य लबरा मुख्यमंत्री हर बेर कहत हैं तुम्हार सबके खेत बारी सीलिंग मुक्त होई अउर करय कुछु नहीं

तो क्या सीएम नहीं सुनते अपने जिला अध्यक्ष विधायक सांसद प्रभारी मंत्री का अनुरोध…?
6-7 वर्षों से दर दर की ठोकर खा रहे सीलिंग प्रभावित किसानों को क्या सीएम देंगे न्याय

तो आखिर कब सीलिंग मुक्त होगी किसानो की भूमि किसान पुत्र शिवराज…..?
लगभग 3000 सीलिंग से प्रभावित किसानों के परिवार का आखिर क्यों नहीं दिख रहा सीएम को दर्द
ये कैसा शिव का राज जहां 7-8 वर्षों से दर-दर भटक रहे सीलिंग प्रभावित किसान।गरीब पीड़ित किसानों का छलका दर्द सीलिंग प्रभावित किसानों ने कहा कि या लबरा मुख्यमंत्री आए न तो या अपने जिला अध्यक्ष,विधायक,सांसद अउर जिला के मंत्री के सुनय अउर ना हम गरीब किसानन के सुनय 7-8साल से हमरे जिला मा मंत्री आवय मिनिस्टर आवय अउर मुख्यमंत्री आबय हम किसान एखे पंडाल मा दउडत जइत हैं अउर आपन खेत बारी का सीलिंग से छोडाबय का कहित हैं त या लबरा मुख्यमंत्री शिवराज हर बेर कहत हैं कि य बेर तुम्हार खेत बारी सीलिंग से छूट जई अउर अबे तक हमार खेत बारी सीलिंग से नहीं छुट अउर या बेर मुख्यमंत्री हमरे जिला मा आबत है ता हम सब किसान जाब अउर फेर कहब न मानी ता हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी जी हमारे जिला मा आबत है अब हम सब किसान अपने देश के प्रधानमंत्री मोदी जी से कहब कि साहब हमार खेत बारी सीलिंग से छुड़ बाबा।य लबरा मुख्यमंत्री शिवराज हम किसानन के नहीं सुनय हर बेर लबरा के चल देत है साहब।
अखिलेश कुमार शर्मा की खास रिपोर्ट……..
शहडोल।तो क्या प्रदेश की शिवराज सरकार किसानों के साथ छलावा कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से कमिश्नर को पुरी जनता के सामने आदेश दिया था कि सीलिंग प्रभावित किसानों की समस्या को सुनो और उसका निराकरण करो पर सालों बीत गया नहीं हुई सुनवाई 2016 से लगातार सीलिंग प्रभावित किसान मुख्यमंत्री के शहडोल कार्यक्रमों में जाकर ज्ञापन सौंपते आ रहे हैं पर आज तक मुख्यमंत्री ने सीलिंग प्रभावित किसानों की समस्या का नहीं किया समाधान लगभग 3000 सीलिंग प्रभावित किसान का परिवार आस लगाए बैठा है कि मुख्यमंत्री कब उनकी भूमि को करेंगे सीलिंग मुक्त किसानों ने यह तक कहा कि अगर हमारी सीलिंग प्रभावित भूमियां अगर सीलिंग मुक्त नहीं होती है तो हम विधानसभा चुनाव का विरोध करेंगे और चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को इसका परिणाम देखने को मिलेगा वही शहडोल जिले में देश के प्रधानमंत्री का आगमन होना है वहीं किसानों ने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्री हमारे साथ न्याय नहीं करते तो हम देश के प्रधानमंत्री को अपना ज्ञापन सौंपेंगे।

