तो आखिर भूमाफिया कौन शासकीय अधिकारी कर्मचारी या एक सामान्य व्यक्ति ……?
एसडीएम ने कहा भूअभिलेख में उक्त भूमि शासकीय मजकूर बंजर बगार अंकित,आदेश कर नामान्तर किया था निरस्त ……
शासकीय भूमि का तहसीलदार ने बना दिया पट्टा, साहब की ईमानदारी पर उठे कई सवाल…..?
अगर हम राजस्व से जुडे मामलो की पडताल करे तो कई भ्रष्टाचार की पोल खुल सकती है जी हां शहडोल जिले को छोड आज हम केवल शहडोल नगर की बात करे तो कई बडे भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है जबकी शहडोल संभागीय मुख्यालय भी है संभागीय एवं जिला अधिकारीयो का निवास स्थान भी है मुख्यालय शहडोल मे ही बडे बडे राजस्व के मामले मीडिया के माध्यम से समाचार पत्रो की मोटी मोटी हेडलाईन मे हम पढते है पर अगर कार्यवाही देखी जाय तो शुन्य आखिर क्यो क्या पत्रकारो द्वारा छापी गयी खबर छोटे से लेकर बडे अधिकारी सब पढते है पर कार्यवाही शुन्य जो प्रशासनीक अधिकारीयो की कार्यशैली पर कई बडे सवाल खडे करते है………
अखिलेश कुमार शर्मा (7999140850 )
शहडोल । नगर मे राजस्व विभाग की अगर पडताल करे तो आप स्वयंम अंदाजा लगा सकते है की शहडोल नगर मे राजस्व मे जम के भ्रष्टाचार चल रहा है कई तालाब भ्रष्टाचार की भेंठ चडगये तो शासकीय भूमि बिक कर पट्टा भी बन गया अब आप स्वयम अंदाजा लगाइये क्या एक सामान्य व्यक्ति जिसे लोग भूमाफिया कहते क्या एैसा कार्य कर सकता है जब तक राजस्व मे बैठा अधिकारी न चाहे तो जब तक राजस्व अधिकारी नही चाहेगा संभव नही और अगर चाह ले तो भ्रष्टाचार होना संभव है और एैसा ही हो रहा है सोहागपुर तहसील मे राजस्व अधिकारी शहडोल नहर मे शासकीय भूमि,शासकीय तालाबो को चंद रुपयो मे अपने जमिर को बेच जम के भ्रष्टाचार कर रहे है तो दोषी कौन …? शहडोल नगर का एक सामानय व्यक्ति या फिर प्रशासन मे बैठा राजस्व अधिकारी । मजे की बात तो यह है की जब भ्रष्टाचार का कोई मामला सुर्खियो मे आता है तो उस सामान्य व्यक्ति पर अपराध दर्ज हो जाता है पर जो राजस्व अधिकारी के हस्ताक्षर से भ्रष्टाचार हुआ उसपर कोई कार्यवाही नही होती आखिर क्यों ।अब आप स्वयंम अंदाजा लगाईये भूमाफिया कौन….? एक सामान्य व्यक्ति या प्रशासन मे बैठा राजस्व अधिकारी आखिर
भूमाफिया कौन …….?
राजस्व सेवा अभियान फेल ,लुट रही जनता
भले ही शहडोल संभाग मे राजस्व सेवा अभियान जोरो शोर से चल रहा हो और कमिश्नर महोदय राजस्व अभियान मे सराहनीय कार्य पर राजस्व अधिकारीयो की सराहना करते आरहे है वहीं राजस्व अधिकारी भी अपनी पीठ थप थपा रहे है कमिश्नर राजीव शर्मा द्वारा ग्रामीणो की समस्या को देखते हुये सराहनीय अभीयान चलाया था जिससे ग्रामीण गरीब जनता का भला हो जो सालो से तहसील के चक्कर लगा रहे है पर कमिश्नर राजीव शर्मा द्वारा चलाये गये राजस्व सेवा अभीयान मे गरीब जनता का नही बल्कि राजस्व अधिकारीयो का भला होता दिख रहा है तहसीलो मे जमके चलरहा भ्रष्टाचार या युं कहें की “जैसा काम वैसा दाम ” की तर्ज पर चल रही तहसील लुट रही जनता जेब भर रहे राजस्व अधिकारी।
एसडीएम के आदेश की उडारहे धज्जिंया
