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MP//Rewa// RTI पावर – धारा 2(जे)(1) के तहत निरीक्षण में 121 बोरी अवैध धान जब्त // व्यापारी पप्पूलाल गुप्ता द्वारा कोट धान खरीदी केंद्र में बेचने के लिए लाई गई थी अवैध धान// जांच में स्वयं व्यापारी ने किया स्वीकार // RTI एक्टिविस्ट और फूड इंस्पेक्टर ने साथ मे किया निरीक्षण // मौके पर पाई गई कई अनियमितताएं।।

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रीवा जिला कलेक्टर डॉक्टर इलैयाराजा टी के अथक प्रयासों के बावजूद भी खरीदी केंद्रों में अनियमितता का दौर जारी है। सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के द्वारा फूड कंट्रोलर कार्यालय रीवा में सूचना का अधिकार लगाकर धारा 2(जे)(1) के तहत जिले के खरीदी केंद्रों के निरीक्षण के लिए की माग की गई थी। जिस पर आधिकारिक तौर पर पिछले दिनों फूड कंट्रोलर एमएनएच खान के द्वारा चोरहटा धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण करवाया गया। अन्य सभी ब्लॉक में निरीक्षण करने के लिए कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी फूड इंस्पेक्टर को अपने-अपने क्षेत्र में निरीक्षण के लिए निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में दिनांक 7 जनवरी 2021 को कटरा के नजदीक घूमा कैप में स्थित कोट धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया गया जिसमें व्यापक अनियमितता प्रकाश में आई है।

   धान आद्रता मापने की मशीन मिली खराब

  फूड इंस्पेक्टर नईगढ़ी आदित्य दहिया की उपस्थिति में आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी ने निरीक्षण किया तो मौके पर आर्द्रता मापने की सभी मशीनें खराब पाई गई। इलेक्ट्रॉनिक राड मशीन भी खराब पाई गई। वहां स्थित सर्वेयर से बात की गई तो बताया गया कि इसकी जानकारी सुपरवाइजर को दे दी गई है लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। जिससे यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है की आद्रता के नाम पर किसानों के साथ कैसे व्यवहार किया जा रहा होगा? जो मशीन आर्दता माप रही थी उसमें आर्द्रता 19 या 20 के आसपास बता रहा था।

  सिली हुई बोरी का वजन मानक स्तर से काफी कम मिला

   सबसे प्रमुख बाद बात यह है कि जहां किसानों से 41 किलो से लेकर 42 और 45 किलो तक धान खरीदी जाती है वहीं सिलाई के दौरान कोट धान खरीदी केंद्र घूमा कैप में स्थित धान खरीदी सेंटर पर बोरियों का वजन 36 किलो 200 ग्राम से लेकर 40 किलो 250 ग्राम तक पाया गया जिसमें ज्यादातर बोरिया 36 से 37 किलो के आसपास बजन की पाई गई। स्वाभाविक तौर पर यह प्रश्न उठना लाजिमी है कि आखिर जब किसानों से 41 किलो के लगभग धान खरीदी की जा रही है तो बोरियों में कम वजन की धान क्यों भरी जा रही है? सबसे बड़ी बात यह भी है कि घूमा कैप में ही डंप की जा रही है जिससे ट्रकों में इसकी तुलाई भी होना संभव नहीं है। अतः निश्चित तौर पर प्रति बोरी के हिसाब से ही धान डंप की जा रही होगी न कि ट्रक की वजन के हिसाब से। इससे घूमा कैप में कार्य करने वाले सुपरवाइजर और सर्वेयर के कार्य प्रणाली पर प्रश्न उठता है।

  पप्पूलाल व्यापारी की जब्त की गई 121 बोरी धान

   मौके पर निरीक्षण के दौरान एक पप्पूलाल नामक व्यापारी कि लगभग 121 बोरी धान जब्त की गई। मौके पर उपस्थित पप्पूलाल व्यापारी ने बताया कि वह कल से अपनी धान लेकर गया यहां पर आया था। पूछने पर पता चला कि वह धान किसी संजय सिंह नामक किसान के खाते में बेचने के लिए लाई गई थी। पप्पूलाल व्यापारी ने बताया कि वह 1650 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से धान की खरीदी किया है और उन्हीं के खाते में धान बेचने के लिए लाया है। निश्चित तौर पर ऐसे में संदेह उठना स्वाभाविक है और यह बात स्पष्ट हो गई कि धान किसान की न होकर एक व्यापारी की है जिसे फूड इंस्पेक्टर आदित्य दहिया के द्वारा तत्काल जप्त किया गया और चाकघाट के लिए रवाना कर दिया गया।

   कई कथित किसानों की धान डंप पड़ी मिली लेकिन किसान नदारद

   मौके पर कई किसानों की धान खरीदी केंद्र में डंप मिली लेकिन किसान वहां पर उपस्थित नहीं थे। कंप्यूटर ऑपरेटर मुलायम यादव के द्वारा बताया गया कि 3 किसान निर्मला सिंह भीटवा, बागीश दत्त पहिलपार, और भुवन तिवारी कोट अपनी धान लाकर यहां पर छोड़ दिए हैं और मौके पर नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि कोई भी किसान जब अपनी धान लेकर आता है तो उस धान की सुरक्षा में कोई लेबर बैठा देता है। ऐसा कोई भी किसान नहीं होगा जो अपनी धान किसी भी खरीदी केंद्र पर मात्र कंप्यूटर ऑपरेटर मुलायम यादव और खरीदी केंद्र प्रभारी के हवाले छोड़ कर चला जाए। अब यहां जिन किसानों की होना बताया गया है उन किसानों की है अथवा नहीं यह स्वयं भी जांच का विषय है। ज्यादातर उपस्थित लोगों का यह कहना था कि यह धान व्यापारी वर्ग की है जो रात का इंतजार कर रही है और रात में इसे तौल कर दी जाएगी।

   खरीदी केंद्रों में भ्रष्टाचार चरम पर

   वैसे देखा जाए तो जिला प्रशासन और जिला कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी के द्वारा खरीदी केंद्रों पर व्यवस्था के लिए कहा गया है। लेकिन खरीदी केंद्रों पर मनमानी का दौर जारी है जहां न तो किसानों के लिए कोई समुचित व्यवस्था होती है और न ही सही तरीके से तौल की जा रही है। कई जगह किसानों से तुलाई के नाम पर अधिक राशि ली जाती है और साथ में धान की तुलाई 40 किलो किलो 600 ग्राम से काफी अधिक ली जाती है। अभी पिछले साल धान खरीदी केंद्र मागी क्रमांक 3 में सैकड़ों किसानों की लगभग 30 हज़ार कुंटल से अधिक धान लूट करवा दी गई जिसमें खरीदी केंद्र प्रभारी, समिति प्रबंधक, सहकारिता विभाग और खाद विभाग के सहमति से कारनामा रचा गया। इसके बावजूद भी खरीदी केंद्रों पर कोई गंभीरता नहीं दिख रही है। ऐसे में अब देखना यह होगा कि जिला कलेक्टर इस प्रकार के बढ़ते हुए मामलों पर क्या कार्यवाही करते हैं? वैसे देखा जाए तो सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 2(जे)(1) के तहत आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी के द्वारा निरीक्षण करने से जिले के खरीदी केंद्रों में हड़कंप मच गया है।

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