भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

MP//Rewa – RTI की धारा 2(जे)(1) के तहत रीवा के धान खरीदी केन्द्रों के निरीक्षण के लिए जारी हुआ पत्र // एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी जिले के खरीदी केन्द्रों का अधिकारियों की उपस्थिति में करेंगे निरीक्षण // अपील पर जुर्माने और अनुशासनात्मक कार्यवाही से बचने के लिए RTI मामलों का समयबद्ध तरीके से निपटारा करें अधिकारी – शिवानन्द द्विवेदी

961
Above News

रीवा जिले में धान खरीदी केंद्रों में से कुछ निर्धारित धान खरीदी केंद्रों के निरीक्षण हेतु सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के द्वारा जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में आरटीआई दायर कर धारा 2(जे)(1) के तहत निरीक्षण हेतु आवेदन दिया गया था। इस बाबत दिनांक 21 दिसम्बर 2021 को फूड कंट्रोलर एवं लोक सूचना अधिकारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग रीवा से जारी पत्र में समस्त खाद्य निरीक्षक एवं फूड ऑफिसर को निर्देशित किया गया है कि वह प्रत्येक ब्लॉक से कुछ निर्धारित किए गए खरीदी केंद्रों का निरीक्षण अपने रेगुलर दौरे के दौरान शिवानंद द्विवेदी के साथ करवाएं एवं मौके का स्थल पंचनामा निरीक्षण पंचनामा एवं निरीक्षण रिपोर्ट विभाग को सौंपे। इस बाबत आवेदन में निरीक्षण के दौरान मीडिया कर्मियों की उपस्थिति एवं अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति के साथ फोटो वीडियो एवं अन्य दस्तावेज की प्रतियां भी लेने के लिए मांग की गई है जिसके विषय में फूड कंट्रोलर एवं लोक सूचना अधिकारी के द्वारा पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है। अब जबकि खरीदी 15 जनवरी 2022 तक चलने वाली है ऐसे में यह निरीक्षण कब होता है इस विषय पर ध्यान देना आवश्यक है। सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा बताया गया कि इसके पहले भी गेहूं खरीदी केंद्रों के निरीक्षण हेतु आरटीआई दायर की गई थी जिसका समय पर निरीक्षण न होने के कारण गेहूं की खरीदी का समय व्यतीत जाने से आरटीआई की नियमों की प्रक्रिया बाधित हुई है जिसके विषय में अपील भी राज्य सूचना आयोग में कर दी गई है। इस प्रकार आरटीआई कानून की धारा 2(जे)(1) जिसमें निरीक्षण का भी प्रावधान होता है एवं धारा 2(जे)(3) जिसमें कार्य के सैंपल लेने का भी प्रावधान होता है काफी महत्वपूर्ण धाराएं होती हैं जिसके तहत शासकीय कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़कर जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित होती है। ऐसे में विभागों के द्वारा निरीक्षण करवाए जाने एवं कार्यों का सैंपल देने में लापरवाही करने से मामले आयोग स्तर पर पहुंच जाते हैं जहां पर अधिकारियों के ऊपर जुर्माने एवं अन्य वैधानिक कार्यवाही की जाती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकारियों को इसमें सचेत रहने की जरूरत है और समय पर सभी आरटीआई आवेदनों का जवाब देने एवं निरीक्षण एवं सैंपल लिंग की जो प्रक्रिया आए हैं उसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने में ध्यान देना चाहिए।
आर टी आई की धारा 2(जे)(1) और 2(जे)(3) पर एक नजर
बता दें की सूचना के अधिकार कानून 2005 में धारा 6(1)/6(3) के तहत आवेदन करने का प्रावधान है. लेकिन यह कम लोगों को ही पता होता है की इस आवेदन के साथ न केवल आवेदक दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति और नकल प्राप्त कर सकते हैं बल्कि किसी कार्यालय, दस्तावेज अथवा शासकीय कार्य का अधिकारिक निरीक्षण भी कर सकते हैं और निरीक्षण के दौरान उस दस्तावेज अथवा कार्य की फोटो और वीडियो भी ले सकते हैं. इसी प्रकार आरटीआई की धारा 2(जे)(3) के तहत किसी कार्य का सैंपल लेने का भी प्रावधान होता है. जैसे यदि कोई निर्माण कार्य चल रहा है अथवा किसी खाद्य पदार्थ या फिर दवा की जांच की जानी है तो ऐसे में उसका सैंपल भी लिया जा सकता है. सैंपल लेने के बाद सील बंद तरीके से उस सैंपल की सम्बंधित लैब में जांच करवाई जाकर कार्यवाही की जा सकती है. एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी का कहना है की दस्तावेजों के कलेक्शन से ज्यादा बेहतर और उचित है धारा 2(जे)(1) और 2(जे)(3) के तहत निरीक्षण और सैंपल लेना. क्योंकि निरीक्षण के दौरान बहुत सी अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासकीय सुधार की गुंजाइश रहती है और गडबडी रोकी जा सकती है.

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper