झूठी शिकायत कर रणविजय को फंसानें की साजिश, जानिये क्या है पूनम की शिकायत का सच
शहड़ोल।आदिवासी वर्ग की सुरक्षा के लिये जहां तमाम कानून बनें हैं वहीं इस वर्ग के उत्थान के लिये सरकार द्वारा तमाम योजनाओं का संचालन किया है। लाखों करोडो रुपये खर्च करके सरकार इस वर्ग को समानांतर लानें के लिये निरंतर प्रतिबद्ध है। इस वर्ग के साथ किसी भी तरह से गलत ना हो सके इसके लिये तमाम कार्यालय भी बनें हुये हैं जहां इनकी सुनवाई होने के साथ उनकी शिकायतों व समस्याओं पर सुनवाई और कार्यवाही होती हैं। बावजूद इसके कई बार ऐसे मामले सामनें आ जाते हैं जो ना सिर्फ इनकी शिकायतों पर सवाल खड़े करते हैं बल्कि इस बात को सोचनें पर भी मजबूर कर देते हैं कि इन इनके द्वारा की गई शिकायते कहीं कूट रचित तो नहीं हैं। भू संबंधी कुछ ऐसा ही मामला प्रकास में आया है जहां एक आदिवासी महिला द्वारा बुढार के प्रतिष्ठित व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाते हुये जिले के मुखिया से लेकर पुलिस अधीक्षक और अजाक थानें में शिकायत दर्ज कराई गई हैं। महत्वपूर्ण यह है कि इन शिकायतों सें संबंधित जो दस्तावेज हमारे हाथ लगे उसे देखकर शिकायत पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। बहरहाल शिकायतों के बाद इसकी जांच की जवाबदारी तो विभागों की हैं लेकिन इस शिकायत के पीछे की हकीकत की जो समानें आई है वह चौकानें वाली है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल पूरा मामला बुढ़ार के हाईवे में रहनें वाली पूनम बैगा नामक महिला का है जिसनें कलेक्टर , पुलिस अधीक्षक, अजाक थाना सहित स्थानीय थाने में लिखित शिकायत करते हुये बताया है कि बीते 24- 25 दिसंबर को जब वह अपनें ससुराल कटकोना गई हुई थी। और उसके बुढार स्थित घर पर कोई नहीं था। इस दौरान उसके घर पर रणविजय सिंह उर्फ छोटू सिंह पहुंचे और उसके कहनें पर जयलाल बैगा पिता बद्री बैगा व बूटी बाई उसका मकान तोड़ रहे थे। इस पूरे घटना की शिकायत पीडिता को उसके पड़ोसी नें जब फोन पर दी तो वह फौरन कटकोना से बुढार पहुंच गई। यहां उसनें देखा की छोटू सिंह खड़े होकर उसका मकान तोड़वा रहे हैं। जब पीडिता नें इसका विरोध किया और छोटू सिंह नें महिला को अपमानित करते हुये जातिसूचक भद्दी गालियां दी और कहा कि तुम यहां से चली जाओ नहीं तो वह उसके बेटे और बहू को यहीं जिंदा गाड़ देंगे। पीडिता लिखिति शिकायत में बताया कि उसे अपमानित करनें और धमकानें के साथ रही उसके टूटे घर में आग भी लगवा दी, जिससे उसका काफी नुकसान हुआ है। पूनम नें बताया कि रणविजय सिंह क्षेत्र के ईलाकेदार हैं और दबंग व्यक्ति हैं और उसकी जमीन हड़पना चाहते हैं।
पीडिता नें बताया कि वर्षों से है वह काबिज
पीडिता नें शिकायत में बताया है कि उसके द्वारा शिकायत में बताया गया है कि अराजी खसरा क्रमांक -658/12 रकवा 0.405 हेक्टेयर दर्ज भूमि राजस्व अभिलेखों में उसके नाम पर दर्ज है और वर्षो से वह उस पर काबिज भी हैं। इतना ही नहीं महिला नें बताया कि उक्त भूमि उसकी पुस्तैनी संपत्ति हैं। लेकिन भू कारोबारियों की नजर उक्त भूमि पर पड़ गई हैं और वह किसी भी हाल में उक्त भूमि को पाना चाहते हैं। जिसके चलते वह किसी भी हाल में उक्त भूमि को खाली कराकर उस पर कब्जा करनें का प्रयास कर रहे हैं।
