुनवाई का था कार्यक्रम
जानकारी के अनुसार एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी ने बताया की रीवा जिला अन्तर्गत गंगेव जनपद की चन्देह ग्राम पंचायत में आरटीआई की धारा 4 के तहत सोशल ऑडिट और जनसुनवाई का कार्यक्रम रखा गया था जिसमें ग्रामवासियों द्वारा जिले के वरिष्ठ अधिकारियों – कलेक्टर, कमिश्नर, सीईओ जिला पंचायत, सीईओ जनपद पंचायत, तहसीलदार, एसडीएम, बिजली विभाग, खाद्य विभाग आदि को बुलाया गया था और उसके साथ में सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी एवं मीडिया वालों को भी आमंत्रित किया गया था।
सरपंच रमेश शर्मा और उसके गुंडों ने इस प्रकार से कारित की पूरी वारदात

दिनाँक 14 अक्टूबर को संलग्न आमंत्रण के आधार पर लगभग 12 बजे सोशल ऑडिट और जनसुनवाई कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए एक्टिविस्ट द्विवेदी चन्देह मार्जदपुर ग्राम की तरफ जा रहे थे जहां नहर के पास कौवाढान नामक पुल के ऊपर वहां का सरपंच रमेश शर्मा उर्फ पप्पू एक चार पहिया वाहन के साथ 4 से 5 गुंडों के साथ खड़ा हुआ था। जैसे ही द्विवेदी और कुछ पत्रकार पुल के ऊपर पहुंचे वैसे ही उनका रास्ता रोका कर भद्दी गाली देते हुए पूंछा की कौन है शिवानन्द द्विवेदी और जैसे ही नाम बताया वैसे ही चन्देह सरपंच रमेश शर्मा द्वारा मारपीट और गंदी गंदी गाली गलौज की जाने लगी। इस बीच पत्रकारों ने वीडियो भी बनाने का प्रयास किया जिनको मारा गया और गंदी गंदी गली गलौज की गई जिसके तुरंत बाद सभी का मोबाइल छुड़ा लिया गया एवं फेंक दिया गया। शिवानन्द द्विवेदी द्वारा बताया गया की लाठी डंडे के साथ हैं मारपीट की गई और रमेश शर्मा ने अपने आदमियों को कहा गया की गाड़ी से तलवार निकालो और इन्हें इसी नहर में काट कर फेंक दो और कोई देखने वाला भी नहीं रहेगा। इतने में सोशल ऑडिट और जनसुनवाई में सम्मिलित होने के लिए अनिल सिंह उपकारी निवासी ग्राम गोंदरी 27 वहां पहुंचे जिसके बाद शिवानन्द द्विवेदी ने उन्हें आगे निकल जाने के लिए इशारा किया और मौका भापकर बिना बाइक खड़ा किए हुए अनिल वहां से निकलने लगे जिन्हें देखकर सरपंच रमेश शर्मा उर्फ पप्पू और उनके साथी उन्हें माँ बहन की गाली देते हुए खदेड़ लिए। इतने में एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी और पत्रकार प्रियेश पांडेय, स्वतंत्र शुक्ला, राहुल चतुर्वेदी एवं रविशंकर मिश्रा भी जल्दी अपनी बाइक लेकर वहां से चल लिए। एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी और पत्रकारों ने बताया कि इसके उपरांत रमेश शर्मा उर्फ पप्पू और उसके साथियों ने उनका गंगेव के आगे तक पीछा किया जिसके कारण वह मनगवां थाना भी नहीं पहुंच पाए और वापस थाना गढ़ आकर टीआई धुर्वे से बात कर डायल हंड्रेड की सुरक्षा में गंगेव चौकी पहुंचे जहां गंगेव चौकी के बाद अपनी निजी वाहन और पुनः डायल हंड्रेड की सहायता से मनगवां थाने पहुंचे और एसडीओपी मनगवां मिस्टर निगम से बात किए। इसके उपरांत एक आवेदन में सामान्य रिपोर्ट लिख कर उसकी पावती लिए। जानकारी मिलने तक थाना मनगवां में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 154 के तहत अब तक प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। पुलिस मामले को जांच में बता रही है और हीलाहवाली करने का प्रयास कर रही है।
मामले का पता चलते ही सूचना आयुक्त राहुल सिंह और पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त शैलेश गांधी ने एसपी से की बात
इस बीच जैसे ही पूरे मामले का पता मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह एवं पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त शैलेश गांधी को ट्विटर के माध्यम से एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी ने ट्वीट किया वैसे ही सोशल मीडिया में हलचल मच गई और व्हाट्सएप टि्वटर फेसबुक आदि में एक्टिविस्टों और अन्य लोगों के संदेश आने लगे जिसमें पुलिस द्वारा कड़ी से कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की जाने लगी एवं एक्टिविस्ट को सुरक्षा प्रदान करने की बात कही जाने लगी। मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने पूरी घटना की कड़ी निंदा करते हुए एसपी रीवा और आईजी रीवा को ट्वीट कर तत्काल कार्यवाही करने के लिए कहा है और केंद्रीय गृह मंत्रालय के पुराने सर्कुलर का हवाला देकर आरटीआई एक्टिविस्ट को सुरक्षा प्रदान करने की बात कही है।
सूचना आयुक्त राहुल सिंह द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा से फोन पर बात कर मामले पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। वही पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त शैलेष गांधी ने भी एसपी रीवा राकेश सिंह से बात कर मामले पर संज्ञान लिया और तत्काल एसपी रीवा से बात की और मामले को गंभीरता से लेकर तत्काल एफ आई आर दर्ज करने की बात कही है। केंद्रीय सूचना आयुक्त श्री गांधी को एसपी रीवा द्वारा बताया गया की एफ आई आर दर्ज कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी और पत्रकारों पर हमले को लेकर चारों तरफ आलोचना का दौर और कार्यवाही की माग
इस बीच सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 4 के तहत साझा की जाने वाली जानकारी के आधार पर पूरे मप्र में सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के कार्य में शामिल होने वाले एक्टिविस्ट द्विवेदी के ऊपर हुए हमले को लेकर संपूर्ण सोशल मीडिया में हलचल मच गई है जिसमें दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाने की मांग की जाने लगी है और साथ में पत्रकारों के ऊपर भी हुए हमले को लेकर और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर पुलिस प्रशासन को भी आड़े हाथों लिया गया है। समस्त पत्रकार, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्य एक्टिविस्टों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए एक्टिविस्ट द्विवेदी को पुलिस सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की है और इस मामले में तत्काल एफ आई आर दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कठोर से कठोर दंडात्मक कार्यवाही किए जाने की भी मांग की है।

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