भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

MP//Rewa – व्योहरा ग्राम पंचायत में एक बार फिर आयोजित हुई सोशल ऑडिट जनसुनवाई// राजस्व, बिजली से लेकर पीएचई और पंचायत विभाग की समस्याओं पर हुआ फोकस // सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी और अन्य गणमान्य सदस्यों की उस्पथिति में हुआ आयोजन

279
Above News

रीवा जिला अंतर्गत रायपुर कर्चुलियान ब्लाक की व्योहरा ग्राम पंचायत में जनसमस्याओं को लेकर एक बार पुनः सोशल ऑडिट और जनसुनवाई का आयोजन किया गया. इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी की उपस्थिति में सरपंच विष्णु कुमार प्रजापति, सचिव उषा पटेल प्रतिनिधि रामनारायण पटेल, भूतपूर्व सरपंच श्री त्रिवेणी प्रसाद पटेल, सामाजिक कार्यकर्ता शैलेन्द्र पटेल, लालजी पटेल, राजेश पटेल, पत्रकार शैलेन्द्र पटेल, हीरालाल पटेल, रामसजीवन पटेल, जिग्यांशु पाण्डेय, शुखम्बर बंसल, रामानुज पटेल, अरुणेन्द्र पटेल, सहित सैकड़ों लोग एकत्रित हुए.

  सोशल ऑडिट जनसुनवाई के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने अपनी समस्याएं बतायीं जिसमे सड़क, बिजली पानी, पीएम सम्मान निधि, राशन की समस्या, पटवारी की समस्या, नाली की समस्या से लेकर पेंशन और आवास तक सम्मिलित थे.
  कागज़ में बन गयी 4 लाख की सड़क, मौके पर मिला कीचड़

    ग्राम पंचायत व्योहरा में परसा ग्राम के बगीचे के पास से आगे  राजमणि तिवारी के घर से हेमराज शर्मा के घर तक सड़क ऐसी मिली जो पिछली 2015 के पहले पंचवर्षीय में बन चुकी थी लेकिन मौके पर कोई कार्य नहीं दिखा. ग्रामवाशी शैलेन्द्र पटेल द्वारा बताया गया की इस सड़क के लिए लगभग 4 लाख रूपये का एस्टीमेट बनाया गया था लेकिन पूरा पैसा हजम कर लिया गया परन्तु पीसीसी सड़क निर्माण का कार्य नहीं कराया गया. स्वयं सरपंच विष्णु कुमार प्रजापति और सचिव प्रतिनिधि रामनारायण पटेल ने भी बताया की जब से उनको नयी पंचायत का कार्यकाल हाशिल हुआ है तब से वह सड़क ऐसी ही पड़ी हुई है क्योंकि कागज में पीसीसी सड़क निर्माण होने से आगे की राशि सेंक्सन नहीं हुई है. हालांकि उपस्थित ग्रामवासियों ने जांच कर कार्यवाही की माग की है और उच्चाधिकारियों को शिकायत करने के लिए प्रस्ताव बनाया है.
 8 लाख की पीसीसी सड़क पर पूरी तरह उखड़ी मिली, सरपंच-सचिव ने कहा सिचाई नहीं हुई इसलिए उखड़ गयी

    यदि वर्तमान पंचायत के कार्यकाल की बात करें तो वर्ष 2015 से प्रारंभ हुए कार्यकाल में भी कई कार्यों में भ्रष्टाचार परिलक्षित हुआ है. हालाँकि इसके पहले पिछले वर्ष हुई सोशल ऑडिट जनसुनवाई के दौरान भी ग्राम पंचायत व्योहरा के वर्तमान कार्यकाल में भ्रष्टाचार का मामला उठा था जिसकी पहले भी सीईओ जिला पंचायत से लेकर कमिश्नर, कलेक्टर और उच्च अधिकारियों तक कंप्लेंट की जा चुकी है और अभी भी कार्यवाही नहीं हुई है और प्रचलन में है. फिर भी इस बार भी सोशल ऑडिट में यह 8 लाख की दो क़िस्त में बनायी गयी राजेश पटेल के घर से राजमणि तिवारी के घर तक  पीसीसी सड़क चर्चा का विषय रही. त्रिवेणी प्रसाद पटेल, लालजी पटेल, राजेश पटेल आदि  लोगों ने सड़क को लेकर प्रश्न खड़े किये और आरोप लगाया की घटिया सामग्री और गुणवत्ताविहीन कार्य की वजह से समस्या हुई है. यदि कार्य सही कराया जाता तो पीसीसी सड़क की यह दुर्दशा नहीं होती. 

