MP//Rewa// पताई-विशेषर पंचायत बनी भ्रष्टाचार की गढ़, जांच में दिखा 50 लाख से अधिक का घपला// सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी की सोशल ऑडिट जनसुनवाई में उठे थे मुद्दे// ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के ईई दिनेश आर्मो की टीम ने किया जांच// कहा जल्द सौंपेंगे सीईओ जिला स्वप्निल वानखेड़े को रिपोर्ट// जल्द होगी धारा 40-92 की कार्यवाही।।

जिला रीवा अंतर्गत जनपद पंचायत मऊगंज की ग्राम पंचायत पताई विशेषर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा स्वप्निल वानखेड़े के आदेश पर पंचायती कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनीष दुबे द्वारा शिकायत पर 5 दिसंबर को ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्रमांक 2 के कार्यपालन यंत्री दिनेश आर्मो के सहित तीन सदस्यीय दल ने मिलकर जांच की है। जिसमें एसडीओ आरडी पांडे , जितेंद्र अहिरवार एवं एसआर प्रजापति सम्मिलित रहे। जांच दल ने ग्राम पंचायत पताई विशेषर में पीसीसी सड़क निर्माण , मनरेगा , बाउंड्री वॉल निर्माण, ग्राम सुदूर सड़क, खेल मैदान निर्माण, नाली निर्माण, तालाब जल जमाता विस्तारीकरण आदि कार्यों की जांच की। जांच के दौरान पीसीसी सड़क को खोदकर सैंपल लेकर देखा गया कि रोड गुणवत्ताविहीन स्थिति में है । इस विषय में जांच दल के सदस्यों के द्वारा बताया गया कि पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा स्वप्निल वानखेड़े को सौंप दी जाएगी जिसके बाद रिकवरी और धारा 40 एवं 92 की कार्यवाही की जाएगी । जांचकर्ताओं एवं उपस्थित लोगों के द्वारा बताया गया कि कई कार्य तो ऐसे हैं जिनको स्थान बदलकर करवाया गया है जिसमें शत प्रतिशत रिकवरी की संभावना है और कई कार्य मौके पर मिले ही नही। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि समस्त कार्यों में डस्ट और घटिया सामग्री से किया गया है एवं साथ में नियम पैमानों को धता बताकर किया गया है जिसकी वजह से शत प्रतिशत रिकवरी भी तय है । वहीं जब विशेषज्ञों ने कार्य का सैंपल लिया और हैमर कोर कटिंग टेस्ट के माध्यम से पीसीसी सड़क एवं अन्य कंक्रीट निर्माण को देखा तो उसमें बालू के स्थान पर डस्ट और गुणवत्ता विहीन कार्य पाया गया। 50 लाख से अधिक की रिकवरी का अनुमान
बता दें की सामाजिक कार्यकर्ता मनीष दुबे के द्वारा अपनी ग्राम पंचायत में सोशल ऑडिट और जन सुनवाई के लिए आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी सहित अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था। क्योंकि कोई अधिकारी मौके पर उपस्थित नहीं हुए थे अतः लगभग 200 की संख्या में ग्रामीण एकत्रित होकर सोशल ऑडिट और जन सुनवाई में हिस्सा लिये। सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के दौरान रहवासियों ने व्यापक अनियमितता की शिकायत की और बताया कि पंचायत के कई कार्य मौके पर नहीं हुए हैं जिनका परीक्षण किया गया तो शिकायतें सही पाई गईं। जिसके आधार पर लगभग 30 बिंदुओं की शिकायत बनाकर सीईओ जिला पंचायत स्वप्निल वानखेड़े एवं रीवा कलेक्टर डॉक्टर इलैयाराजा टीको सौंपी गई थी जिसके बाद जांच टीम गठित कर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री एवं तीन अन्य एसडीओ की टीम गठित कर जांच करवाई गई है। यद्यपि अभी भी लगभग एक दर्जन कार्यों की जांच नहीं हो पाई है जिसके लिए टीम द्वारा जल्द ही जांच को पूरा किया जाएगा। पहली जांच के दौरान एसडीओ के द्वारा बताया गया कि लगभग 50 लाख से अधिक कार्य गुणवत्ताविहीन पाए गए हैं अथवा मौके पर पाए ही नहीं गए जिस पर कार्यवाही कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी।

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