स्वीडन में कुरान जलाए जाने पर पाकिस्तानी प्रस्ताव का समर्थन देश और धर्म के लिये बलिदान देने वालो का अपमान-विश्व क्षत्रिय अखाड़ा अध्यक्ष शक्ति सिंह

स्वीडन में कुरान जलाने की घटना के विरोध में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान एक प्रस्ताव लाया जिसका मुस्लिम देशों के साथ भारत ने भी समर्थन किया।इस बात को लेकर भारत के हिन्दुओ में बहुत रोष है जिसका प्रदर्शन सोशल मीडिया पर लगातार हो रहा है।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर विश्वव क्षत्रिय अखाड़े के अध्यक्ष शक्ति सिंह ,शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने अपने और अपने शिष्यों के रक्त से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर अपना विरोध प्रदर्शित किया।पत्र लिखते समय उनके साथ उनके शिष्य अनिल यादव,मदन मुखिया,बृजमोहन सिंह, यति कृष्णानन्द, यति रामस्वरूपनन्द, यति असीमानंद,सनोज शास्त्री तथा अन्य उपस्थित थे।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने रक्त से प्रधानमंत्री जी को लिखा कि वो हिन्दू समाज की असहनीय अपमानजनित पीड़ा को उनके समक्ष रखने के लिये अपने और अपने शिष्यों के रक्त से यह पत्र उन्हें लिख रहे हैं।अभी कुछ दिन पूर्व स्वीडन में एक मुस्लिम शरणार्थी ने वहाँ के न्यायालय से अनुमति लेकर एक बड़ी मस्जिद के सामने कुरान जलाया।
सम्पूर्ण विश्व के इस्लामिक जिहाद के पीड़ितों ने इस पहल की सराहना की।एक मुसलमान की इस ऐतिहासिक पहल पर दुनिया के इस्लामिक जिहाद के समर्थक बिलबिला गए और उन्हें इस्लामिक जिहाद के सम्पूर्ण अस्तित्व पर खतरा नजर आने लगा।स्वीडन में हुई इस घटना पर वर्तमान समय मे इस्लामिक जिहाद के सबसे बड़े पैरोकार पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में एक विरोध प्रस्ताव रखा।इस विरोध प्रस्ताव पर नेपाल जैसे छोटे से परन्तु स्वाभिमानी देश ने स्वयं को तटस्थ रखा और अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस व जर्मनी जैसे स्वाभिमानी देशों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।

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