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जबलपुर की सोनिया ने कानपुर के अर्चित को किया ब्लैकमेल
40 लाख रुपए ना देने पर बालात्कार के आरोप में फंसाने की धमकी

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जबलपुर :- फेसबुक में चलती फिरती प्रेम-कहानी और लूट के मामले दिनों-दिन ‌तरक्की करते जा रहे हैं एवं इसी तारतम्य में मध्य प्रदेश के जबलपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर का एक पेचीदा मामला प्रकाश में आया हुआ है, इस कहानी में भी वही सब है जो फेसबुक जालसाजी के अन्य प्रेम प्रसंगों में पाया जाता है परंतु अंतर केवल इतना ही रह गया है कि अर्चित सलूजा पिता हरदीप सलूजा उम्र 22 वर्ष निवासी नजीराबाद कानपुर एवं सोनिया केशवानी उम्र 25 वर्ष निवासी लालमाटी जबलपुर ये दोनों ही अभी तक सुरक्षित है।
इस मामले में हुआ यह है पहले फेसबुक के माध्यम से हुई दोस्ती की शुरुआत ने बाद में ब्लैकमेलिंग का रूप लिया जिसमें करीब 5 लाख रु सोनिया केशवानी ‌पिता मनोहरलाल केशवानी लालमाटी जबलपुर के साथ हुए लेन देन के विवरण में ‌अर्चित‌ सलूजा द्वारा बतलाया गया है कि सोनिया नाम से एक फ्रैंड रिक्वेस्ट आई जिसे उसने एक्सेप्ट कर लिया एवं‌ यहीं से सोनिया केशवानी का अर्चित के‌ साथ इन्स्टाग्राम और‌ फेसबुक में चैटिंग का दौर शुरू हुआ धीरे धीरे अर्चित पूरी तरह से सोनिया के जाल‌ में फंसता चला गया सोनिया ने अपने आपको एक बहुत बड़ा बिजनेसमैन बतलाया उसने‌ अर्चित को यह बतलाया था कि जबलपुर में उसके‌ पिता जी का बहुत बड़ा बिजनेस है,एवं दूसरी ओर अर्चित ने स्पष्ट‌ तौर पर यह बात बतला‌ दी थी कि कानपुर में उसकी एक छोटी‌ सी दुकान है जिसे अर्चित एवं उसके पिता देखते हैं अभिप्राय यह कि अर्चित ने अपनी सारी जानकारी सोनिया को दे डाली ।
अब धीरे ‌धीरे बात मुख्य‌ मुद्दे पर आने लगी अर्थात पैसे पर आनी शुरू हुई जिसमें वही पुरानी घिसी‌ पिटी समस्या कि सोनिया केशवानी के पिता का व्यापार में बहुत बड़ा घाटा हो गया है एवं सोनिया को आर्थिक सहायता की आवश्यकता है एवं इस छल‌ कहानी की बिना जांच साधारण प्रकृति के अर्चित ने इस कहानी को सत्य तो मान लिया परंतु इतनी बड़ी रकम देने में अपनी असमर्थता बतलाई तो सोनिया ने अपनी दोस्ती का वास्ता देते हुए अर्चित को किसी भी प्रकार से 5 लाख रुपए देने के लिए विवश कर दिया जिसमें काफी द्रवित होते हुए अर्चित ने अपनी बात अपने मित्र योगेश सचदेवा पिता मोहन सचदेवा निवासी सिंधी कालोनी शास्त्रीनगर कानपुर को बतलाई निष्कर्ष में अर्चित ने अपने दोस्त से पैसै उधार लेकर आखिरकार पेटीएम और अकाउंट के माध्यम से किश्तों ‌में करीब 2 लाख रुपए सोनिया के अकाउंट में डाले , एवं‌ हर‌ धोखाधड़ी के प्रकरण की तरह इस प्रकरण में भी पैसों के वापसी वाले दौर में टाल मटोल का सिलसिला शुरू हो गया चूंकि अर्चित ने भी अपनी आर्थिक स्थिति की जानकारी देकर पैसे वापस मांगने चाहे परंतु सोनिया लगातार अपने बिजनेस के घाटे की बात करती रही एवं हालत सुधरने तक पैसे लौटाने की आस अर्चित‌ से लगवाए‌ रखी ।
