MP//Rewa// क्रांतिकारी आंदोलनों में गीत गाने संप्रेषण के सशक्त माध्यम – निखिल डे//हमने सूचना के अधिकार को जन-जन तक पहुंचाने आरटीआई गीत बनाया – पारस बंजारा

सूचना का अधिकार आंदोलन जन-जन तक कैसे पहुंचे इसके लिए विभिन्न प्रकार के माध्यमों का उपयोग इस वैज्ञानिक और सोशल मीडिया के समय पर किया जा रहा है। इसी बीच राष्ट्रीय वेबीनार में मजदूर किसान शक्ति संगठन के सह-संस्थापक निखिल डे, शंकर सिंह, कार्यकर्ता पारस बंजारा ने बताया कि राजस्थान से सूचना का अधिकार का आंदोलन प्रारंभ हुआ और उसके लिए काफी मेहनत करनी पड़ी जो अंत में आरटीआई कानून के रूप में सामने आया। सूचना का अधिकार जन जन तक कैसे पहुंची इसके लिए विभिन्न प्रकार के आधुनिक संप्रेषण माध्यमों का प्रयोग किया गया और साथ में गीत गानों के रूप में भी प्रेषित करने का भी प्रयास किया गया।
आरटीआई कानून को जन-जन तक पहुंचाने बनाया आरटीआई गीत -पारस बंजारा
इस बीच कार्यक्रम में पहली बार अपनी सहभागिता निभाने पधारे विशिष्ट अतिथि राजस्थान के मजदूर किसान शक्ति संगठन के कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट पारस बंजारा ने बताया कि आरटीआई कानून जन जन तक किस प्रकार से पहुंचे और किस प्रकार लोग उससे लाभान्वित हों इसके लिए उन्होंने आरटीआई पर एक गीत बना डाला। और गीत के माध्यम से जनता को सूचना के अधिकार कानून और उनके कर्तव्य, अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।
सूचना का अधिकार गीत –ये है कानून का मेल, इसमे धाराओं का खेल।अब तो जनता ने पकड़ी है सत्ता की लगाम।अब तो जनता ने पकड़ी है सत्ता की लगाम।धारा 6 में लगाओ अर्जी, ले लो सूचना जो मर्जी। अब तो देनी ही पड़ेगी सूचना तमाम, अब तो देनी ही पड़ेगी सूचना तमाम।धारा 7 मागे फीस, रुपए 10 की रसीद। अब तो देनी ही पड़ेगी सूचना तमाम। अब तो देनी ही पड़ेगी सूचना तमाम।अब तो जनता ने पकड़ी है सत्ता की लगाम।धारा 5 को तू जान, सूचना अधिकारी पहचान, अब तो देनी ही पड़ेगी सूचना तमाम।अब तो देनी ही पड़ेगी सूचना तमाम।अब तो जनता ने पकड़ी है सत्ता की लगाम।धारा 4 का है राज, जानो दफ्तर के कामकाज, अपने आप ही देनी होगी सूचना तमाम। अपने आप ही देनी होगी सूचना तमाम। अब तो जनता ने पकड़ी है सत्ता की लगामधारा 19 का कमाल, अपील से आएगा फरमान। जुर्माना भर के भी देनी होगी सूचना तमाम। जुर्माना भर के भी देनी होगी सूचना तमाम।अब तो जनता ने पकड़ी है सत्ता की लगाम।।अफसर जो तोड़े कानून, झेले जनता का जुनून। जुर्माना भर के भी देनी होगी सूचना तमाम। अब तो जनता ने पकड़ी है सत्ता की लगाम।बच्चे बच्चे ने पकड़ी है सत्ता की लगाम। अब तो लोगों ने पकड़ी है सत्ता की लगाम।——
क्रांतिकारी आंदोलनों में गीत गाने संप्रेषण के सशक्त माध्यम – निखिल डे
मजदूर किसान शक्ति संगठन के सह-संस्थापक वरिष्ठ आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने कहा कि आरटीआई कानून पर यह गाना एमकेएसएस के कार्यकर्ता पारस बंजारा एवं उनके साथियों के द्वारा बनाया गया था। लोगों को आरटीआई कानून के प्रति जागरूक करने में इस गाने का बड़ा महत्वपूर्ण योगदान है। अपने मित्र एवं मजदूर किसान शक्ति संगठन के सह-संस्थापक शंकर सिंह की तरफ इशारा करते हुए निखिल डे ने कहा की शंकर सिंह भी बहुत अच्छा गाते हैं और काफी गाना स्वयं निर्मित किए हुए हैं लेकिन कोरस गीत की वजह से अभी मीटिंग में संभव नहीं हो पाएगा। वर्तमान किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए निखिल डे ने बताया कि यहां भी संप्रेषण की नई नई तकनीकें इजाद की जा रही हैं और जब उन्होंने आरटीआई कानून के प्रति पारदर्शिता के लिए 40 दिन का आंदोलन किया था तब भी कई गीतों के माध्यम से संप्रेषण के तरीके इजाद किए थे।

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