60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों एवं 45 वर्ष से 59 वर्ष के गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों का निःशुल्क कोविड-19 टीकाकरण प्रारंभ

शहडोल:- जिले मे 01 मार्च से 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों एवं 45 वर्ष से 59 वर्ष के गंभीर
बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों का निःशुल्क कोविड-19 टीकाकरण प्रारंभ किया जा रहा है। जो कि सप्ताह में
04 दिन (सोमवार, बुधवार, गुरूवार,शनिवार) टीका लगयाया जाएगा।
पात्र हितग्राही-
• 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति (1 जनवरी 2020)
ऐसे व्यक्ति जिनकी दिनांक 01 जनवरी 2022 को उम्र 45 वर्ष से 59 वर्ष होगी तथा वे हितग्राही अगर
निम्न स्वास्थ्य समस्याओं में से किसी एक समस्या में से किसी एक समस्या से ग्रसित है तो वह
कोविड-19 टीका लगवाने हेतु पात्र होगें। इसके लिए उन्हें RMP चिकित्सक का प्रमाण पत्र प्रस्तुत
करना होगा। (उम्र की गणना जिन हितग्राही की उम्र 01 जनवरी 2022 को 45 वर्ष होगी उन्हें भी
टीकाकरण में सम्मिलित किया जावेगा)।
चिन्हित बीमारी-
1. हृदय संबंधी रोग जिसके लिए विगत 1 वर्ष में हास्पिटल में भर्ती रहना पड़ा हो।
2. हदय प्रत्यारोपण या पेसमेकर लगाया गया हो।
3. हृदय संकुचन संबंधी गंभीर विकार ।
4. हृदय वाल्व संबंधी गंभीर या मध्यम विकार।
5. जन्मजात हृदय रोग के साथ पल्मोनरी आर्टरी उच्च रक्तचाप।
6. दिल की नसों की बीमारी/वासपास/दिल का दौरा एवं उच्च रक्तचाप/शुगर की बीमारी के लिये
दवायें ले रहें व्यक्ति।
7. एंजाइना के साथ हाइपरटेंशन/शुगर रोगी।
8. सी.टी./एम.आर.आई. परीक्षण में ब्रेन स्ट्रोक ज्ञात व्यक्ति जो उच्च रक्तचाप एवं शुगर का उपचार ले
रहे हो।
9. पल्मोनरी आर्टरी हायपरटेंशन के साथ उच्च रक्तचाप एवं शुगर ।
10. 10 वर्ष से शुगर एवं जटिलताओं तथा उच्च रक्तचाप का उपचार ले रहे व्यक्ति ।
11. किडनी/लीवर/स्टेमसेल प्रत्योरोपित अथवा प्रतीक्षरत व्यक्ति।
12. डायलिसिस एवं किडनी के गंभीर रोगी।
13. लम्बे समय से ओरल कार्टिको स्टेरायड/रोग प्रतिरोधक क्षमता में कम करने वाली दवाई ले रहे
व्यक्ति।
14. गंभीर लीवर सिरोसिसि रोगी।
15. गंभीर श्वसन तंत्र रोगी जिन्हें विगत 02 वर्षों में भर्ती किया गया हो।
16. लिम्फोमा/ल्यूकीमिया/मायलोमा के रोगी।
-17. कैंसर की गठान अथवा/1 जुलाई 2020 के बाद ज्ञात हो/कैंसर का उपचा ले रहे रोगी।
18. सिकलसेल/बोन मेरो फेल्योर/एप्लास्टिक एनीमिया/थैलीसीमिया मेजर रोगी।
19. प्रारंभिक अवस्था के रोगी जिनको रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी/एच.आई.वी. संक्रमित हो।
20. दिव्यांग व्यक्ति जिन्हें सहायता की जरूरत हो/मांसपेशियों की अशक्तता/मूक वधिर/एसिड अटेक
पीडित जिनमें श्वसन तंत्र प्रभावित हो।


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