भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

ब्योहारी पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे प्रश्नचिंह
पत्रकार की समस्या समाधान के स्थान पर अभद्रता

265
Above News

शहडोल/ब्योहारी :- पुलिस प्रशासन की लापरवाही दिनों-दिन बढती ही जा रही है क्योंकि जब किसी सम्मानित पत्रकार की छोटी सी फरियाद ब्योहारी पुलिस सुनकर समाधान नहीं कर पा रही है तो भला आम आदमियों के साथ पुलिस का रवैया कैसा होता होगा ,इस बात का अंदाजा बड़ी आसानी से लगाया जा सकता है ।

देशबंधु ब्योहारी के जाने माने पत्रकार मोहम्मद चांद का किसी कारणवश पैन कार्ड, ड्रायविंग लायसेंस, आधार कार्ड के साथ कुछ राशि भी चोरी हो गई जिसकी सूचना मात्र देने वे ब्योहारी पुलिस थाने में गए जहां वहां पदस्थ गौतम मुंशी जी द्वारा पत्रकार से अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया गया एवं सूचना भी नहीं ली गई।
कारण तो कुछ भी हो सकता है चूंकि देशबंधु ने रियाज सिद्दिकी,ऊषा नामदेव एवं पूजा नामदेव के मामले में बेधड़क रूप से समाचार का प्रकाशन किया एवं यह भी बताना उचित ही होगा कि यह मामला गत तीन वर्षों से पुलिस की शिथिलता के कारण दबा हुआ था परंतु तीन वर्ष बाद जिले के तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश गोस्वामी जी के आदेशानुसार इस गंभीर प्रकरण में तीनों अपराधियों के विरूद्ध धारा 420,467,468,471,120 बी के तहत के अंतर्गत ब्योहारी पुलिस को प्राथमिकी आखिरकार ना चाहते हुए भी दर्ज करनी पड़ गई यहां पर काबिले गौर बात तो यह है कि रियाज सिद्दिकी,ऊषा नामदेव एवं पूजा नामदेव के विरुद्ध जब बराबर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई तो यह बात समझ में नहीं आ रही है कि केवल रियाज सिद्दिकी को ही जेल क्यों भेजा गया ऊषा नामदेव और पूजा नामदेव को घर पर ही रहकर जमानत का मौका क्यो दिया जा रहा है और इस मामले पर पुलिस के प्रति लोगों का संदेह दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है ।
आखिर वह कौन सा कारण हो सकता है जिसकी वजह से पूजा नामदेव और ऊषा नामदेव को महिला जेल तक नहीं जाने दिया जा रहा है परंतु हर व्यक्ति ब्योहारी पुलिस की इन हरकतों को आसानी से पहचान रहा है कि केवल भ्रष्टाचार ही एकमात्र कारण हो सकता है क्योंकि साधारण मामलों में गरीबों को परेशान कर डालने वाली ब्योहारी पुलिस इन गंभीर धाराओं के तहत पंजीकृत अपराधियों से सहानुभूति क्यों दिखला रही है ।
और इसके पूर्व भी ऐसे कई प्रकरण प्रकाश में आए हैं यह कोई पहला मामला नहीं है , एवं इसी समाचार को प्रकाशित करना शायद पुलिस को रास नहीं आ रहा है जिसके कारण देशबंधु के पत्रकार के साथ पुलिस द्वारा उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान भी नहीं दिया गया और विपरीत अवांछनीय वार्तालाप करके पत्रकार को अपमानित भी किया गया ।
