नगरपालिका ब्योहारी के पास डूब प्रभावितों के दस्तावेज नहीं 181 को कटवाने डॉ प्रणय पर बना रहे दबाव

ब्योहारी – महत्त्वपूर्ण उत्तरदायित्व की जिम्मेदारी जिस न्यू बरौधा की ली गई थी और बाणसागर परियोजना ने न्यू बरौधा को राजस्व ब्य़ोहारी को एवं उसके बाद नगरपालिका ब्योहारी को सुपुर्द किया गया था , यह सोचकर कि नगरपालिका न्यू बरौधा में पुनर्वास नीति के पालन और प्रतिस्थापना के सिद्धांत का पालन कर देखरेख करेगी ।
आज हालात बद से यदि बदतर हो रहे हैं तो उसका उत्तरदाई केवल यह ब्य़ोहारी की भ्रष्ट, लापरवाह,उदासीन नगर पालिका ही है अन्यथा भला ऐसे कैसे हो सकता है कि न्यू बरौधा में जिस भूमि को भू अर्जन एवं पुनर्वास नीति के तहत केवल बरौधा डूब प्रभावितों के लिए आरक्षित किया गया हो वहां पर विहंगो ने अपना डेरा डाल दिया हो यदि यहां अहस्तांतरणीय होने के उपरांत भी आवासीय भूखण्ड क्रय विक्रय का सिलसिला जारी है तो यह कांच की तरह साफ है कि इसमें नगरपालिका ब्योहारी की मिलीभगत है ,कहते हैं कि किसी बाहरी ने घर बनाया होगा तो दस्तावेज होंगे तो अनापत्ति प्रमाणपत्र नगरपालिका ही देगी तभी तो यह संभव है अन्यथा कैसे किसी विशेष आरक्षित बाणसागर परियोजना विस्थापितों के आरक्षित भूमि को मनमानी तरीके से बेचा जाता ।
नगरपालिका ब्योहारी के कथन- एन्टिक्राईम एण्ड करप्शन के डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट डा प्रणय तिवारी द्वारा लगातार अधिकारों की लड़ाई लडने के कारण नगरपालिका ब्योहारी को बड़ी समस्या हो रही है कहते हैं कि अपनी शिकायतों को कटवा दो कार्यालय बुलाया गया और आर आई हरीश नामदेव एवं कुछ अन्य कर्मचारियों ने शिकायतों के निराकरण के स्थान पर मामले को उलझाने का दुष्प्रयास किया जो कि असंवैधानिक है ।
नगरपालिका ने डा प्रणय तिवारी से यह भी कहा कि हमारे पास आवासीय भू खण्डों की लिस्ट नहीं है आप दे दीजिए , पुनर्वास नीति की कापी तक इन महारथियों के पास उपलब्ध नहीं हैं जो कि एक गंभीर विषय है ।
बरौधा विस्थापित अर्जियां लेकर घूम रहे हैं , हाई कोर्ट की शरण में जा रहे हैं ताकि रहने को भूमि मिल जाए परंतु जो गैर विस्थापित हैं और दबंग हैं वो नियम कानूनों की धज्जियां नगरपालिका ब्योहारी के महान संरक्षण में उड़ा रहे हैं , कहने का अभिप्राय यह है कि जो वैध हैं वो परेशान हैं और जो अवैध हैं वो बड़े आराम से आलीशान घरों में रह रहे हैं नगरपालिका ब्योहारी नोटिस जारी करती है पर बाद में सब रफा दफा कर दिया जाता है।
शासन लापवाह, उदासीन विधायक,सांसद- अगर बात नियम की करें तो यहां के वर्तमान विधायक और सांसद को भी तो न्यू बरौधा के नियम मालुम है, माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर बाणसागर देवलौद में शिविर भी तो लगाया गया था तो क्यो इन्होंने चुप्पी साध रखी है ।

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