लंबे अर्से से यह देखा जा रहा है की तहसीलो मे छोटे से कामो के लिऐ भी सालो चक्कर लगाने पडते है या फिर किसी तहसील के दलाल की मदत से ही काम हो सकता है ।वही अगर हम कमिश्नर संभाग शहडोल द्वारा चलाये गये राजस्व सेवा अभियान की मैदानी हकिकत देखते है तो पता चलता है की राजस्व सेवा अभियान का लाभ गरीब ग्रामीण जनता को नही मिल रहा है बल्कि राजस्व अधिकारी जम के अपनी जेब भर रहे है । जिला मुख्यालय मे स्थित सोहागपुर तहसील का मामला प्रकाश मे आया है जहां एसडीएम के आदेश की तहसीलदार ने धज्जियां उडा दी । एसडीएम सोहागपुर ने ग्राम नवलपुर खसरा नंबर 1539/1पटवारी हल्का नवलपुर 63 रा.नि. म. कंचनपुर राजस्व आदेश क्र.0004/अ-6/2019-20 आदेश में लिखा विक्रेता द्वारा आवेदित आराजी को बिना सक्षम अधिकारी अनुमति के बिना अवैध रूप से कालोनाइजर कर भू खंड विक्रय किया जा रहा है भूअभिलेख में उक्त भूमि शासकीय मजकूर बंजर बगार अंकित इसलिए नामान्तर करना उचित नही का आदेश कर नामान्तर निरस्त कर दिया गया था लेकिन कुछ दिन सोहागपुर तहसीलदार ने तो करिश्मा कर दिखाया एसडीएम के आदेश के विपरीत सोहागपुर तहसीलदार ने शासकीय मजकूर बंजर बगार की भूमि का पट्टा बना दिया आखिर कैसे शासकीय भूमि का पट्टा बना दिये तहसीलदार सोहागपुर।
पुर्व मे दर्ज हुआ था भूमाफिया पर मामला दर्ज
ग्राम नवलपुर खसरा नंबर 1539/1पटवारी हल्का नवलपुर 63 रा.नि. म. कंचनपुर भूमिस्वामी गोविंद साहू निवासी ग्राम नवलपुर भूमाफिया दलाल अभिषेक सोनी पिता राजेश चंद्र सोनी निवासी पटेल नगर शहडोल द्वारा षडयंत्र पूर्वक अधिकारियों से मिली भगत कर रजिस्टर्ड विक्रय पत्र पर बिना सक्षम अधिकारी के अनुमति अवैध रूप से लेनदेन कर वर्ष 2019 में 9 लोगो को विक्रय की थी जिसके नामान्तर एसडीएम ने निरस्त कर दिया था मामला काफी सुर्खियो मे रहा जिस पर विक्रेता व दलाल के विरुद्ध शिकायत पर प्रशाशन ने संज्ञान लेकर थाने में पुर्व मे अपराध 420,120 बी के तहत पंजीकरण किया था । अगर भूमाफियाओं का पुलिस मे रिकार्ड देखा जाय तो कोतवाली एवं सोहागपुर थानो मे कई सामान्य व्यक्तियो के नाम पर अपराध दर्ज मिल सकते है पर उन सभी मामलो मे किसी राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी का नाम नही होता आखिर क्यो और अगर हम शहडोल जिले की बात करे तो जिले के सभी थानो मे भूमाफिया से संबंधित मामले मिल सकते पर राजस्व अधिकारीयो का नाम कहीं भी नही मिलेगा एैसा क्यो जो जांच का विषय बना है ।
साहब ने किया विवेकाधिकार का उपयोग
जब शहडोल जिला मुख्यालय जहां कलेक्टर, एसडीएम अन्य आला अधिकारी बैठे हो वहां
इन आला अधिकारीयो के नाक के नीचे अगर भ्रष्टाचार होतो सवाल तो खडे होना संभव है मुख्यालय स्थित सोहागपुर तहसील मे तहसीलदार द्वारा भ्रष्टाचार किया जारहा है और आला अधिकारी अंजान क्या यह संभव हो सकता है जब सोहागपुर एसडीयम ने भूअभिलेख में उक्त भूमि शासकीय मजकूर बंजर बगार अंकित इसलिए नामान्तर करना उचित नही का आदेश कर नामान्तर निरस्त कर दिया गया था तो फिर कैसे सोहागपुर तहसीलदार लोकुश शुक्ला जी ने कैसे शासकीय भूमि पर इंदु अवस्थी पिता उमाशंकर अवस्थी खसरा नं.1539/1/2 रकवा 0.202 एक किता नविन ऋण पुस्तिका तैयार किया गया है न्यायालय तहसीलदार सोहागपुर वृत्त कंचनपुर के रा.प्र.क्र.0005/अ6/2021-2022आदेश दिनांक 04-06-2021एवं06/04/2021 द्वारा नामातरण स्वीकृत है आखिर एक शासकीय भूमि का नामांतरण और पट्टा कैसे बना तो कितने मे बिक गया साहब का ईमान। सुत्रो से मिली जानकारी के अनुसार सुना है तहसीलदार लोकुश शुक्ला का कार्यकाल जल्द समाप्त होने वाला है इसलिए जहां जहां से मिल रहा है उनका काम अपने विवेकाधिकार का उपयोग कर बेपरवाह धड़ल्ले से कर रहे है तहसीलदार साहब।
इनका कहना –
मोबाईल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया पर फोन नही उठा । लौकुश शुक्ला तहसीलदार सोहागपुर






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