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देवांता को मिला अंततः विष, अमृता हास्पिटल को किसने दिया प्रभु अमृत

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    शहडोल:- मध्यप्रदेश का पांचवीं सूची में दर्ज आदिवासी बहुल्य जिला जहां शहडोल जिला हास्पिटल को उत्तम व उत्कृष्ट अवार्डो से अलंकृत किया गया है साँथ ही शहडोल मेडिकल कॉलेज को माननीय मुख्यमंत्री के अथक प्रयास व स्वास्थ्य मंत्री प्रभु चौधरी एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के सहयोग से सम्पूर्ण सुविधा युक्त बनाया गया है जिससे आम जन का शासकीय मेडिकल कॉलेज व जिला हास्पिटल में विश्वास बढ़ा है सांथ ही कोविड कॉल में भी सभी शासकीय चिकित्सक शासकीय अधिकारी व कर्मचारियों ने परिस्थितियों से डट के लोहा लिया है बात करते है वर्तमान में शहडोल में प्राईवेट हास्पिटलों कि अभी की एक घटना है देवांता हास्पिटल की जहां मरीज की मौत के बाद भी वैंटीलेटर में रख के पैसा वसूला जा रहा था जिसकी भनक जब शासनिक प्रबंधन को लगी तब प्रशासन ने विषय को गंभीरता से लिया ओर हास्पिटल संचालक सहित सहयोगियों पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध करते हुए हास्पिटल को सील कर दिया समझने ओर जानने का विषय यह है की क्या मात्र देवांता में ही मरीज के अंत के बाद पैसे वसूलने का खेल होता रहा क्या शहडोल के तमाम हास्पिटल शासकीय दिशा निर्देशों का पालन कर रहे है क्या वर्तमान चिकित्सा विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा समय समय पर प्राइवेट हास्पिटलों को दी जाने वाली एन.ओ.सी से पहले विधिवत जांच की जाती रही है या जांच की गई है प्रश्न इसलिए उठता है की शहडोल जिले के ग्राम पिपरिया में स्थित अमृता हास्पिटल में मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री की योजनाओं में महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत आयूष योजना को दरकिनार करते हुए स्वयं की योजना चला रखी है ओर यहां तकी अम्रता हास्पिटल में स्वयं ही तय कर लिया जाता है की यहाँ प्रशासन व शासन द्वारा लागू कोई भी योजना का आधार आयूष में लागू है या नहीं जानकारी के अनुसार अमृता के एडमिनिस्ट्रेशन से चर्चा के दौरान यह कहा गया की शहडोल के सी.एम.एच.ओ द्वारा अमृता हास्पिटल से 50 हजार सलाना लिया जाता है सांथ ही अन्य प्राईवेट हास्पिटलों से 25 हजार रु सालाना लिया जाता है प्रश्न इस बात का उठाता है की अगर इस प्रकार का पैसा किसी भी हास्पिटल से लिया जा रहा था तो उन्होंने इस बात की शिकायत संबंधित विभाग में क्यों नहीं की.? आखिर अमृता हास्पिटल द्वारा लगातार इतने वर्षों से किस बात का पैसा सी.एम.एच.ओ को दिया जा रहा था..?आखिर एसा कौन सा विषय आया जिसमें अमृता हास्पिटल के एडमिनिस्ट्रेशन ने बेबाक शक्ति न्यूज को ये बयान दिया की अमृता हास्पिटल सहित अन्य हास्पिटलों से सालाना पैसों की उगाही सी.एम.एच.ओ द्वारा की जाती रही है एक बडा प्रश्न चिन्ह है..?

इनका कहना है :-
अभी कोविड के विषय में मीटिंग चल रही है आप से जल्द ही रिटर्न बात करता हूँ
एम.एस सागर सी.एम.एच.ओ शहडोल ।

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