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MP//Rewa // RTI Breaking – कलेक्टर रीवा इलैयाराजा टी सुनिश्चित कराएं व्यवस्था, आरटीआई धारा 4 के 17 पॉइंट्स मैन्युअल की जानकारी संधारित्र कर कराएं निरीक्षण // सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने दिया आदेश, कहा एक सप्ताह में व्यवस्था नही की तो सभी 36 विभाग प्रमुखों को लगेगा 25 हज़ार प्रत्येक को जुर्माना // 17 फरवरी को 12:30 बजे हुई ऑनलाइन सुनवाई।।

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मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी बनाम लोक सूचना अधिकारी कलेक्टर रीवा से सम्बंधित धारा 4 के तहत संधारित्र किए जाने वाले 17 पॉइंट्स मैनुअल के विषय में द्वितीय अपील की सुनवाई की। सुनवाई में अपीलार्थी के साथ तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर अरविंद कुमार झा एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी श्रीमती इला तिवारी उपस्थित रहे। मामले की सुनवाई ऑडियो कॉलिंग और फेसबुक लाइव के माध्यम से की गई।

    सुनवाई में आये चौंकाने वाले तथ्य, कार्यालयों में 17 पॉइंट्स मैनुअल ही संधारित्र नहीं 

      सुनवाई के दौरान कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए जिसमें तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी अरविंद कुमार झा द्वारा बताया गया कि उन्होंने अपीलकर्ता के आवेदन के बाद संबंधित विभाग प्रमुखों को 17 पॉइंट्स मैनुअल संधारित्र किए जाने वाले और इसे निरीक्षण करवाने हेतु आदेश जारी कर दिया था लेकिन उनके आदेश पर कोई कंप्लायंस नहीं हुआ। इसके बाद जब आवेदनकरता ने प्रथम अपील एडिशनल कलेक्टर इला तिवारी के समक्ष की तो पुनः दूसरा रिमाइंडर पत्र जारी हुआ। परंतु इसके बावजूद भी न तो 17 पॉइंट्स मैनुअल संधारित्र किए गए और न ही इनका निरीक्षण करवाया गया। इस बीच सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने आरटीआई कानून की धारा 4 का हवाला देकर बताया कि कानून की मंशा के अनुरूप ज्यादा से ज्यादा जानकारी और अन्य माध्यमों से फ्री आफ कॉस्ट साझा की जानी चाहिए लेकिन आरटीआई कानून के 16 वर्ष के बाद भी जो व्यवस्था 120 दिन के भीतर हो जानी चाहिए थी वह आज 16 वर्ष बाद भी नहीं हो पाई है।

   एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था करें सुनिश्चित वरना होगी जुर्माने की कार्यवाही – सूचना आयुक्त राहुल सिंह

       इस बीच सभी पक्षों को सुनने के बाद सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने कहा की एडीएम इला तिवारी सूचना आयोग को उन समस्त विभाग प्रमुखों के नाम और विभागों के नाम की सूची आयोग को भेजें जिन्हें डीम्ड पीआईओ बनाया गया था. 17 पॉइंटस मैनुअल की जानकारी संधारित करने के लिए 1 सप्ताह का समय देते हुए राहुल सिंह ने कहा कि यदि व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती तो सभी विभाग प्रमुखों को धारा 5(4), 5(5) के तहत डीम्ड पीआईओ मानते हुए प्रत्येक को 25 हज़ार रुपये के जुर्माने की कार्यवाही की जाएगी। 

  कलेक्टर इलैयाराजा टी को व्यवस्था दुरुस्त करने बनाया जिम्मेदार 

   सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने कहा कि जिस प्रकार एडीएम इला तिवारी के आदेश का भी विभाग प्रमुखों की कार्यशैली पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और व्यवस्थाएं सुनिश्चित नहीं की गई है इससे साफ जाहिर है कि उनके आदेश से कोई फर्क नहीं पड़ता है। इसलिए संपूर्ण व्यवस्था के लिए अब कलेक्टर को जिम्मेदार माना जाएगा और डॉक्टर इलैयाराजा टी को नोटिस जारी की जाएगी कि वह सभी विभागों में 1 सप्ताह के भीतर व्यवस्था सुनिश्चित करें। आरटीआई कानून के प्रति लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर अफसरों के ऊपर जुर्माने और अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

 राहुल सिंह के आदेश पर टिकी रहेंगी सबकी नजर

     अब देखना यह होगा कि 17 फरवरी 2021 को ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फेसबुक लाइव के माध्यम से की गई सूचना आयोग की सुनवाई में जिस प्रकार अधिकारी असहाय नजर आए और 17 पॉइंट्स मैनुअल संधारित्र करने की जो बाध्यताएं लोक पदाधिकारियों के समक्ष होती हैं उसे पूरा करने में असमर्थ पाए गए, इसके बाद क्या यह सभी व्यवस्थाएं अगले 1 सप्ताह के अंदर उपलब्ध की जाएंगी? जाहिर है जिस प्रकार राहुल सिंह ने मामले में कलेक्टर को भी जिम्मेदार बताया है ऐसे में सभी की निगाहें अब अगले सप्ताह आयोग की होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी रहेंगी। आरटीआई कानून की मंशा के अनुरूप धारा 4 के तहत अधिक से अधिक जानकारी पब्लिक पोर्टल पर साझा की जाए जिससे आम नागरिक को जानकारी प्राप्त करने के लिए परेशान न होना पड़े। परंतु जिस प्रकार आज सूचना के अधिकार कानून के 16 वर्ष के बाद भी यह व्यवस्थाएं विभिन्न कार्यालयों में उपलब्ध नहीं हो पाई हैं इससे पूरे कानून के इंप्लीमेंट करने की सरकारी विभागों और स्वयं सरकार की मंशा पर ही प्रश्नचिन्ह खड़ा हो जाता है।

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