1/10/2021 को सोनिया ने यह कहा कि वह अपने किसी व्यक्तिगत कार्य के लिए अपने भाई मनीष मेघवानी के साथ कानपुर आ रही है एवं इसी दरमियान एक नवीन षड़यंत्र की गोपनीय रचना करते हुए सोनिया एवं‌ मनीष मेघवानी कानपुर सिटी क्लब‌ पहुंच गए एवं उन्होंने दो कमरे भी बुक कराए‌ तथा अर्चित एवं‌ उसके मित्र योगेश सचदेवा को बुलवा भी लिया एवं सच से अंजान ये दोनों उनसे‌ मिलकर अपने‌ पैसे वापस लेने के उद्देश्य से चले‌ गए। वहां पर उसने एक और‌ नई बात पैदा कर दी कि उसके‌ साथ आया‌‌ हुआ युवक मनीष भाई नहीं अपितु उसका ब्वाय फ्रैंड है परंतु इस बात को टालते हुए अर्चित ने अपने पैसे मांगे जिस पर सोनिया ने यह कह दिया कि अभी यहां कुछ विशेष कार्य है जब मैं जबलपुर वापस चली जाऊंगी तो वहां से ही पैसों का भुगतान करूंगी, सोनिया ने एक और‌ दुखड़ा सुनाते हुए कि अब मनीष के लिए भी 20,000 की यहां अत्यंत आवश्यकता है,परंतु इस पर अर्चित ने अपनी असमर्थता बतला दी एवं अगले दिन मेघवानी के अकाउंट में अर्चित ने मानवता की भावना में आकर 3000 रुपए दिनांक 2/10/2021 को जमा कर दिए ।
शाम को जब अर्चित सिटी क्लब जाता है तो वहां पर मनीष का ही कोई अता पता नहीं था । जब सोनिया से अर्चित ने पूछा कि वह कहां गया तो उसने बतलाया कि पैसे की व्यवस्था करने गया है । दो दिन रुकने के बाद एवं इंतजार के बाद भी मनीष जब‌ वापस नहीं आया तो सोनिया ने आग्रह किया कि अर्चित उसे जबलपुर की ट्रेन में बैठा दे एवं जैसे ही वह जबलपुर पहुंचेगी उसका पैसा खाते में जमा कर देगी।
परंतु बात यहीं पर खत्म नहीं हुई सोनिया ने अर्चित की दुकान का पता लगा लिया था एवं वह उसके दुकान पर जाकर धमकाते हुए बोलने लगी कि उसे एक लाख रुपए की आवश्यकता है और यदि उसे एक लाख रुपए नहीं मिले तो वह पुलिस में प्रकरण दर्ज करवा देगी ।डरकर अर्चित ने कह दिया कि अकाउंट में वह पैसे भेज‌ देगा ।
उसके बाद जबलपुर पहुंचते ही सोनिया ने अर्चित को पुनः धमकाया और कहा कि उसकी वीडियो क्लिप मनीष ने बना ली है एवं यदि अर्चित 40 लाख रुपए नहीं दिया तो वह जबलपुर थाने में बालात्कार के आरोप में शिकायत दर्ज करवा देगी।
इस प्रकार से एक परिवाद अर्चित सलूजा ने सिविल कोर्ट कानपुर में दर्ज करवाया है ।
इन सभी विषयों को लेकर प्रार्थी के मामा विशाल अठहोत्र ने पुलिस अधीक्षक जबलपुर से लिखित आवेदन किया है की अर्चित सलूजा एवं पिता हरदीप सलूजा के जबलपुर महिला थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 80/2021 की निष्पक्ष जांच की जाए।

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