किसानों को मुख्यमंत्री ने दिया था आश्वासन
वर्ष 2017 में अपने आप को किसान पुत्र कहने वाले प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान के धनपुरी प्रवास के दौरान शहरी क्षेत्र धनपुरी की सीलिंग प्रभावित भूमियों को मुक्त कराया गया था एवं ग्रामीण क्षेत्र की भूमियों को मुक्त करने का आश्वासन दिया गया था इसके बाद सिंहपुर प्रवास के दौरान भी किसानों को सीलिंग मुक्त करने का आश्वासन दिया गया था। वहीं सीलिंग से प्रभावित किसानों ने भाजपा जिला अध्यक्ष, विधायक सांसद प्रभारी मंत्री को भी ज्ञापन दिया और सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने लेटर पैड पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को शहडोल जिले के सीलिंग प्रभावित किसानों की समस्या से अवगत कराते हुए अनुरोध पत्र भेजा पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
यह है पूरा मामला
शहडोल संभाग अंतर्गत ग्राम खैरहा, कदोहा,अर्झुला छिरहटी,सारंगपुर, सेमरा, सिलपरी, कठई, धमनी, धमनी खुर्द, हर्रा टोला, देवगई, भोदलखार, अमहा टोला, अमरकंटक एवं पुष्पराजगढ़ पुराने रीवा राज के
खैरहा इलाके के अंतर्गत स्थित गांव रहे जिसके इलाकेदार थे। मध्यप्रदेश राज में वर्ष 1961 में सीलिंग कानून प्रभाव हुआ उस समय खैरहा के इलकेदार एवं उनके पुत्रों के नाम अलग-अलग सीलिंग के 04 प्रकरण चलाये गये जो पहले कलेक्टर शहडोल के न्यायालय में तत्पश्चात संभागयुक्त रीवा के न्यायालय में तत्पश्चात शहडोल संभाग बनने के उपरांत संभागयुक्त शहडोल के न्यायालय में सीलिंग प्रकरण चले। वर्ष 1965 से लेकर वर्ष 2016 व वर्ष 2017-18 में प्रकरण का अंतिम निराकरण होने के मध्य भूमियों के क्रय-विक्रय पर किसी प्रकार की कोई रोक शासन या न्यायालय द्वारा न लगाये जाने के कारण उक्त प्रकरणों से संबंधित भूमियों के राजस्व अभिलेख में दर्ज भूमि स्वामियों द्वारा क्रय-विक्रय किया जाता रहा है और ग्रामीणजन इस बात से अनभिज्ञ रहकर की भूमियां सीलिंग प्रकरणों से प्रभावित है। भूमियों को रजिस्ट्री द्वारा क्रय कर उन्हें कृषि योग्य बनाकर ग्रामीणजन कृषि कार्य करते चले आये है और अपने परिवार का जीवकोपार्जन भूमियों का छोडा जाना विवरणी में दर्शित किया था उन्हें भी बेच दिया गया और जब वर्ष 2015-16 एवं 2017-18 में प्रकरण का निराकरण होना था उस समय अपर कमिश्नर शहडोल से साठ-गाठ का दुवारा विवरणी प्रस्तुत कर स्वयं द्वारा विक्रय की गई भूमि को शासन के पक्ष मे व शासन के पक्ष मे पूर्व मे छोडी गई भूमियों को अपने स्वयं के लिये रखना दर्शित करते हुये नयी विवरणी प्रस्तुत कर दिया जिसके चलते लगभग 2500 एकड भूमि ग्रामीण किसानो द्वारा क्रय की गई भूमिया मध्यप्रदेश शासन दर्ज कर दी गई। जिसके कारण लगभग 3000 किसानों का परिवार अंत्यत परेशान है और अपने क्रय शुदा भूमियों के अधिकार से वंचित हो गये है।
सीलिंग प्रभावित किसानों ने की बैठक
सीलिंग प्रभावित किसानों ने ग्राम पंचायत खैरहा में बैठे की जिसमें सीलिंग से प्रभावित ग्राम खैरहा, कदोहा,अर्झुला छिरहटी,सारंगपुर, सेमरा, सिलपरी, कठई, धमनी, धमनी खुर्द, हर्रा टोला, देवगई, भोदलखार, अमहा टोला, से आये किसान ने बैठक कर कहा कि हम सभी किसान इस बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन सौंप कर मांग करेंगे कि हम सभी सीलिंग प्रभावित किसानों की भूमि को सीलिंग मुक्त किया जाए और अगर हमारी मांग पुरी नहीं हो ती है तो हम सभी सीलिंग से प्रभावित किसान हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को अपनी समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे।
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