भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

आम बजट किसानो को आत्म निर्भर बनाने कारगर साबित होगा: रविकांत त्रिपाढी

247
Above News

अखिलेश कुमार शर्मा (7999140850)

शहडोल।जैसे फरवरी माह में बसंत का आगमन हुआ वैसे ही देश का बसंती बजट हम सबके सामने आया है भारत आत्म निर्भर बने और आत्मनिर्भर भारत की नींव पर एक आधुनिक भारत का निर्माण हो। इस बजट में देश को आधुनिकता की ओर ले जाने की ओर अहम कदम उठाए गए हैं। बीते सात साल में जो नीतियां बनीं, उस वजह से भारत की अर्थ व्यवस्था का निरंतर विस्तार हो रहा है। इस बार के बजट को कई मायनों में लाभकारी हितकर एवं आत्मनिर्भर कहा जाऐगा ऐसे विचार शहडोल भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष रविंकांत त्रिपाढी के है ।वही शहडोल भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष रविकांत त्रिपाढी ने कहा यह बजट किसानों के पक्ष में है। सबसे बड़ी बात कि बजट में जैविक खेती के विकास के लिए राशि आवंटित की गई है।  वर्तमान में जैविक खेती की महती आवश्यकता है किसानों के खाते में 2.37 लाख करोड़ रुपये की समर्थन मूल्य पर खरीदी की राशि सीधे पहुंचेगी। इसका सीधा सा अर्थ यह है कि समर्थन मूल्य पर किसानों से अधिक से अधिक अनाज की खरीद होने वाली है। जिससे किसान की उपज समर्थन मूल्य पर बिक सकेगी और लगभग एक करोड किसान लाभान्वित होंगे। सरकार ने आगामी । वर्ष 2023 को मोटा अनाज वर्ष  घोषित किया है। इसका मतलब यह है कि सरकार ने आम जनता के स्वास्थ्य और किसानों का गहन – चिंतन करते हुए यह कदम उठाया है। प्राचीन काल से ही मोटा अनाज मनुष्य के भोजन के लिए सर्व श्रेष्ठ माना गया है जिसे अब वैज्ञानिकों ने भी स्वीकार किया है मोटे अनाज – के उत्पादन के लिए सरकार द्वारा अब जोर दिया जाएगा और इसके लिए किसानों को भी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। बड़ी बात यह है  कि सरकार द्वारा अब आधुनिक तरीके खेती में अपनाये जायेगें  जिसमें फसल का मूल्याकंन करने, जमीन के रिकार्ड को डिजिटल  करने, कीटनाशक व पोषक तत्वों के छिड़काव के लिए ड्रोन के इस्तेमाल को बढावा दिया जाएगा। आजके दौर में इसी तरह के यंत्रों व मशीनों की जरूरत है। सरकार की सहायता से किसानों के पास यह जरूरी वस्तुएं आ सकेंगी। श्री त्रिपाढी ने कहा कि बजट की किसानों ने सराहना की है।

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper