तो क्या विजय सिंह बीआरसी हैं या फिर खेल सामग्री सप्लायर….?

गोहपारु विकाश खंड मे हो रहे खेल सामग्री घोटाले मै कौन करेगा कार्यवाही ….💥भ्रष्टाचार शृखला -1💥
अखिलेश शर्मा शहडोल।जिला शिक्षा केन्द्र शहडोल कार्यालय से बह रही भ्रष्टाचार की गंगा मे पुरे जिले मे संबंधित शिक्षा अधिकारी गोते लगा कर आपने भ्रष्टाचार का पाप धो रहे है कभी ब्योहारी तो कभी जयसिंहनगर सुर्खीया बटोरती है अधिकारी जान कर भी अंजान बने रहते है आखिर….? क्यो अब एक बार फिर जिला शिक्षा केन्द्र शहडोल अंतरगत गोहपारु विकास खंड मे कई वर्षो से अंगद की तरह पैर जमाये बीआरसी विजय इन दिनो खेल सामग्री सपलायर बन गये और विद्यालयो मे खेल सामग्री बेच रहे है सरकार की गाईड लाईन की धज्जिंया उड रही है पर शहडोल जिले मे तो जिला शिक्षा केन्द्र शहडोल मे बैठे साहब का आदेश ही चलता है फिर चाहे विद्यालय मे बच्चो को अच्छी शिक्षा मिले या न मिले जेब मे रुपया आना चाहिऐ।जिसका सबसे बडा उदाहरण गोहपारु बीआरसी विजय जो विद्यालयों की मानिटरींग छोड खेल सामग्री सप्लायर बना है जो की शिक्षा विभाग के अधिकारीयो की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खडे करते है ।
शहडोल ।जिला शिक्षा केन्द्र शहडोल कार्यालय की अगर पडताल की जाय तो कई फाईले मिल सकती है पर जहां लाखो -करोडो के घोटालो की फाईल धुल खाकर गल रही है कहते है जब सईयां भय कोतवाल तो डर काहे का की तर्ज मे जिला शहडोल चल रहा है सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार जिले मे बैठे मटाधिश का चरणवंदन कर गोहपारु विकास खंड मे सालो से अंगद की तरह पैर जमाये बीआरसी वीजय इन दिनो खेल सामग्री सपलायर बन विद्यालयो को खेल सामग्री पहुचा नगद धन लक्ष्मी इक्टठा करने मे तनमन से सेवा देरहा है जब की सरकार ने विद्यालयो के एकाउन्ट मे सीधे रुपये डाले है पर क्या मजाल जो विद्यालय का शिक्षक बैंक से रुपया निकाल कर खेल सामग्री खरीद सके ।जानकारो की माने तो खेल सामग्री घोटाले मे संकुल से लेकर बीऐसी, सीऐसी-बीआरसी विजय के आदेश का पालन कर कार्य को सफल बनाने मे लगे है ।क्योकी भ्रष्टाचार का वृक्ष का फल निचे से लेर जिले मे बैठे साबह सभी मिल बांट कर खा रहे है।
सर्व शिक्षा अभियान के भ्रष्टाचार अजब-गजब,छोटो को निलंबन ,बडो पर कार्यवाही शुन्य
देखा जाय तो सर्व शिक्षा अभियान शहडोल का यह कोई पहला मामला नही है जी हां सर्व शिक्षा अभियान मे जिले मे बैठे मटाधिश के उपर भी कई घोटालो के आरोप लग चुके है पर साहब तो सीधे कहते है मै कुछ नही करता सब काम नियमा नुसार किया जाता है और आदिवासी जिलो को जम के लुट जा रहा है वहीं अधिकारीयो के समय समय पर भ्रष्टाचार का मटका भरते ही स्वंयम ही सुर्खिया बटोरने लगते है पर कहते है की कानुन की देवी की आंखो पर पट्टी बंधी है कौन हमे देखेगा और देख भी ले तो निलंबन का लालीपौप पकडा कर बाहर करदो और मामला ढंडा पड जाये तो अपने भ्रष्टाचारी अधिनस्त कर्मचारी साथी को फिर कुर्सी देकर संमानित किया जाता है वही शहडोल जिले मे सर्व शिक्षा अभियान मे भ्रष्टाचार के कई खेल लगातार जारी हैं। इतना ही नहीं अधिकारी खुलेतौर पर भ्रष्टाचार की बात करते हैं। कुछ ऐसा ही मामला विगद दिने पुर्व जयसिंहनगर