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धारा 4 के 17 पॉइंट्स मैन्युअल का निरीक्षण न करवाने पर एडीएम इला तिवारी को जारी हुआ नोटिस // राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह की बड़ी कार्यवाही // तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी डिप्टी कलेक्टर अरविंद झा को भी जारी हुआ नोटिस

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सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 2(जे)(1) के तहत आरटीआई की धारा 4(1)(बी) में संधारित्र किए जाने वाले 17 पॉइंट्स मैनुअल के निरीक्षण के विषय में आरटीआई आवेदक आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी द्वारा दायर की गई थी। इस विषय में जिला कलेक्टर रीवा के तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी अरविंद कुमार झा के द्वारा समस्त विभाग प्रमुखों को पत्र जारी कर आवेदक को 17 पॉइंट्स मैनुअल का निरीक्षण कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया था। परंतु आधिकारिक तौर पर जिला कलेक्टर रीवा और न ही किसी विभाग प्रमुख ने समय सीमा पर 17 पॉइंट्स मैनुअल का निरीक्षण करवाया जिसके चलते आवेदक के द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारी जिला कलेक्टर रीवा श्रीमती इला तिवारी के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। प्रथम अपील पर भी समय सीमा पर निराकरण न किए जाने के चलते आवेदक के द्वारा मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह के समक्ष द्वितीय एवं अंतिम अपील प्रस्तुत की गई थी। जिसके चलते दिनांक 17 फरवरी 2021 को आयोग द्वारा सुनवाई नियत की गई है जिसमें ऑडियो कॉलिंग के माध्यम से सुनवाई की जाएगी। तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर अरविंद झा को भी नोटिस जारी हुई है साथ में प्रथम अपीलीय अधिकारी इला तिवारी को भी नोटिस जारी कर उपस्थित होने के लिए आदेशित किया गया है। अब देखना यह होगा कि सूचना के अधिकार अधिनियम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए धारा 4 के तहत लोक प्राधिकारियों और विभागों के द्वारा जो जानकारी स्वतः ही वेबपोर्टल एवं अन्य माध्यमों से साझा किए जाने हेतु नियम बनाए गए थे उसका कितना दूर तक पालन किया जा रहा है क्योंकि आपको बता दें की धारा 4 के तहत 17 पॉइंट मैनुअल भी उन्हीं मूलभूत कर्तव्य में से हैं जिन्हें लोक प्राधिकारीयों के द्वारा अपने संबंधित विभाग में रखना पड़ेगा जिसे किसी भी समय कोई भी आरटीआई आवेदक कभी भी अवलोकन कर सकता है। लेकिन जिस प्रकार जिला कलेक्टर रीवा के कार्यालय और साथ में संबंधित अन्य विभाग प्रमुखों के कार्यालयों में यह व्यवस्था नहीं पाई गई है इससे साफ जाहिर है कि आरटीआई कानून के 16 वर्ष के उपरांत भी इस कानून के प्रति लोक प्राधिकारियों द्वारा अवहेलना की जा रही है। आगामी दिनांक 17 फरवरी 2021 की सुनवाई में यह बात स्पष्ट हो जाएगी कि कार्यालय कलेक्टर और रीवा जिला के विभिन्न विभागों में आरटीआई कानून का पालन किस हद तक किया जा रहा है। निश्चित तौर पर 17 फरवरी दिन बुधवार को होने वाली सुनवाई में सूचना आयुक्त राहुल सिंह के आदेश पर सभी की नजर टिकी रहेंगी।


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