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राजेन्द्रा कालोनी मे श्रमिको का परिवार प्रवंधन की उदासिनता से परेशान,तो कब लगेगा छतो पर डामर

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 कालोनी मे बने ब्लाकों की छतो का कार्य अधुरा, तो क्या करोडो का डामर खागये राजेन्द्रा सवेरीया एवं महाप्रवंधक

अखिलेश कुमार शर्मा (7999140850 )

 कालरी के श्रमिक अपना जीवन हथेली मे लेकर कालरी कर्मी कोयला खदानो मे जाकर कोयला खोद कर जहां कालरी का प्रोडेक्श बडाने मे दिन रात एक कर रहे है वही पानी टपकते छत के निचे रहने को मजबुर है कालरी कर्मी । राजेन्द्रा कोलमाइन्स मे बैठे सवेरीया -मैनेजर ठेकेदार की मलाई खा रहे है कालोनीयो मे बनी ब्लाकों की छतो की मरम्त के लिऐ डामर का करोडो का ठेका भी हुआ पर कुछ जगहो पर ठेकेदार ने छतो मे डामर लगवाया और कुछ जगहो की छतो को कुरेच कर छोड दिया बरसात मे छत से टपकता रहा पानी वही सुत्रो से यह भी पता चला की ठेकेदार का बील भी पास होगया पर काम आज भी अधुरा पडा राजेन्द्रा कालरी के सवेरीया-मैनेजर एवं सोहागपुर महाप्रवंधक की कार्यशैली पर कई सवाल खडा कर रहा है आखिर पुरा कार्य हुये बिल कैसे पास होगया ……?

शहडोल ।जिले के सोहागपुर कोयलांचल क्षेत्र अंतरगत राजेन्द्रा कालरी के श्रमिक इन दिनों राजेन्द्रा कालोनी मे बने मकाने मे अधुरे पडे छतो के लिए परेशान हो रहे हैं। कोल इंडिया की सहायक कंपनी एसईसीएल के सोहागपुर कोयलांचल क्षेत्र के राजेन्द्र नगर में सालो से क्वाटरो की खस्ताहाल छतो मे संकट की स्थिति बने रहने से कोयला खदानों के श्रमिक रोज इस चिंता में रहते हैं कि कब बरसात का पानी उनके क्वाटरों मे भर जायेगा कब नहीं। कई बार श्रमिकों को खराब हो रही छत के संकट के कारण अपनी ड्यूटी से भी छुट्टी लेनी पड़ती है। अभी तक करोड़ों रुपये इस क्षेत्र में क्वाटरो की छत पर डामर लगाने के नाम पर सिविल विभाग खर्च कर चुका है किंतु इनकी गलत योजनाओं और लापरवाही के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है।


छत मरमत के लिऐ करोडो का डामर लगाने का कार्य स्विकृत हुआ था

सोहागपुर ऐसीसीएल अंतरग राजेन्द्रनगर कालोनी वासी बेहत परेशानी का सामना कर रहे है जब की कोल प्रवंधक कालोनी वासियो को अच्छी व्यवस्थ की बात करते है पर मैदानी हकिकत बिल्कुल अलग है विगत दिनो पुर्व कालोनीवासी की मांग पर कालोनी की खराब हो रही बिलडींग की छत मरमत के लिऐ करोडो का डामर लगाने का कार्य स्विकृत हुआ जिससे कालरी कर्मीयो मे खुशी की लहर देखी गयी ठेकेदार ने अर्झूला मे बनी कालोनी के कुछ ब्लाकों की छत पर तो डामर लगवा दिया वही राजेन्द्र नगर कालोनी मे बने ब्लाकों के कुछ छतो मे भी डामर लगाया गया वही कुछ ब्लाक की छत को कुरेच कर साफ किया पर डामर लगाना छोड दिया गया जिससे कालोनी वासी बेहत परेशान है क्यो की बरसात का पानी सीधे क्वाटरो मे भर जाता है कईबार कालरी के नेताओं एवं राजेन्द्रा कालरी के सवेरीया एवं मैनेजर को कालोनी वासीयो ने बताया पर राजेन्द्रा कोल प्रवंधक द्वारा कोई कार्यवाही नही की जारही है । 

ठेकेदार की लापरवाही, कालरी के श्रमिक मे आक्रोश व्याप्त

सालो से कालरी के श्रमिकों से मिल रही शिकायत के बाद  खराब होरही छतो की मरम्त के लिऐ डामर लगाने का ठेका हुआ जिससे कालरी कर्मीयो मे हर्ष दिखा पर ठेकेदार की लापरवाही देखे तो बेबस लाचार कालरी के श्रमिक मे आक्रोश व्याप्त होता दिख रहा है अगर देखा जाय तो कमिशन के आगे राजेन्द्रा कोल प्रवंधक बेबस नजर आरहा है आखिर पुरा काम न होने के बाद भी कैसे बील पास हो गया सबसे बडा सवाल बना है वर्ष 2019-2020 मे कार्य का ठेका दिया गया पर आजतक कार्य पुरा न हो सका आखिर क्यो……..राजेन्द्रा कालोनी वासीयो ने सोहागपुर ऐसीसीएल महाप्रवंधक से मांग की है की छतो पर डामर लगवाया जाय।
लाखों खर्च, लेकिन बरसात में क्वाटरो मे भर जाता है बरसाती पानी 
 दैनिक जीवन में किसी भी इंसान के लिए सबसे मूलभूत आवश्यकता माकान की होती है और वह भी प्रबंधन की उदासीनता की भेंट चढ़ चुका है। सोहागपुर कोयलांचल क्षेत्र अंतरगत राजेन्द्रा कालरी के श्रमिक इन दिनों राजेन्द्रा कालोनी मे बने मकाने मे अधुरे पडे छतो के लिए परेशान हो रहे हैं  करोडो रुपये से क्वटरो की छत सुधार के लिऐ करोडो के डामर इनकी फ्लॉप योजना से कंपनी के लाखों रुपये डूब गए। कार्य पुरा नही पर ठेकेदार की बिलिंग कर उसमे भी पैसे का दुरुपयोग हुआ। अंत में परिणाम यह रहा कि आज बरसात के मौसम में भी कालरी के क्वाटरो मे भर रहा बरसाती पानी ।
श्रमिकों का आक्रोश आंदोलन के रूप में हो सकता है
 जहां दिन रात घर पर पानी का झमेला हो ऐसे में श्रमिक पूर्ण मानसिक तौर पर कैसे कोयला उत्पादन में अपना योगदान दे सकता है। प्रबंधन यदि सोहागपुर कोयलांचल क्षेत्र अंतरगत राजेन्द्रा कालरी के श्रमिक इन दिनों राजेन्द्रा कालोनी मे बने ब्लाको की छतो का सुधार पर्याप्त मात्रा में यदि नियमित श्रमिक आवासों में आपूर्ति के लिए उचित व्यवस्था अतिशीघ्र नहीं करता है तो किसी दिन श्रमिकों का आक्रोश आंदोलन के रूप में फुट पड़ेगा, जिसका जिम्मेदार प्रबंधन होगा।

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