से सामनें आया था । जहां जन शिक्षा केंद्र बीआरसी जयसिंहनगर के समन्वयक ब्रह्मानंद श्रीवास्तव जो विगत कई वर्षों से अंगद के पांव की तरह जयसिंहनगर में अपने पांव जमाये बैठे थे और प्रशासनिक हलकों में अपने कई भ्रष्टाचार के मामले को लेकर सुर्खियां बटोर चुके हैं, इनका सोशल मीडिया में एक वीडिओ वायरल हुआ था जिस पर कार्यवाही करते कलेक्टर शहडोल श्रीमती वंदना वैद्य ने बीआरसी जयसिंहनगर के समन्वयक ब्रह्मानंद श्रीवास्तव निलंबित कर दिया ।
बीआरसी के रौब की दहशत ,जो कहें बीआरसी साहब वही आदेश…..
सुत्रो से मिली जानकारी के अनुसार गोहपारु विकासखंड अंतर्गत विद्यालय के शिक्षको से जब जानकारी ली गयी तो अपना नाम न छापने की शर्त पर शिक्षको ने बताया की ट्रको मे लोड होकर खेल सामग्री आयी होगी जो विद्यालयो मे पहुंचाया जा रहा है हम समान नही खरीदे है देखने वाली बात तो यह है कि गोहपारु विकासखंड मे बीआरसी विजय सिंह का रौब चलता है। साहब ने जो कहा वह आदेश माना जाता है। क्यो की साहब की पकड जिले मे बैठे साहब एवं भोपल से अच्छी खासी मानी जाती है जिसने भी बीआरसी विजय का आदेश नही माना तो जिले मे बैठे साहब के कार्यालय मे पेशी शुरु हो जाती है फिर जब तक साहब चाहते है बेचारा ,लाचार शिक्षक साहब के यहां पेशी दौडता है परेशान हो कर बीआरसी के आगे नतमस्तक हो जाता है अगर गोहपारु विकास खंड मे इमानदारी से कोई अधिकारी जांच करे तो कई घोटाले उजागर हो सकते है पर सबसे बडा सवाल तो यह है की इमानदारी से जांच करे कौन……? क्योकि जिला शिक्षा केन्द्र शहडोल मे भ्रष्टाचार के वृक्ष की जडे शहडोल से लेकर भोपाल तक फैली है तो आप स्वंयम अंदाजा लगा सकते है की गोहपारु विकास खंड के बीआरसी विजय के भ्रष्टाचार की अधिकारी इमानदारी से जांच क्या कर सकते है…..?
💥 शेष अगले अंक मे पढे गोहपारु विकास खंड अंतर्गत होरहे भ्रष्टाचार की शृखला -2💥
इनका कहना है –
मै आप को बता दूं विकासखंड गोहपारू के अंतर्गत विद्यालय के शिक्षकों व अभिभावकों से जानकारी प्राप्त हुई हैं की बीआरसी समन्वयक गोहपारू द्वारा समस्त विद्यालयों में गुणवत्ता विहीन खेल सामग्री बच्चों के लिए भेजी जा रही है जिससे अध्यापकों और अभिभावकों द्वारा आपत्ति जताई गई है साथ ही शिक्षकों से खेल सामग्री की राशि वसूल करने की बात सामने आई है बीआरसी समन्वयक गोहपारू द्वारा किए गए इस कार्य के लिए माननीय कलेक्टर महोदयां से मे मिलकर कार्यवाही की बात करता हूं।………राम नारायण मिश्रा जिलाअध्यक्ष भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट जिला शहडोल मध्य प्रदेश
इस संबंध की जानकारी के लिए मोबाईल पर फोन लगाया गया पर घंटी बजती रही साहब का फोन नही उठा ।मदन त्रिपाठी डीपीसी शहडोल
मै नही जानता खेल सामग्री कहां से आरही है इस संबंध मे कुछ नही कहना चाहता ।आर.पी.मौर्या सीए.सी गोहपारु
हमने कोई खेल सामग्री किसी विद्यालय को खरीद कर नही दी है ये सब के बारे मे आप बीआरसी से बात करीये मै इस संबंध मे कोई जानकारी नही दे सकता हूं। विष्णु मिश्रा संकुल प्रभारी खन्नौधी

मै अभी मिटींग मे ब्यस्त हुं आपसे बादमे बात करता हूं ।विजय सिंह बीआरसी गोहपारु

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