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तो कब पूरी होगी धान खरीदी केंद्र में अवैध रखी 600 कुंटल धान की जांच…..?

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धान खरीदी केंद्र ठेंगरहा अटरिया अवैध 600 कुंटल धान पर खाद्य विभाग के अधिकारियों ने साधी चुप्पी

जिले में बैठे मठाधीश अधिकारी हजारों नहीं लाखों नहीं करोड़ों का भ्रष्टाचार कर रहे हैं पर उन पर कोई कार्यवाही नहीं होती वही सबसे मजे की बात तो यह है कि जिले में बैठे अधिकारी ही जब यह कहते सुनाई देते हैं कि हम तो 25 साल से यही देख रहे हैं आज तक किसी पर कोई कार्यवाही नहीं हुई ताजा मामला शहडोल जिले के खाद्य विभाग अंतर्गत का है। जहां व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार की संभावना ग्राम अटरिया के,खरीदी केंद्र में 600 कुंटल किसानों से अधिक धान खरीदी से धान लेने से धान बचने,का मामला प्रकाश में आया है ग्राम ठेंगरहा के धान खरीदी केंद्र मे यह तो स्पष्ट कर दिया कि वहां के लेंस प्रभारी जिनके पास दो दो जगह के प्रभार हैं सत्यनारायण गुप्ता वाकई में बड़े ही दबंग और जुगाड़ वाले लैंप्स प्रभारी हैं जहां एक और 600 कुंटल धान का भ्रष्टाचार किया वहीं अब दूसरी ओर प्रभारी सत्यनारायण गुप्ता को इतने बड़े व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार के बावजूद भी गेहूं उपार्जन केंद्र की पुनः जिम्मेदारी सत्यनारायण गुप्ता को ही दी गई जो अपने आप में एक बड़ा सवाल है।इन दिनों व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है वही संबंधित अधिकारीयों भी चुप्पी साधे बैठे हैं आखिर क्यों सबसे बड़ा सवाल हैै….?

अखिलेश कुमार शर्मा मोबाइल नंबर.7999140850

शहडोल।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बंपर धान की खरीदी हुई उसी तारतम्य में अनाज खरीदी केंद्र ग्राम अटरिया ठग रहा सहकारी समिति में 31849 कुंटल धान की खरीदी का कार्य हुआ और उतने ही धान का परिवहन अलग-अलग दिनांक में ट्रकों के माध्यम से टीसी काटकर,31849 कुंटल धान,का परिवहन भी कराया जा चुका लेकिन मौके पर रखी 600 कुंटल धान अपने आप में एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि व्यापक पैमाने पर किसानों से ठगी का कार्य हुआ है इसके पूर्व भी किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने धान खरीदी केंद्र ग्राम ठेंगरहा का औचक निरीक्षण भी किया था जिसमें अधिक धान तोल में पाए जाने का भी जिक्र किसान मोर्चा के जिला महामंत्री राम नारायण मिश्रा ने पूर्व में भी किया था किंतु विभाग के उदासीन रवैया से कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी

क्या विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार की होगी जांच

खाद्य विभाग अंतर्गत काफी लंबे समय से भ्रष्टाचार की जो परंपरा चलती आ रही है वह निरंतर चल रही है न कोई जांच होती है न कोई कार्यवाही जिसस भ्रष्ट अधिकारियों के हौसले काफी बुलंद है अगर ईमानदारी से जांच हो तो लाखों करोड़ों का घोटाला इन अधिकारियों का जिले में निकल सकता है परंतु सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि इन अधिकारियों के भ्रष्टाचार की जॉच आखिर कौन करेगा और कैसे करेगा क्या वह जांच पूरी हो पाएगी कई सवाल ऐसे हैं जिनके कारण यह अधिकारी भी जानते हैं कि जो हम भ्रष्टाचार कर रहे हैं इसकी कोई जांच नहीं होगी वहीं जिले के मुखिया तक को यह अधिकारी गुमराह कर देते हैं ।

