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सुन लो चौथे स्तम्भ वाले कर्मीयों करो मेरी चाटुकारिता , दक्षिण वन मंडल डीएफओ का फरमान

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मेरे विपक्ष में छाप तो खैर नहीं दक्षिण वन मंडल मे आने नही दुंगी

अखिलेश कुमार शर्मा मो.नं.(7999140850)

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में माफियाओ के विरूद्व कार्यवाही के निर्देष दिए थे। तथा भ्रष्ट अधिकारी व एैसे अधिकारी जो अपने कार्य के प्रति निष्क्रिय व उदासीन हो उनकी जानकारी दे उस पर कार्यवाही होगी हमारी मीडिया स्वतंत्र है जो भी अधिकारी हमारे मीडिया कर्मीयों से अभद्रता करता है उस पर कडी कार्यवाही की जायेगी वहीं जिसके परिपालन में प्रदेश से रेत माफिया, भू-माफिया, लापरवाह अधिकारियों ,भ्रष्ट अधिकारीयों में खलबली मच गई है। वास्तव में यह शिव तांडव है। चंबल से नर्मदा तक रेत चोरों में सन्नाटा है। भूमाफिया, रेत माफिया शराब माफिया छुपने लगे हैं। ऐसा हम नही बल्कि निष्पक्ष समाचार पत्रों से और मीडिया के अन्य साधनों के प्रचार से दिखने लगा है। मुख्यमंत्री के एक संकेत पर भ्रष्ट अधिकारी,अपने कार्य के प्रति निष्क्रिय अधिकारी को हटाया जा रहा है। लेकिन कुछ विभागों के छोटे अधिकारी व कर्मचारी इन दिनों अपने पद का उपयोग निष्पक्ष पत्रकारो पर दबाव बनाने मे कर रहे हैं एैसा ही ताजा मामला प्रकाश में आया है दक्षिण वन मंडल डीएफओ नेहा श्रीवास्तव का जो की शहडोल जिले के निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकार भाईयो पर दवाब बना कर आपनी चाटूकारीता करवाने के लिए नये नये आदेश अपने कार्यालय में चस्पा करवां रही हैं |

शहडोल | हमेशा से सुर्खियो मे रहने वाला वन मंडल एक बार फिर आया सुर्खियो मे हमेशा से वन मंडल मे भ्रष्टाचार की कुछ न कुछ भ्रष्टाचार सुनने को मिल जाता है कभी पुष्पा सिंह चौहान रेंजर का आडीयो वायरल तो कभी उमरिया डीएफओ आर के सिकरवार का करोडो का तालाव घोटाला इन सब का आखिर किसने किया खुलासा, तो जवाव है शहडोल जिले के निर्भीक निष्पक्ष पत्रकार भाईयो ने वन मंडल मे हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया वही वन मंत्री ने कार्यवाही करते हुए उमरिया डीएफओ आर. के. सिकरवार एवं उत्तर वन मंडल डीएफओ देवांशु शेखर को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच भी चालु कर दिया गया है पर अब लगता है समय बदल गया है दक्षिण वन मंडल डीएफओ शहडोल नेहा श्रीवास्तव जिले की निर्भीक निष्पक्ष पत्रकार भाईयो पर दवाब बना कर अपनी चाटूकारीता करवाने का दबाव बना रही हैं एैसा हम नहीं स्वयम दक्षिण वन मंडल डीएफओ नेहा श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ अधिमान्य पत्रकार श्री नारेद्र तिवारी के बीच हुई बातचीत का जो आडियो मीडिया मे वायरल हो रहा है उसे सुनने को बाद आप भी कह सकते हैं |

हमारे फेवर मे जो पत्रकार खबर छापेगा वही कार्यालय मे आ सकता है बाकियों की तो…?

जो मिडीया में आडियो वायरल हो रहा है उस आडियो को सुनने को बाद यह कहा जा सकता है कि दक्षिण वन मंडल डीएफओ नेहा श्रीवास्तव अपने पद के अहंकार में इतनी मदमस्त हो गयी हैं कि संविधान के चौथे स्तम्भ को अपनी दबंगयी के आगे लाचार बेबस,दबाव बनाने का प्रयास करने मे लगी है मैडम नेहा श्रीवास्तव एक डीएफओ हो कर शहडोल जिले के एक अधिमान्य पत्रकार से सरा सर छुठ बोल रही है कभी कहती हैं हम चाहते हैं तो कभी कहती हैं पूर्व डीएफओ के आदेश का पालन हम भी कर रहे हैं बिना हमारी आनुमती के कोई भी पत्रकार दक्षिण वन मंडल कार्यालय मे प्रवेश नही कर सकता है वही पत्रकार हमारे कार्यालय मे प्रवेश कर सकता है जो हमारे पक्ष में खबर छापता हो या यूं कहे कि जो हमारी चाटूकारीता करे वही हमारे कार्यालय मे प्रवेश कर सकते हैं |

वन विभाग संभाग शहडोल के कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ने किया कार्य शाला का बहिष्कार सौपा ज्ञापन

वन विभाग संभाग शहडोल के कर्मचारी संघ के संभागीय अध्यक्ष हरेंद्र कुमार रैकवार ,अनिल तिवारी ने किया था कार्यशाला का बहिष्कार कार्यशाला को फिर से चालू कराने हेतु मुख्य वन संरक्षक महोदय श्री पीके वर्मा जी को ज्ञापन सौंपकर कार्यशाला लगाने निवेदन किया जिस पर मुख्य संरक्षक महोदय ने कर्मचारी संघ के नेताओं को भरोसा दिलाया की पुनः कार्यशाला को प्रारंभ करने हेतु वरिष्ठ कार्यालय को सूचित कर पुनः कार्यशाला प्रारंभ की जाएगी |

