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MP Breaking: फर्जी मस्टररोल जारी कर जेसीबी से कार्य कराए जाने पर ग्रामीणों ने किया विरोध विवाद की स्थिति निर्मित// सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने गंगेव जनपद सीईओ प्रमोद ओझा को तत्काल हटाए जाने की की माग//

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मध्य प्रदेश रीवा जिला अंतर्गत जनपद पंचायत गंगेव के ग्राम पंचायत चौरी में आचार संहिता लगने के बाद निरंतर जेसीबी और मशीनों के द्वारा फर्जी मस्टररोल जारी कर काम किए जा रहे हैं। इस बात को लेकर चौरी ग्राम पंचायत के 50 से अधिक ग्रामीणों ने विरोध किया है जिसकी शिकायत अनु विभागीय एवं दंडाधिकारी सिरमौर श्री नीलमणि अग्निहोत्री एसडीएम मनगवां श्री ए के सिंह सीईओ जनपद पंचायत गंगेव प्रमोद ओझा सीईओ जिला पंचायत श्री स्वप्निल वानखेडे नियुक्त जांच अधिकारी सहायक यंत्री जितेंद्र अहिरवार पंचायत कोऑर्डिनेटिंग ऑफिसर भारत पटेल सहित समस्त संबंधित पुलिस अधिकारियों थाना गढ़ थाना प्रभारी राम कुमार गायकवाड एवं लाल गांव चौकी प्रभारी संजीव कुमार शर्मा को कई बार सूचित किया जा चुका है। लेकिन अभी तक न तो मामले की जांच हुई है और न ही जेसीबी से काम रोकने का प्रयास किया गया है और न ही इस बात का कोई जवाब प्रस्तुत किया गया है कि आखिर आचार संहिता के दौरान बिना मनरेगा का बोर्ड लगाए हुए बिना कार्य की जानकारी सही तरीके से उपलब्ध करवाए हुए आखिर कौन सा कार्य ग्राम पंचायत के अंदर चल रहा है? ग्रामीणों की मांग जायज थी और वह यह जानना चाह रहे थे कि जो कार्य हो रहा है इसमें जो फर्जी मस्टररोल जारी किए गए हैं उसकी जांच की जाए और क्या जेसीबी से कार्य होना और वह भी आचार संहिता के दौरान जायज है? 

   इस बात को लेकर ग्रामीणों ने निरंतर आवाज उठाई थी और आज दिनांक 04 जुलाई 2022 को सुबह 10:00 बजे एक बार पुनः ग्राम पंचायत चौरी के सचिव के द्वारा अधिकारियों के सहयोग से जेसीबी और फर्जी मस्टररोल जारी कर कार्य करवाया जा रहा है जिसका मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों ने विरोध किया है और काफी विवाद की स्थिति निर्मित हुई है। उन्होंने कहा है कि इसकी समस्त जिम्मेदारी अधिकारियों की है जिन्हें बार बार सूचित किया जा रहा है उन्होंने जांच नहीं की है और गैर कानूनी कार्य को बढ़ावा दे रहे हैं। 

 ग्रामीणों ने निर्वाचन आयोग से भी इस विषय पर हस्तक्षेप करने की मांग की है और आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्यवाही की माग की है। वल

  ज्ञातव्य है कि फर्जी मस्टररोल जारी कर गरीब मजदूरों के नाम पर पैसे की निकासी निरंतर जारी है और जब भी कोई शिकायत की जाती है तो उस पर लीपापोती का कार्य चल रहा है जहां फर्जी मस्टररोल जारी कर गरीबों के नाम पर मजदूरी निकाली जाती है वहीं उनके स्थान पर और मशीनों के द्वारा कार्य करवाया जाता है।

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