चुप्पी साधे अधिकारी खा रहे मलाई

किसानों से ठगी का यह कोई पहला मामला नहीं है शासन को चूना लगाने में माहिर लैंप्स प्रभारी व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हुए हैं इतना ही नहीं ग्राम चंनौडी में भी स्व सहायता समूह के द्वारा खरीदी गई लेकिन धान उठाओ व सुरक्षा की सुध किसी ने नहीं ली जिसका परिणाम यह है किधान अंकुरण होकर 1 फिट की धान जम गई और शासन को लाखों रुपए का नुकसान हो गया विभाग के अधिकारियों ने वहां जाना तक जरूरी नहीं समझा चाहे अनाज धान खरीदी केंद्र का मामला हो चाहे वेयरहाउस में हो रहे व्यापक पैमाने पर मिलावटी चावल का खेल ग्राम ठेंगरहा के धान खरीदी केंद्र मे यह तो स्पष्ट कर दिया कि वहां के लेंस प्रभारी जिनके पास दो दो जगह के प्रभार हैं सत्यनारायण गुप्ता वह वाकई में बड़े ही दबंग और जुगाड़ वाले लैंप्स प्रभारी हैं।

तो क्या अधिकारियों ने दी लैंप्स प्रभारी को भ्रष्टाचार करने की जिम्मेदारी

हद तो तब हो गई जब अपने विजिट के दौरान भाजपा किसान मोर्चा जिला महामंत्री राम नारायण मिश्रा ने सत्यनारायण गुप्ता से किसानों से अधिक नाप लेने के संबंध में जानना चाहा तो उन्होंने अपने वरिष्ठ कलेक्टर को भी यह कहा कि मैं धान खरीदी केंद्र का तो प्रभार लेना ही नहीं चाहता था मुझे जिला प्रशासन द्वारा जबरदस्ती प्रभार दिया गया है यदि यह बात सही है तो क्या उस क्षेत्र के किसानों की बागडोर व ठगी का जुम्मा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सत्य नारायण गुप्ता को जबरदस्ती दी गई ।

अधर में लटकी जांच

जब किसान मोर्चा जिला शहडोल द्वारा इस मामले की विधिवत जांच कराने की मांग की गई तो जांच में केवल आश्वासन ही हाथ आया सतत निगरानी बनाए हुए किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने कमलेश ताडेकर वा अभय सिंह एस ई आर एस एस से जानकारी लेनी चाही तो अभी भी जांच प्रचलन में होने की बात बताई गई क्या प्रशासन की जांच इतनी धीमी गति से है की 15 दिवस बीत जाने के बाद भी सत्यनारायण गुप्ता व धान खरीदी केंद्र कि ठगी में उनके साथ सनलिप्त दोषी जनों के विरुद्ध किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हो सकी जिस पर किसान मोर्चा ने भी नाराजगी जताई है किसानों के लिए बहुत सारी महत्वाकांक्षी योजनाएं मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं जिन्हें पलीता लगाने का कार्य प्रशासन में बैठे उच्च अधिकारी करने से नहीं चूक रहे हैं।

इनका कहना है

जांच जारी है उक्त प्रकरण की जांच एआरसीएस कर रहे हैं,जल्द ही दोषी व्यक्तियो के विरुद्ध एक्शन लिया जाएगा ।

कमलेश ताडेकर जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी शहडोल

इनका कहना है

मुझे अनाज खरीदी केंद्र ग्राम ठेंगरहा की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी जिस पर मैंने मौके पर रखी धान को जब्ती कर प्रतिवेदन उच्च अधिकारियों को प्रेषित कर दिया है ।

शौकत अली खान सीईओ प्रशासक

हमने व हमारी पूरी टीम ने अनाज खरीदी केंद्र ठेंगारहा अटरिया का निरीक्षण किया और पाया कि परिवहन के बाद भी 600 बोरी धान मौके पर उपलब्ध है धान कहां की है यह जानकारी नहीं प्राप्त हुई हैं किंतु जितने धान की आवक हुई थी उतने धानका परिवहन पर्चियां का अवलोकन किया गया तो अतिरिक्त धान प्रतीत होती है।

राम नारायण मिश्रा जिला महामंत्री किसान मोर्चा जिला शहडोल

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