  पटवारी सत्यम सिंह से ग्राम पंचायत वासी हैं त्रस्त, जल्द हटाये जाने की माग

    जहां पंचायती कार्यों को लेकर लोगों में आक्रोश दिखा वहीँ इस बार पटवारी और राजस्व विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी लोग काफी नाखुस दिखे. सावित्री पटेल, राम्प्रसन्न पाण्डेय, लालावती पाण्डेय, बाबूलाल पटेल, प्रभाकर पटेल, बालबिहारी पटेल, पुष्कल पटेल, मनीष पटेल, अत्रमुनी यादव, छोटेलाल पटेल, कमलावती पटेल, नीलेश कुमार पटेल, सुरेश कुमार पटेल, शिवप्रसाद साकेत आदि ने जहां बताया की उनकी पीएम सम्मान निधि की कोई राशि अब तक उनके खातों में नहीं आई है वहीँ रामसजीवन पटेल, जीवनलाल पटेल, अर्चना पटेल, गिरिजा पटेल की जमीन का वर्षों से नक्सा तर्मीन ही नहीं हुआ है. जनसुनवाई और सोशल ऑडिट में नामान्तरण बटवारे के भी मामले प्रकाश में आये जहां छोटेलाल पटेल, कमलेश्वर पटेल ने बताया की उनका बटवारा नामांतरण का कार्य नहीं हुआ है. मुन्नालाल कोरी, रामजियावन साकेत, राकेश पटेल ने बताया की उनका सीमांकन का कार्य लटका पडा हुआ है जबकि कई बार तहसील और पटवारी को आवेदन कर चुके हैं. इन्दर पटेल ने बताया की उनका खसरा पटवारी और ऑपरेटर की गलती की वजह से बिगड़ा है लेकिन उसमे कोई सुधार नहीं किया जा रहा है. सुखम्बरबंसल, वीरेन्द्र पटेल और अंकित पटेल ने बताया की उनका राशन कार्ड नहीं बना है और उनका खाद्यान नहीं मिल रहा है. बताया गया की आईडी में गलती हुई थी लेकिन न तो सचिव रोजगार सहायक ने सुधार किया और न ही तहसील ब्लाक से कार्यवाही हुई है.

    इस प्रकार उपस्थित सभी ग्राम पंचायत वासियों ने पटवारी सत्यम सिंह हल्का व्योहरा को हटाये जाने के लिए माग की है. सचिव के प्रतिनिधि रामनारायण पटेल ने बताया की तहसीलदार भी उनकी बातों में ध्यान नहीं देते जबकि यह सब समस्याएं उनके संज्ञान में ला चुके हैं. तहसीलदार स्वयं ऐसे पटवारियों को संरक्षण दे रहे हैं. ग्रामवासियों ने तत्काल पटवारी सत्यम सिंह को हल्का से हटाने की माग की है. बताया गया की पटवारी कभी भी ग्राम पंचायत भवन में नहीं बैठता है जबकि शासन का निर्देश है की सभी पटवारी हफ्ते में दो दिन ग्राम पंचायत भवन में बैठेंगे. हीरालाल पटेल ने बताया की उनकी जमीन बैंक कर्ज के चलते बंधक बनी हुई थी लेकिन कर्ज चुकाने के बाद भी पटवारी आर आई ने जमीन को बंधक से मुक्त नहीं किया है. कई बार उन्होंने इसके विषय में अवगत कराया है लेकिन पटवारी कार्यवाही नहीं कर रहा मात्र आजकल कर रहा है. राजस्व विभाग से सम्बंधित सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें की गयीं थीं लेकिन उन्हें भी फोर्स्ड क्लोज कर दिया जता है. कुछ सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें – 14949605, 14949713, 14313461, 14937140, 13106797  आदि हैं.

