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रेत माफियाओं का आतंक,वन अमले को 3 घंटे तक बंधक बनाकर रखा,हमले में वनपाल बुरी तरह घायल

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अनूपपुर ।जिले के कोयलांचल नगरी थाना भालूमाडा़ के अंतर्गत इन दिनों रेत माफियाओं का आतंक चरम सीमा पर है और रेत माफिया अवैध रेत का उत्खनन धड़ल्ले से कर रहे हैं यहां तक की वन अमला जब मुखबिर की सूचना पर इन्हें पकड़ने गया तो तो उन्हें ही मारपीट करते हुए 3 घंटे तक बंधक बनाकर रखा साथ ही ट्रैक्टर को भी बन अमले से छुडा़ कर ले जाए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

पुलिस ने किया अपराध दर्ज

इस संबंध में दिलीप कुमार ओगरे पिता स्वर्गीय झामलाल उग्र उम्र 45 वर्ष निवासी डबल स्टोरी सहायक परीक्षेत्र वन अधिकारी लतार ने अपने साथी हमराह कुशल प्रसाद मानिकपुरी बीट गार्ड मनोज कुमार चौधरी वनरक्षक के साथ रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि आज दिनांक 14 जनवरी 2021 को रात्रि करीब 1:30 बजे मुखबिर की सूचना पर अवैध रेत निकालने की सूचना मिला जिसको पकड़ने के लिए हम तीनों टाटा टियेगा कार से रवाना हुए जंगल हरद अंदर चकरी मोड नदी के पास पहुंचे तो एक ट्रैक्टर रेत से भरा हुआ आता दिखाई पड़ा जिसे रोकने पर उसके आगे आगे ओमनी गाड़ी सिल्वर कलर की आ रही थी ओमनी गाड़ी में सवार व्यक्ति उतरे जो गाड़ी के लाइट में देखें तो जमुना के बबुआ मुसलमान अमीन मुसलमान और दुर्गा बसोर थे उनके साथ सात आठ लोग लाठी लोहे की रॉड लेकर मेरे साथ एवं वन कर्मचारियों पर हमला कर दिए और लात घुसा लाठी से एवं पत्थर से मारे जिस पर मुझे दाएं आंख में के नीचे गंभीर चोटें आई हैं एवं पैर में चोटें आई हैं मारने पीटने के बाद उन लोगों ने हमारे मोबाइल छुड़ा कर रख लिया जिससे हमारा संपर्क वरिष्ठ अधिकारी एवं कनिष्ठ अधिकारियों से नहीं हो पाया इसके बाद उन्होंने 3:30 बजे तक हमें बंधक बनाकर रखा उसका ट्रैक्टर नदी में अवैध रेत के लिए गया था और जब ट्रैक्टर नदी में अवैध रेत लेकर बाहर निकलवाने के बाद हमें मुक्त किया गया एवं हमें धमकी दी गई कि पुलिस में रिपोर्ट करोगे तो ठीक नहीं होगा और इधर दोबारा ट्रैक्टर पकड़ने आए तो जान से खत्म कर देंगे हमारी पुलिस में ऊंची पहुंच है उक्त मारपीट में वन कर्मियों को गंभीर चोटें लगी हैं पुलिस ने धारा 341 353 294 323 506 34 कायम कर मामले की जांच विवेचना की जा रही है उक्त घटना के बाद समस्त बन अधिकारी कर्मचारी बीट लतार में एकत्र होकर कहा कि पुलिस ने हमारी सभी बातों को नहीं लिखा अगर हम लोगों के साथ न्याय नहीं हुआ तो हम न्याय के लिए आंदोलन भी करेंगे।

ओमनी कार में थे माफिया :

वनकर्मियों ने ट्रेक्टर को देखकर जानने का प्रयास किया तभी सामने से सिल्वर रंग की ओमनी गाड़ी आ रही थी, जिसमें सवार व्यक्ति उतरे, गाड़ी के लाईट से देखा तो जमुना के बबुआ मुसलमान व अमीन मुसलमान व दुर्गा बसोर थे। उन्होंने वनकर्मियों की गाड़ी को रास्ते में ही रोक लिया उनसे जब वनकर्मियों ने बोला कि क्यो रोका है तो बबुआ, अमीन व दुर्गा तीनों वनकर्मियों को बुरी-बुरी गालियां देने लगे।

फिर किया पत्थर से वार :

वनकर्मियों ने इस घटना का विरोध किया और गाली देने से मना किया तो ये सभी मारपीट करने लगे तथा बबुआ ने वहीं पड़े पत्थर को उठाकर मारा जो दिलीप के दाहिने गाल में आंख के नीचे लगा और खून बहने लगा, तब-तक उनके साथी तीन अन्य लोगों को लेकर आ गये वे लोग भी गंदी-गंदी गाली देकर हाथ मुक्का से मारपीट करने लगे।

जान से मारने की धमकी :

रेत माफियाओं का विरोध करना व भू-संपदा की सुरक्षा करना वनकर्मियों के लिए काल बनकर खड़ा हो गया, मारपीट करने के बाद भी माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि जान से मारने की धमकी भी देते गये। माफिया बोल रहे थे कि तुम लोग यदि दुबारा इधर रेत का ट्रेक्टर पकड़ने आओगे तो जान से खत्म कर देंगे। उन लोगों ने रेत के ट्रेक्टर पर कार्यवाही करने से वनकर्मियों को रोककर रखा, जिससे शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। तब वे लोग रेत का ट्रेक्टर लेकर ले गये, मारपीट से परिक्षेत्र सहायक के दाहिने आंख के नीचे, गाल में तथा बाये पैर के घुटने के नीचे चोट आई, मनोज कुमार के दाहिने तरफ पीठ में, कुशल मानिकपुरी के दाहिने हाथ के कोहनी में दर्द है।

उच्चाधिकारियों को दी जानकारी :

उक्त घटना के संबंध में रात्रि को ही वनकर्मियों ने रेंजर कल्याण सिंह को दी, जिसके बाद थाना भालुमाड़ा पहुंच कर शिकायत की, जहां पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए तीन नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 353, 294, 323, 506, 34 के तहत् मामला कायम कर विवेचना की जा रही है, जिसमें मुख्य रूप से बबुआ मुसलमान, अमीन मुसलमान, दुर्गा बसोर है, जिनकी तलाश की जा रही है।

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