स्वास्थ्य विभाग का भवन दुर्दशा पर बहा रहा आंसू
लोक निर्माण और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का शिकार

शहडोल/ब्योहारी :- सूखा तिराहे पर स्वास्थ्य विभाग के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2011 करीब जिस भवन का निर्माण किया गया था आज वह भवन जीर्ण शीर्ण स्थिति में आ चुका है तथा किसी परित्यक्त भवन की तरह अब ढहने की प्रतीक्षा कर रहा है ।
विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने का यह उदाहरण बहुत ही अच्छा है क्योंकि यह स्वास्थ्य विभाग के लिए निर्मित करवाया गया था तो प्रश्न इस बात का उठता है कि क्या इस प्रकार से बने बनाए भवनों को उपेक्षित करने के लिए निर्माण कराया गया था ।
पूर्णरूपेण स्पष्ट रूप से यह कहा जा सकता है कि मिलजुलकर लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर भ्रष्टाचार किया है तभी तो इतने महत्वपूर्ण भवन को सब कुछ जानते हुए भी उपेक्षित करके रखा जा रहा है एवं क्या कर रहे हैं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और क्या करके रखा है लोक निर्माण विभाग ने।
जब भवनों के निर्माण के लिए निविदा निकालने का समय आता है और उसकी प्रक्रियाएं शुरू की जाती हैं तब ऐसे लगता है कि बहुत बड़े प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है तथा हजारों प्रकार की नियम शर्तें निर्मित कर दी जाती हैं ताकि निर्माण कार्य में कोई कमी ना हो जाए एवं निर्मित किया जाने वाला शासकीय भवन लोक कल्याण में कार्य आ सके परंतु ब्योहारी में भ्रष्टाचारी लोक निर्माण विभाग जो लोक विनाश के लिए बनाया गया है तथा यहां पर एस डी ओ वर्षा तिवारी को नियुक्त किया गया है जिनके पास किसी भी प्रश्न का कभी कोई जवाब नहीं रहता है यदि इन महोदया के कार्यालय में सूचना के अधिकार को लगाया जाय तो मैडम को गुस्सा आने लगता है तथा यदि कोई अधिकारी सूचना के अधिकार को लेने से मना करने लगे तो यह समझ जाना चाहिए कि भ्रष्टाचार किया जा चुका है ।
वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग है और वाह रे यहां पर पदस्थ बी एम ओ जब तक शासकीय योजनाओं की अर्थी ना निकल जाए तब तक इन रक्त शोषकों को आनंद ही नहीं आता है जबकि भवनों के निर्माण के बाद सभी को ज्ञात होता है कि भवन की देखरेख भी करनी होती है उनके सुधारीकरण एवं नवीकरणीय हेतु भी समय समय पर राशि भी प्रदान की जाती है परंतु भ्रष्टाचारियो द्वारा शासकीय भवन के स्थान पर अपने स्वयं के घरों की साज सज्जा में उस राशि का उपयोग कर लिया जाता है बाकि लोक कल्याण गया भाड़ में ।
इन मामलों में अवश्य ही सतर्कता आयोग की तरफ से एक भवन सतर्कता टीम का गठन किया जाना चाहिए जिससे कि ब्योहारी के भ्रष्ट लोक निर्माण विभाग जैसे भ्रष्ट अधिकारियों को जेल भेजा जा सके जो कि गुणवत्ता हीन निर्माण कार्य करवाते हैं और दूसरी ओर उन विभागों को भी जेल की सलाखों के पीछे ठूंस दिया जाना चाहिए जो कि भवन निर्माण एवं परिसर विकास हेतु आई हुई राशि का दुरुपयोग करते हैं इसमें किसी प्रमाण की आवश्यकता भी नहीं है क्योंकि प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती है लोक निर्माण विभाग के कार्यों को तो खुलेआम ही देखा जा सकता है कि ये अधिकारी जैसे कि एस डी ओ वर्षा तिवारी हैं जिन्हें यह लगता है कि ब्योहारी जैसे स्थान में जागरूकता तो है ही नहीं और किसी को अभियांत्रिकी की कोई परख ही नहीं है इसलिए यहां पर जितने ज्यादा से ज्यादा घटिया गुणवत्ता के कार्य करवाए जा सकें उन्हें करवाया जाना चाहिए ।
तथा अब क्या बने बनाए भवन का प्रयोग करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अंधे हो गए हैं कि उन्हें जर्जर भवन की हालत दिखलाई ही नहीं दे रही है ।


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