  हरिजन बस्ती में बिजली के खम्भे गड़े हैं पर तार केबल नहीं, मनमानी पर उतारू बिजली विभाग

   हरिजन बस्ती व्योहरा में लगभग 250 से अधिक लोगों की आवादी है लेकिन वहां अन्धेरा पसरा रहता है. इसके पहले किसी योजना अंतर्गत 25 केवी के ट्रांसफार्मर लगाने और विद्युतीकरण किये जाने का प्रावधान बस्ती में आया था लेकिन कोई ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया है. मात्र ठेकेदार खम्बे गाड़कर चला गया है जिसमे कोई केबल-तार नहीं खींचे गए हैं. शिवप्रसाद साकेत और अन्य हरिजन बस्ती के सदस्यों ने बताया की उनका ग्राम वार्ड क्रमांक 20 में आता है जिसकी समस्याओं को लेकर कई बार पंचायत और बिजली विभाग को सीएम हेल्पलाइन आदि माध्यमों से अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई है.
    सरकारी जमीन पर कब्जा कर रास्ता किया बाधित, शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं

   वहीँ एक मामला ग्राम पंचायत व्योहरा में ग्राम व्योहरा 460 की शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा का भी सोशल ऑडिट जनसुनवाई में सामने आया जिसमे स्वयं सरपंच विष्णु प्रजापति और सचिव प्रतिनिधि रामनारायण पटेल द्वारा बताया गया की उन्होंने इस विषय पर थाना से लेकर राजस्व विभाग में शिकायत की थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गयी. बताया गया की रामजियामन साकेत पिटा रामानुज साकेत द्वारा शासकीय भूमि पर अपना निजी घर बनाया गया जिसके कारण आम सरकारी रास्ता बाधित हो गया है. सभी ने कार्यवाही की माग की.

पीएम सड़क बनाए जाने की उठी माग

   परसा ग्राम के बगीचे से लेकर पड़रिया ग्राम तक लगभग 3 किमी सड़क मार्ग कच्चा है जिसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पद रहा है. बताया गया की इस बीच लगभग 3 ग्राम आते हैं और साथ में लगभग 2500 लोगों की आवादी प्रभावित है. इस 3 किमी सड़क के बीच आंगनवाड़ी केंद्र, शासकीय स्कूल, हॉस्पिटल और अन्य शासकीय भवन भी आते हैं. बताया गया की कच्चा मार्ग होने से यदि कोई कभी बीमार पड़ जाये अथवा कोई डिलीवरी का केस आ जाय तो भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. न तो बच्चे स्कूल जा पाते क्योंकि बारिश में वाहन नहीं आ पाते और बुजुर्गों को भी काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. सोशल ऑडिट जनसुनवाई में एकत्रित लोगों ने इस 3 किमी सड़क मार्ग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जोड़कर तत्काल बनाए जाने की माग की है जिससे आम नागरिको को आवागमन में असुविधा न हो और विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके.

जिला कलेक्टर कार्यवाही करें नहीं तो ग्रामीण करेंगे आन्दोलन

    इस बीच उपस्थित ग्राम पंचायत वासियों ने कहा की समस्या पर जिला कलेक्टर रीवा को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और इस बाबत सभी ने जिला कलेक्टर के नाम एक प्रपोजल भी तैयार कर कार्यवाही की मांग की है. बताया गया की मामला अब कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा जिस पर तत्काल कार्यवाही की मांग की जाएगी. यदि 7 दिवस के भीतर कार्यवाही नहीं की जाती है तो कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा और आन्दोलन होगा जिसकी समस्त जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी. 

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper