MP//Rewa// नईगढ़ी के अकौरी ग्राम पंचायत में आयोजित हुई पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई // लाखों का भ्रष्टाचार आया सामने, जनता ने एक स्वर में जांच की माग की// निकम्मे विभागों और बढ़ते भ्रष्टाचार के चलते गरीबों और पात्रों को नहीं मिल रहे योजनाओं का लाभ – शिवानंद द्विवेदी
दिनांक 24 सितंबर 2021 को रीवा जिला अंतर्गत नईगढ़ी जनपद के अकौरी ग्राम पंचायत में पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई का कार्यक्रम रखा गया। इस बीच काफी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित हुए। उपस्थित ग्रामीण जनों ने जिन समस्याओं की विस्तार से चर्चा की उनमें से पंचायती निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार, पीसीसी सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार, ग्रेवल सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार, स्कूल बाउंड्री वाल निर्माण में अनियमितता और भ्रष्टाचार, अकौरी मोड़ से माध्यमिक विद्यालय और करकहा नाला कटरा-मऊगंज मुख्य मार्ग तक पहुंच मार्ग, नल जल योजना में करोड़ों रुपए का कार्य के बावजूद आम जन को पानी न मिलना, मधेला टोला से महापात्र टोला की पीसीसी और आर सी सी सड़क समस्या, स्कूल के दक्षिण तरफ से कुएं से पानी का नाला बनकर जलभराव की समस्या, शौचालय, आवास की समस्या, हितग्राही मूलक योजनाओं में भ्रष्टाचार की समस्या, ग्राम सभा की मीटिंग हुए बिना ही ग्राम सभा का प्रस्ताव पारित कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृत तैयार कर राशि के गबन की समस्या, राजस्व विभाग से संबंधित समस्या, खसरा, नामांतरण, किसान सम्मान निधि की समस्या, मधेला टोला वार्ड क्रमांक 14 में वर्ष 2013-14 में बिजली विभाग द्वारा केवल खींचे जाने के बावजूद भी ट्रांसफार्मर न लगाया जाना और बिजली की समस्या मर्सल टोला में ईजीएस स्कूल टूट जाने की समस्या और इसी प्रकार अन्य दर्जनों समस्याओं को ग्रामीण जनों ने बयान किया और कार्यवाही की माग की.
पेंशन और राशन की समस्याओं को लेकर लगा अंबार
ग्राम पंचायत अकौरी जनपद पंचायत नईगढ़ी तहसील नईगढ़ी में दिनांक 24 सितंबर को आयोजित पब्लिक ऑडिट और जनसुनवाई कार्यक्रम में जिन समस्याओं का अंबार लगा उनमें से गरीब हरिजन आदिवासी पात्र परिवारों को किसी भी प्रकार की राशन पात्रता पर्ची का न होना और खाद्यान्न न मिलना और साथ में पात्र विधवा, वृद्ध और विकलांग व्यक्तियों को पेंशन न मिलना इस प्रकार सैकड़ों लोगों ने अपनी समस्याएं रखी। हालांकि हरिजन आदिवासी परिवारों को अनिवार्य रूप से मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के तहत उन 24 कैटेगरी में शामिल किया गया है जिसमें उन्हें खाद्यान्न मुफ्त में दिया जाना है लेकिन हरिजन आदिवासी और गोंड़ परिवार बहुतायत में पाए गए जिन्हें न तो राशन पात्रता पर्ची जारी हुई है और न ही उनके घर में वृद्ध विकलांग और विधवा को पेंशन ही दिया जा रहा है. कई विकलांग ऐसे भी मिले जिनका विकलांगता सर्टिफिकेट ही जारी नहीं हुआ है जिसकी वजह से उन्हें विकलांग पेंशन और अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है।
निकम्मे विभागों और बढ़ते भ्रष्टाचार के चलते गरीबों और पात्रों को नहीं मिल रहे योजनाओं का लाभ – शिवानंद द्विवेदी
