MP//Rewa// टूरिज्म एक्टिविस्ट सर्वेश सोनी ने बताया सिस्टम की कमियां, कहा उन्ही के मामले से सिस्टम की खुली पोल // थर्सडे आरटीआई मीट का हुआ आयोजन // एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी, अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा और शिवेंद्र मिश्रा सहित देशभर के दर्जनों पार्टिसिपेंट्स ने साझा किए अपने अनुभव

सूचना के अधिकार जन जागरण को लेकर प्रत्येक बृहस्पतिवार सुबह 9:00 बजे से 10:00 बजे तक वेबीनार का आयोजन किया जा रहा है। इस बीच दिनांक 28 जनवरी 2021 को टूरिज्म एक्टिविस्ट सर्वेश सोनी, अधिवक्ता शिवेंद्र मिश्रा और नित्यानंद मिश्रा एवं सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी सहित ग्वालियर से राज तिवारी, इंदौर से महेंद्र गुप्ता, यूपी से मेघराज सिंह आदि दर्जनों पार्टिसिपेंट्स ने अपने अपने अनुभव साझा किए और उपस्थित आगंतुकों की समस्याओं का भी समाधान किया।
टूरिज्म एक्टिविस्ट सर्वेश सोनी ने साझा किए अपने अनुभव बताया पूरा सिस्टम सड़ चुका है
इस बीच कार्यक्रम में सम्मिलित हुए रीवा जिले से टूरिज्म एक्टिविस्ट सर्वेश सोनी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वह एक संविदा के पोस्ट मास्टर के जॉब पर कार्य कर रहे थे उस समय उन्हें एक टूरिज्म सम्बन्धी लोकार्पण कार्यक्रम में पूर्व विधायक राजेंद्र शुक्ला के साथ सम्मान समारोह में बुलाया गया था लेकिन तत्कालीन जिला कलेक्टर रीवा प्रीति मैथिल नायक, एसडीएम नीलमणि अग्निहोत्री, डीएफओ विपिन पटेल और सिरमौर थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने राजनीतिक मातहतों के साथ षडयंत्र कर उनके ऊपर फर्जी एफ आई आर दर्ज करवा दी जिसमें तत्कालीन चुनाव के संदर्भ में आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी एफ आई आर दर्ज करवाई गई। इसके बाद उन्हें काफी मानसिक पीड़ा सहन करनी पड़ी और वह एक अपराधी की तरह फरार घूमते रहे तत्पश्चात हाईकोर्ट से उन्हें अग्रिम जमानत मिली एवं हाईकोर्ट ने सर्वेश सोनी को क्लीन चिट देकर एफ आई आर भी क्वेश कर दिया।
हाईकोर्ट के क्लीन चिट के बाद सर्वेश सोनी ने कलेक्टर एसडीएम और थाना प्रभारी के विरुद्ध खोला मोर्चा
सर्वेश सोनी ने बताया कि उन्होंने पर्यावरण, जल जंगल जमीन से जुड़े मुद्दों को निरंतर उठाया जिसके चलते राजनीतिक पहुंच रखने वाले लोगों की अतिक्रमण की शिकायत की जिसके विरुद्ध जनहित याचिका लगाने के बाद राजनीतिक रसूखदारों पर एफ आई आर दर्ज की गई और व्यापक उत्खनन एवं परिवहन का मामला प्रकाश में आया था। जिसके चलते सर्वेश के ऊपर राजनीतिक षड्यंत्र कर एफ आई आर दर्ज करवा कर उनकी आवाज को बंद करने का प्रयास किया गया। परंतु सर्वेश सोनी ने अपनी लड़ाई जारी रखी और हाईकोर्ट ने ससम्मान उन्हें बरी किया और अब उन्होंने तत्कालीन रीवा कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक, तत्कालीन सिरमौर एसडीएम और वर्तमान सिरमौर एसडीएम नीलमणि अग्निहोत्री, तत्कालीन वन मंडल अधिकारी विपिन पटेल एवं तत्कालीन थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल के विरुद्ध मोर्चा खोल लिया है और जिला न्यायालय रीवा में परिवाद दायर कर दिया है।
डीओपीटी ले रहा खोज खबर, रीवा कमिश्नर और कलेक्टर के छूटे पसीने
सर्वेश सोनी ने बताया कि उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग डीओपीटी में कलेक्टर एसडीएम और तत्कालीन थाना प्रभारी के विरुद्ध दर्जनों शिकायत की थी और साथ में कुछ शिकायतें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भेजी थी जिसके बाद डीओपीटी और आयोग ने संज्ञान लिया है और मध्य प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को डीओपीटी के माध्यम से पत्राचार किए जा रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद भी जिला कलेक्टर रीवा एवं कमिश्नर रीवा के द्वारा सर्वेश सोनी के मामले में उनका बयान लेकर मामले को दबाए जाने का प्रयास किए जा रहे हैं। सर्वेश सोनी ने बताया कि उन्होंने आईएएस अधिकारियों के ऊपर अभियोजन स्वीकृति के लिए मध्यप्रदेश शासन से पत्राचार किया था जिस पर अभी तक अभियोजन स्वीकृति नहीं दी गई है लेकिन ऐसे में उनके बयान और कमिश्नर रीवा संभाग की रिपोर्ट अहम हो जाती है।
यद्यपि सर्वेश का बयान तो जिला कलेक्टर रीवा एवं संभाग आयुक्त रीवा के द्वारा ले लिया गया है लेकिन अभी तक अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जा रही है जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि उनके बयान के बाद तत्कालीन कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक, तत्कालीन एसडीएम नीलमणि अग्निहोत्री, तत्कालीन डीएफओ विपिन पटेल एवं तत्कालीन थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल की जिम्मेदारी किस प्रकार तय की जाएगी।

Subscribe to my channel
Comments are closed.