स्थानीय चुनाव नहीं होने देना चाहती कांग्रेस-प्रभारी मंत्री

शहडोल । सुप्रीम कोर्ट ने मप्र में बगैर ओबीसी आरक्षण के चुनाव प्रक्रिया कराने के लिए चुनाव आयोग को दो हफ्ते का समय दिया है। मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राम खेलावन पटेल ने ओबीसी आरक्षण के संबंध में भाजपा एवं सरकार का पक्ष रखने क लिए पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। प्रभारी मंत्री ने ओबीसी आरक्षण के पक्ष में बात रखी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलते-टलते सरकार के गले की फांस बनते नजर आ रहे हैं। एक ओर भाजपा खुद को ओबीसी का हितैषी बता रही है। प्रभारी मंत्री ने कहा पिछड़ा वर्ग आरक्षण पर हम अपना पक्ष रखत हुए पुर्नविचार याचिका दायर कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस भी पीछे नहीं है। दोनों दल ओबीसी आरक्षण के पेंच को अब सुलझा नहीं पा रहे हैं। पत्रकार वार्ता में मंच संचालन करते हुए भाजपा जिला महामंत्री संतोष लोहानी ने मंचासीन अतिथयों का परिचय कराया। जिलाध्यक्ष कमल प्रताप सिंह ने कहा कि कांग्रेस चुनाव कराने से डर रही है इसलिए किसी न किसी प्रकार का अड़ंगा लगा रही है। वार्ता के अंत में जिला मीडिया सह प्रभारी सुनील मिश्रा ने आभार प्रदर्शन करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष कमल प्रताप सिंह, महिला एवं वित्त विकास निगम की अध्यक्ष अमिता चपरा, वरिष्ठ भाजपा विधायक जयसिंह मरावी, पिछड़ा वर्ग के प्रदेश कोषाध्यक्ष शत्रुघन पटेल, भाजपा जिला महामंत्री संतोष लोहानी, सुनील मिश्रा मंचासीन रहे साथ ही रमेश कोल, रवीन्द्र वर्मा, शीतल पोद्दार, राकेश सैनी, शिल्लू रजक, अरूण पटेल, धर्मेन्द्र शुक्ला, अतुल तिवारी सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए चुनावी प्रक्रिया करवाने के लिए सरकार तैयार है। वह अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि अगर मध्य प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव बगैर ओबीसी आरक्षण के संपन्न हो रहे हैं। इसका खामियाजा किसको भुगतना पड़ेगा। भाजपा और कांग्रेस पार्टी ओबीसी का हितैषी बताने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं।

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