पब्लिक ऑडिट और जनसुनवाई को संबोधित करते हुए सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के द्वारा कहा गया कि बहुतायत में योजनाएं ऐसी हैं जिनका लाभ गरीब जन को बड़ी आसानी से सरपंच सचिव के द्वारा थोड़ा सा प्रयास कर उपलब्ध कराया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। सामाजिक कार्यकर्ता ने प्रशासनिक विभागों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज जिस पब्लिक ऑडिट और जनसुनवाई में प्रशासन के उच्चाधिकारियों को उपस्थित होकर आम जन की भावनाओं को सुनते हुए उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना था उसके लिए आज जनता स्वयं एकत्रित होकर अपनी जन सुनवाई कर रही है यह बड़े ही शर्म और खेद की बात है. उन्होंने कहा की हालांकि यहां पर कोई भी अधिकारी प्रशासन की तरफ से नहीं आए हैं लेकिन समस्याओं को संकलित कर संबंधित जिला कलेक्टर रीवा डॉक्टर इलैया राजा टी और सीईओ जिला पंचायत स्वप्निल वानखेड़े के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और तत्काल कार्यवाही की माग की जाएगी।
अकौरी ग्राम में बिजली की भारी समस्या
इस बीच उपस्थित ग्रामीण जनों ने बिजली की समस्या के विषय में बताया कि उनके ग्राम में वर्षों पूर्व मात्र खंबे गाड़ दिए गए लेकिन न तो केवल डाली गई है और न ही बिजली सप्लाई की गई जिसके विषय में कई बार बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों सहित जिला प्रशासन को सूचित किया गया है लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। लोगों ने मांग की है कि उनके घरों में बिजली सप्लाई दी जाए और जो बिजली का बिल मनमाने ढंग से वसूल किया जा रहा है वह कम किया जाए।
पीएचई विभाग की नल जल योजना में नहीं है पानी
अकौरी ग्राम में उपस्थित ग्रामीण जनों ने जहां बिजली, सड़क, आवास, शौचालय की समस्या बताई वहीं पानी को लेकर भी बरसे. पानी की समस्या को लेकर ग्रामीण जनों ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत में पहले भी पानी की टंकी बनाई गई है और नलजल योजनाएं कागजों पर संचालित थी लेकिन पानी नहीं मिल रहा था और एक बार पुनः जल जीवन मिशन योजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च कर रिट्रोफिटिंग के तहत नल जल योजना संचालित होने का दावा किया जा रहा है और घर-घर मात्र नल की टोटी लगाकर छोड़ दिया गया है लेकिन कोई पानी की सप्लाई नहीं की गई है जबकि विभाग योजना को पूर्ण बता रहा है। इस विषय पर सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के द्वारा तत्काल मौके पर मऊगंज के कार्यपालन यंत्री जनार्दन प्रसाद द्विवेदी से चर्चा की गई और कार्य का ब्यौरा लिया गया जिसमें जनार्दन प्रसाद द्विवेदी के द्वारा बताया गया कि नल जल योजनाएं संचालित है लेकिन एक्टिविस्ट ने कहा कि इसका तत्काल इंजीनियर और एसडीओ को भेजकर जांच की जाए क्योंकि कहीं नल जल योजना संचालित नहीं है और मात्र कागजों पर ही चल रही है.
सोशल ऑडिट जनसुनवाई में यह रहे उपस्थित
ग्राम पंचायत अकौरी में 24 सितंबर को आयोजित पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई में मुख्य रूप से उपस्थित ग्रामीण जनों में पूर्व सरपंच वेदराज सिंह, मनोज कुमार पांडे, चंद्रमादिन चौरसिया, काशी प्रसाद चौरसिया, भुवनेश्वर प्रसाद तिवारी, गोपी तिवारी, बुद्धसेन नामदेव, निखिल कुमार तिवारी, राज बहोर तिवारी, राजेश तिवारी, सुरेंद्र कुमार चौरसिया, प्रेमवती गोंड़, उषा साकेत, सुलोचना साकेत, फूलवती गोंड़, बुधरजिया, द्रोपदी साकेत, मोतीलाल साकेत, अशोक यादव, भैयालाल साकेत, सूर्यभान विश्वकर्मा, बुद्धसेन गोंड़ सहित मीडिया कर्मी राहुल चतुर्वेदी, प्रियेश पांडे, संदीप द्विवेदी, कार्यक्रम के संयोजक शुभम चतुर्वेदी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। लोगों ने कहा है कि यदि प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं देता और पंचायत में भ्रष्टाचार सहित उनकी जन समस्याओं का समाधान नहीं करता तो बहुत ही जल्द एक बड़े जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा।





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