कार्यशाला से नदारत रही डीएफओ नेहा श्रीवास्तव , खबर प्रकाशित करने पर भडकी पत्रकार पर

सुत्रो की माने तो मामला 22/2/2021 को मासिक कार्यशाला मे नदारत रही दक्षिण वन मंडल डीएफओ नेहा श्रीवास्तव जिसकी जानकारी शहडोल जिले के वरिष्ठ पत्रकार भाई संजीव निगम को लगी जो कार्य शाला मे जाकर वीडियो बना कर मुख्य वन संरक्षक संभाग शहडोल पी. के. वर्मा जी का वर्जन लेकर खबर का प्रकाशन अपने समाचार पत्र मे कर दिये वहीं अध्यक्ष वन कर्मी हरेन्द्र ने इस कार्यशाला का बहिष्कार भी किया |फिर क्या दक्षिण वन मंडल डीएफओ नेहा श्रीवास्तव आपने खिलाफ चली खबर पढने के बाद एैसी भडकी की आदेश चस्पा कर वा दिया |

खबर का खंडन छपवाने के जुगाड मे डीएफओ

सुत्रो से मिली जानकारी के अनुसार अपने खिलाफ छपी खबर का खंडन छपवाने कुछ पत्रकारो से मिल रही मैडम अब देखना यह है कि वह कौन सा चाटुकार पत्रकार है जो सत्य खबर का खंडन दक्षिण वन मंडल डीएफओ की चाटूकारीता कर खबर का खंडन करता है |

संभल जाओ शहडोल जिले के पत्रकारो, अब अधिकारीयो के चरणवंदन कर करो चाटूकारीता पत्रकारिता की तो खैर नहीं

आज का जो भी दक्षिण वन मंडल डीएफओ नेहा श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ अधिमान्य पत्रकार श्री नारेद्र तिवारी के बीच हुई बातचीत का जो आडियो मीडिया मे वायरल हो रहा है उसे सुनने के बाद अब यही लग रहा है कि विभाग मे चाहे कितना भी भ्रष्टाचार अपने कार्यो को प्रति अधिकारी निष्क्रिय रहे किसी भी विभाग अंतर्गत क्षेत्र में कितना भी भ्रष्टाचार हो रहा हो पर खबर मत छापो क्यो की अधिकारीयो को उन भ्रष्टाचार से लाभ मिल रहा है और अगर धोखे से भी पत्रकारिता कर खबर छापे तो अधिकारी सीधे एक आदेश चस्पा कर वा देंगे जैसा की दक्षिण वन मंडल डीएफओ नेहा श्रीवास्तव ने अपने कार्यालय में चस्पा करवा दिया है कोई भी मीडिया कर्मी बिना अनुमति के कार्यकाल में प्रवेश नही कर सकता है |

इनका कहना है…..

डीएफओ नेहा श्रीवास्तव ने जो भी आरोप लगाया है वो इसलिए की कार्यशाला की खबर हमारे द्वारा चलाया गया था जो उनके विरुद्ध था इसी का आक्रोश मैडम ने दिखाया है हम पत्रकार हैं जो देखेगें वही लिखेगें सच हमेशा कडवा होता है मैने भी हमारे पत्रकार भाई और डीएफओ मैडम का बात चित का आडियो सुना है जिसमें मैडम साफ बोल रही है की जो हमारे पक्ष में छापे गा वही सिर्फ हमारे वन मंडल कार्यालय मे आ सकता है जो हमारे विपक्ष में छापेगा उसका आना निषेध है इसका सीधे मतलब यही है कि वन मंडल मे कितना बडा भी भ्रष्टाचार हो पर किसी ने कुछ छापा तो खैर नहीं चौथे स्तम्भ पर दक्षिण वन मंडल डीएफओ नेहा श्रीवास्तव दबाव बनाने का प्रयास कर रही है |

संजीव निगम
वरिष्ठ पत्रकार शहडोल

दक्षिण वन मंडल डीएफओ ने जो आदेश वन मंडल मे चस्पा कर वाया है वह बहुत ही निंदनीय है ये हम चौथे स्तम्भ का अपमान है हमारी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है जब की कोई भी शासकीय कार्यालय हो वहां मिडीया, आम जनता अपनी समस्या को उच्य अधिकारीयो को बताने जाती है पर डीएफओ मैडम ने एैसा आदेश आखिर क्यों दिया आखिर किस बात की चिन्ता है मैडम को वही मैडम सीधे बोलती है जो अखबार जो मीडिया कर्मी हमारे पक्ष में छापे गा वही सिर्फ हमारे वन मंडल कार्यालय मे आ सकता है |

नारेन्द्र तिवारी
वरिष्ठ अधिमान्य पत्रकार

एैसा आदेश डीएफओ द्वारा नही दिया जा सकता है मीडिया के प्रशनो का जवाव देना हर अधिकारी का दाइत्व है कार्यालय मे चस्पा आदेश के संबंध में जो भी कहा है उसके बारे में उनसे ही वर्जन लें तो अच्छा होगा रही बात चस्पा आदेश की तो वो किस डीएफओ ने आदेश दिया था मुझे इसका कोई आईडिया नही है मेरी जानकारी में ऐसा कोई आदेश नही दिया गया है मीडिया स्वतंत्र है मिडीया के प्रशनो का जवाव देना हर अधिकारी का दाइत्व है |

पी. के. वर्मा
सीसीएफ वन मंडल संभाग शहडोल

वन मंडल मे होरहे भ्रष्टाचार के साथ अगले अंक में पढे………

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