सच है तो कड़वा ही होगा, पर फिर भी जानना चाहिए

शहडोल|स्वच्छता को लेकर अक्सर खुद अपनी पीठ थपथपाने वाली नगर पालिका धनपुरी के एक अधिकारी से मैंने वार्ड नं. 1 में तहसील कॉलोनी की नाली की सफाई पिछले एक माह से नहीं होने का जिक्र किया, या उन्हें जानकारी दी। तो उनका जवाब था कि इतना तो आप फोन कर देते तो हो जाता।
मैंने उनसे सिर्फ इतना कहा कि यदि किसी गरीब के पास फोन ना हो या अधिकारी कर्मचारी का मोबाइल नंबर ही ना हो तो ?
ये हाल तब है जब कॉलोनी के ज्यादातर निवासियों ने अपने अपने घरों के सामने की नाली को खुद अपने खर्च से पैक करवा दिया है। केवल कुछ ही हिस्सा खुला है, उनके घरों के सामने जिन्होंने नाली को पैक नहीं करवाया है। पर तहसील कॉलोनी तो सिर्फ एक उदाहरण है, कई वार्डों और कॉलोनियों का यही हाल है। पर इसमें सफाई कर्मचारियों का तनिक भी दोष नहीं है क्योंकि उनकी ड्यूटी तो आए दिन अलग अलग कार्यक्रम स्थलों के लिए लगा दी जाती है, जिससे उनका मूल कार्य प्रभावित होना स्वभाविक है।


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