इस बात से क्षुब्ध पत्रकार ने सी एम हेल्पलाइन में अपनी शिकायत को दर्ज करवाया अब यहां पर यही बात सबसे गंभीर हो जाती है कि जब एक पत्रकार को हेल्पलाइन की मदद लेनी ‌पड गई तो पीड़ित, शोषित और गरीब लोगों का भला क्या हाल किया जाता होगा । यहां तो अपराधियों को बचाने के लिए पुलिस आगे बढती है बजाय इसके कि उन्हें जेल में डाला जाय और एक साधारण सी सूचना वो भी पत्रकार से लेने में अभद्रता पर उतारू हो जाती है और यह महान कार्य करने का श्रेय ब्योहारी थाने में पदस्थ मुंशी गौतम जी को जाता है जिन्होने चौथे स्तंभ की बातों को अनसुना करते हुए अपमान तक कर डाला ।
इन सभी बातों से यह बात स्पष्ट होती है कि पुलिस अपने ‌उत्तरदायित्वो को‌ लेकर कितनी ज्यादा गंभीर है अन्यथा जब भी कोई सामाजिक व्यक्ति यह पूछने की चेष्टा करता है कि ऊषा और पूजा नामदेव को जेल क्यो नही भेजा जा रहा है तो उल्टे पूछने वाले को‌ ही डराना शुरू कर दिया जाता है यदि अपराधियों पर इसी प्रकार से ब्योहारी पुलिस सहानुभूति दिखलाती रही तो वह दिन दूर नहीं जबकि ब्योहारी में केवल अपराधियों का राज होगा और केवल अपराधियों की बात सुनी जाएगी फरियादियों की नहीं।
प्रश्न इस बात का उठता है कि इतने समय से पदस्थ मुंशी गौतम जी को क्या पत्रकारों की अहमियत का कोई अंदाजा नहीं है या वो किसी पत्रकार को पहचानते नहीं है क्योंकि मामले के बढ जाने पर यही कहा जाएगा कि हम पहचान नहीं पाए थे और धोखे से यह गलती हो गई परंतु इतना कहना ही पर्याप्त नहीं होगा क्योकि भारतीय न्याय व्यवस्था के अनुसार पुलिस चाहे किसी को पहचाने चाहे ना पहचाने सभी के साथ मानवता का और शालीनता का व्यवहार किया जाना चाहिए और अपराधियों को बचाने के स्थान पर‌ उन्हें उनकी वास्तविक जगह अवश्य‌ दिखलानी चाहिए , परंतु यहां तो लगता है कि फरियादी ही अपराधी है तभी तो राहुल, रियाज का प्रकरण इतने वर्षों से अधर में ही लटका रह गया था यदि समाचार पत्रों ने अपनी सक्रियता ना दिखलाई होती तो यह मामला तो करीब करीब दफ्न ही कर दिया गया था ।
पत्रकार से साथ अभद्रता का परिचय देना यही सिद्ध करता है कि कोई ना कोई खबर तो अवश्य ही पुलिस को चुभ रही होगी या फिर इसलिए कि समाचार पत्र पुलिस की इच्छानुसार कार्य नहीं कर रहे हैं ।
पुनः ‌पुलिस अधीक्षक तक पहुंचेगा मामला – पत्रकार की महत्ता और‌ शक्ति एवं सम्मान बचाने के लिए इस मामले को केवल‌ ब्योहारी तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा अभी तो यह शुरुआत की गई है कि सी एम हेल्पलाइन में शिकायत को दर्ज करवाया गया है इसकी विस्तृत वास्तविकता बतलाने के लिए देशबंधु पत्रकार के साथ हुई अभद्रता के इस मामले को जिले के पुलिस अधीक्षक तक तो अवश्य ही पहुंचाया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी फरियादी के साथ दुर्व्यवहार का यह खेल दोहराया ना जा सके।
ब्योहारी थाने क्षेत्र में दिनों-दिन विभिन्न प्रकार के अपराधों की जो भी बढ़ोतरी हुई है वह सब इसी प्रकार के कर्मचारियों और अधिकारियों के कारण ही हुई है चाहे वो‌ कोडीन फास्फेट की सप्लाई हो चाहे अवैध उत्खनन का मामला हो चाहे सायबर अपराध हो या चाहे किसी भी श्रेणी के ही अपराध क्यों ना हो उनमें वृद्धि ही हुई है तभी तो अब सारे अपराध खुलेआम होने शुरू हो गए हैं एवं अपराधियों के हौसले इतने‌ बुलंद हो चुके हैं कि उनका कहना है कि कोई भी अपराध कर लो‌ अगर जेब में नोटों का बंडल है तो चिंता की कोई बात नहीं है ।

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper