कांग्रेस जिलाध्यक्ष के अनुशासनहीनता बनी सुर्खियां, बिना अनुमति निकाला विजयी जुलूस

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अपने ही नेता के मौत पर मनाया जश्न, बीजेपी ने की कड़ी निंदा
शहडोल/उमरिया। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय श्री मोतीलाल वोरा जी का दुःखद देहांत 21 दिसंबर को हो गया था, जिससे मध्य प्रदेश सरकार अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की थी। लेकिन यहां के कांग्रेसी नेता और जिलाध्यक्ष ने अपने ही पार्टी के वरिष्ठ नेता के शोक में खुशियां बांटी। एक ओर समूचे देश के साथ मध्यप्रदेश में स्वर्गीय श्री मोतीलाल वोरा जी का शोक मनाया जा रहा था उनके मरणोपरांत तीन दिवसीय शोक दिवस घोषित कर दिया गया था लेकिन तब उमरिया कांग्रेस अध्यक्ष राजेश शर्मा के नेतृत्व में युवा कांग्रेस के जीते हुए उम्मीदवार व पदाधिकारी जश्न मना रहे थे और इस जश्न में डीजे के साथ साथ मिठाइयां जुलूस पटाखे फोड़े जा रहे थे। वहीं जब दूसरे दिन जिलाध्यक्ष के कारनामें मीडिया की सुर्खियां बनी तो उसके बाद आनन-फानन में कांग्रेस प्रवक्ता ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा कि यह विजयी जुलूस नहीं बल्कि किसानों के समर्थन में रैली थी, लेकिन शायद कांग्रेस जिलाध्यक्ष यह भूल गए कि खुद के पार्टी के वरिष्ठ नेता 3 दिवसीय शोक में जिस तरह से जश्न मनाकर किसानों का समर्थन करने का दावा किया गया वह भी सवालों के घेरे में है जिसे डैमेज कंट्रोल करने वाले जिलाध्यक्ष स्वयं ही जानते हैं।
डीजे बजाकर मौत का जश्न :
नए कृषि अध्यादेश को लेकर माह भर से चल रहे आंदोलन में 34 किसानों की मृत्यु हो चुकी है पूरा देश मृत किसानों को श्रद्धांजलि दे रहा है लेकिन उमरिया कांग्रेस अध्यक्ष व उनके कुछ साथी फूल माला डीजे साउंड में फिल्मी संगीत बजाकर जश्न मना रहे थे जिसे लेकर शहर के गलियारों से लेकर राजनैतिक पार्टियों में चर्चाएं छिड़ी हुई हैं कि कैसा किसानों को समर्थन है जहां डीजे बजाकर फूल माला के साथ मिठाईयां बांटकर किसान आंदोलन का समर्थन करने का दावा कांग्रेसी जिलाध्यक्ष व उनके कुछ तथाकथित चाटुकार करने का दम भर रहे हैं।
अनुशासनहीनता की सीमा लांघ गए कांग्रेस जिलाध्यक्ष :
जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष पर पहले भी कई आरोप लग चुके हैं लेकिन एक बार अपने पार्टी के ही वरिष्ठ नेता के मरणोपरांत विजयी जुलूस निकालकर वे सुर्खियां बटोर रहे हैं जहां जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी के अनुशासन हीनता तो की ही साथ में किसान आंदोलन को भी बदनाम किया जिससे जिले के किसान व किसान नेताओं ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कांग्रेस पार्टी यदि किसानों का अपमान करने वाले अपने नेता राजेश शर्मा पर दंडात्मक कार्यवाही नहीं की तो किसान जिला कांग्रेस अध्यक्ष के विरुद्ध मोर्चा खोल देंगे।
बिना अनुमती निकला जुलूस :
भाजपा के नेताओं का आरोप है कि जिस तरह से कांग्रेस जिला अध्यक्ष के कारनामों के बाद भी उनके पार्टी में उनकी भूमिका आज भी सक्रिय है इससे अंदेशा लगाया जा सकता है कि कांग्रेस में अनुशासन नेताओं के कुर्तों की जेब में रहती है वहीं बिना प्रशासनिक अनुमति राजकीय शोक में जो जश्न मनाया गया है उस पर भी प्रशासन को कार्यवाही करनी चाहिए। ज्ञात हो कि जिला प्रशासन से जब इस संबंध में पूछा गया कि कांग्रेस के विजय जुलूस की अनुमति प्रशासन द्वारा प्रदान की गई है य नहीं तो प्रशासन ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा की अनुमति नहीं दी गई थी। अलबत्ता अब देखना होगा कि कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ प्रशासन क्या प्रतिक्रिया लेते हैं, लेकिन जिस तरह का कृत्य कांग्रेसी जिलाध्यक्ष सहित उनके अन्य नेताओं ने किया वो शर्मनाक है और कदाचरण की श्रेणी में आता है।
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