दस्तावेजों नें लाया हकीकत सामनें
इस शिकायत के बाद जहां पूनम बैगा नामक महिला लगातार कार्यवाही की मांग कर रही है वही अहम यह भी है कि उसके द्वारा जिस खसरे पर उसका काबिज होना और वर्षों से पुस्तैनी भूमि होना बताया जा रहा है राजस्व अभिलेखों में वह भूमि उसके नाम पर ही नहीं हैं। राजस्व अभिलेखों की जब हमनें पड़ताल की तो खसरा क्रमांक – 658/12 रकवा – 0.4050 हेक्टेयर भूमि श्रीमती सीताबाई कोल पति अशोक कोल वार्ड क्रमांक- 5, बुढ़ार जिला – शहड़ोल के नाम पर दर्ज हैं। महत्वपूर्ण पहलू यह है कि न्यायालय तहसीलदार बुढार के राजस्व प्रकरण क्रमांक 01/अ 6 (1) / 2017 -18 दिनांक – 27/12/2017 के द्वारा रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के आधार पर नामांकरण किया गया है।
पूनम का जयलाल से है विवाद, रणविजय का नाम लाकर छवि कर रही धूमिल
इस पूरे मामले में रणविजय सिंह का नाम सामनें लाकर जहां पूनम बैगा नें उनकी छवि धूमिल करनें की कोशिश की हैं। वहीं दस्तावेजों में उसके कारनामे पोल खोलती नजर आ रही है। अहम यह है कि पूर्व में हुई शिकायत में पूनम नें जहां कहीं भी रणविजय सिंह का जिक्र नहीं किया था वहीं दूसरी तफ षणयंत्र के तहत उसके कुछ दिनों बाद एक नई शिकायत कर रणविजय सिंह का नाम बिना किसी उपयुक्त आधार के जोड़ दिया। पूर्व में की गई शिकायत में पुलिस के आधार पर हुई जांच और कार्यवाही में पूनम नें पुलिस को दिये बयान में बताया था कि उसका जयलाल बैगा से जमीनी विवाद हैं। जयलाल आये दिन उसका घर गिरा देता है। जिसकी शिकायत वह कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से भी कर चुकी है। जब इस शिकायत पर कार्यवाही करनें स्थानीय थानें की पुलिस मौके पर पहुंची तो वह उनके सामनें भी विवाद करनें लगा। दिनांक -25 दिसंबर 2021 को हुई इस कार्यवाही में पुलिस नें जयलाल पर धारा 151/107, 116 (3) भी कायम कर कार्यवाही की है।
पूनम की सास का जमीन कब्जानें को लेकर हुआ था विवाद
दिलचस्प यह है कि पूनम की सास कोतिया बैगा द्वारा बुढ़ार हल्का अंर्तगत खसरा क्रमांक – 658/12 (S) की भूमि 2017 में सीताबाई कोल को विक्रय करनें के बाद इस भूमि से लगी भूमि जो कि राजस्व अभिलेखों में पटवारी हल्का साबो खसरा क्रमांक – 1122/1/1 रकवा – 0.0335 हेक्टेयर जो कि बूटी बैगा पिता धीरन बैगा, रामदीन, रामवती पिता ननकू बैगा निवासी बुढ़ार के नाम पर दर्ज है उक्त भूमि पर पूनम की सास कोतिया बैगा पति नोहरा द्वारा बाउन्ड्रीबाल का निर्माण किया गया था। जो कि न्यालयय तहसील बुढार द्वारा जांच में गिरा पाया गया और उस पर न्यायालय तहसीलदार द्वारा 31/12/21 को स्थगन आदेश भी जारी किया गया था। जिसके बाद पूनम नें अपनी सास के साथ मिलकर कूटरचना तैयार की और पूरे मामले की झूठी शिकायत देकर ना सिर्फ जांच को भटकानें की कोशिश की बल्कि अपनी शिकायत में बे बुनियाद आरोप लगाकर इस मामले से किसी भी तरह का वास्ता ना रखनें वाले रणविजय को भी फंसाने की साजिस रची।






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