जबलपुर न्यूज़:-कृषि अमला किसानों की आय दुगनी करने एवं समन्वित कृषि प्रणाली को बढ़ावा दें!

उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषि कर्मियों को मिला प्रशस्ति-पत्र
किसानो की आय दुगनी करने एवं समन्वित कृषि प्रणाली को बढावा देने के उदेश्य से बेहतर कार्य करने वाले कृषि अधिकारियों को विगत दिनों संयुक्त संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास कार्यालय के सभाकक्ष में प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। इस मौके पर संयुक्त संचालक कृषि के.एस. नेताम और उपसंचालक कृषि एस.के. निगम की विशेष मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कृषकों की आय दोगुनी किये जाने के संकल्प पर अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन भंलीभांति करते हुए किये गये सराहनीय प्रयासो के लिए वर्ग-दो अधिकारियों में खुदीराम सनोडिया अनुविभागीय कृषि अधिकारी लांजी बालाघाट, डॉ. इंदिरा त्रिपाठी अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन जबलपुर, डॉ. रामनाथ पटेल सहायक मिट्टी परीक्षण अधिकारी नरसिंहपुर, विनय धुर्वे सहायक संचालक कृषि बालाघाट, प्रफुल्ल घोड़ेसवार सहायक संचालक कृषि सिवनी, राजेश मेश्राम सहायक संचालक कृषि सिवनी, प्रीति उपाध्याय सहायक संचालक कृषि जबलपुर, अमित पाण्डेय सहायक संचालक कृषि जबलपुर, सचिन जैन सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी जिला छिन्दवाडा, स्वाति राय सहायक संचालक कृषि जबलपुर को प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गयें।
साथ ही किसानो को एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करने लिए वर्ग-तीन अधिकारियों में एस.के यादव पाटन, जे.एस. राठौर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सिहोरा, एन.एल. चौधरी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी जबलपुर को उनके द्वारा किये गये सराहनीय कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये।
संयुक्त संचालक कृषि केएस. नेताम द्वारा संभाग के अधीनस्थ जिलों में कार्यरत समस्त अधिकारियों द्वारा किये गये उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर प्रशस्ति पत्र वितरित किये गये एवं अधिकारियों द्वारा किये जा रहे कार्यो के प्रति सकारात्मक ऊर्जा बढाते हुए किसानों एवं उपभोक्ताओं के लिए गुणवत्तायुक्त उत्पादों के उत्पादन पर जोर देने के लिए कहा गया और समन्वित कृषि को ही जीवन का आधार बताया।
साथ ही संभाग के सभी अधिनस्थ अमले को लघु व सीमांत श्रेणी के कृषकों के लिए कार्य करने के लिए कहा गया। फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रचार-प्रसार, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती एवं समन्वित खेती को योजनाबद्ध तरीके से ग्राम पंचायतवार क्रियान्वयन करने पर जोर दिया गया।
सभी से आगामी माह के लिए जिलेवार, विकासखण्डवार कार्यक्रम तैयार कर प्रचार-प्रसार किये जाने के लिए कहा गया। जिसमें कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, पशुपालन, मछलीपालन, उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के समन्वय से समन्वित कृषि प्रणाली को ग्राम स्तर पर फलीभूत किया जा सकें।


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