समग्र शिक्षा अभियान के सभी पैरामीटर की कलेक्टर ने की विस्तार से समीक्षा

शैक्षणिक व्यवस्था के सुधार के दिए निर्देश
स्कूलों तथा छात्रावासों की मॉनीटरिंग के दिए निर्देश
छात्राओं तथा शिक्षकों की हाजिरी एप से उपस्थिति लेने के दिए निर्देश
अनूपपुर 26 अगस्त 2023/ समग्र शिक्षा अभियान के कार्यक्रमों तथा योजनाओं के पैरामीटर अनुसार प्रगति के संबंध में समीक्षा बैठक कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, जिला षिक्षा केन्द्र के जिला परियोजना समन्वयक श्री हेमन्त खैरवाल, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक, सहायक परियोजना समन्वयक, सहायक स्त्रोत समन्वयक उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में संचालित मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के तहत प्रदाय किए जाने वाले खाद्यान्न की समीक्षा में यह पाया कि स्कूलों में गेहूं का आवंटन होने के बाद भी मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में गेहूं का उपयोग सुनिश्चित नही किया जा रहा है। जिस पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने गेहूं के आवंटन का उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एमडीएम का सुचारू संचालन होना चाहिए। उन्होंने राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी समय पूर्व सुनिश्चित कराने तथा परीक्षा पैटर्न के बारे में बताने के साथ ही बच्चों को सिलेबस की जानकारी भी देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बैठक में सभी जिला शिक्षा केन्द्र के सहायक परियोजना समन्वयकों को ब्लाक स्तरीय कार्यों की विस्तृत मानीटरिंग के आदेष जारी करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण में शिथिलता पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इस कार्य को प्राथमिकता में 31 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के स्कूलों में नामांकित सभी विद्यार्थियों के मैपिंग शत-प्रतिशत किए जाने के निर्देश दिए गए। पुष्पराजगढ़ विकासखण्ड में समग्र शिक्षा अभियान के पैरामीटर्स के अनुसार स्थिति खराब होने पर अप्रसन्नता जताई। बैठक में प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के ड्राप आउट विद्यार्थियों का डेटा टीएल बैठक में रखने के निर्देश दिए। बैठक में विद्यार्थियों तथा शिक्षकों की उपस्थिति हाजिरी एप के माध्यम से सुनिश्चित करने निर्देश देते हुए डीपीसी और बीआरसी को इसकी मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीआरसी जन शिक्षकों के माध्यम से मॉनीटरिंग सुनिश्चित करे। उन्होंने कक्षा 3, 5 एवं 8 के एन.एस.ए. परीक्षा की तैयारी के संबंध में अभी से ही परीक्षा पैटर्न आदि की जानकारी देकर विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15-15 दिवस में परीक्षा की तैयारी के संबंध में आंतरिक परीक्षाएं ली जांए। बैठक में डिजिटल लर्निंग, स्टेट अचीवमेंट सर्वे सहभागिता, टीचर प्रोफेषनल डेवलपमेंट, शिक्षकों के अंग्रेजी साक्षरता कार्यक्रम में सहभागिता, रिफ्रेशर ट्रेनिंग कार्यक्रम को परिणाममूलक बनाए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत संचालित बालक एवं बालिका छात्रावासों में सुविधा विकास के साथ ही छात्रावास की मॉनीटरिंग हेतु उपलब्ध राषि का सदुपयोग सुनिष्चित करने के लिए प्लान बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देष दिए गए। बैठक में कलेक्टर ने अवगत कराया कि जिले के लगभग 25 विद्यालयों/छात्रावासों में शौचालय निर्माण का कार्य स्वीकृत किया गया है। जिनके कार्य आगामी 2 दिनों में प्रारंभ करने के निर्देष दिए। उन्होंने बीआरसी तथा जिला षिक्षा केन्द्र में पदस्थ सहायक परियोजना समन्वयकों को छात्रावास का नोडल बनाए जाने के निर्देष दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावास की हर गतिविधि के लिए नोडल जिम्मेदार होंगे। बैठक में जिले में डाईट संस्था के निर्मित भवन में कार्ययोजना बनाकर षिक्षकों के प्रषिक्षण कैलेन्डर अनुसार आयोजित करने के निर्देष दिए। बैठक में कलेक्टर ने सिविल वर्क के संबंध में सहायक यंत्री को कार्यों की पूर्णता के संबंध में निर्देष दिए। बैठक में कलेक्टर ने नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कार्यक्रम को प्रभावी व परिणाममूलक बनाए जाने के संबंध में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देष दिए गए। उन्होंने 15 साल के ऊपर के असाक्षर लोगों को चिन्हित करने के लिए डिटेल सर्वे कर 10 सितम्बर तक जानकारी उपलब्ध कराए जाने के निर्देष दिए। उन्होंने कहा कि साक्षरता कार्यक्रम को प्रभावी बनाए जाने के लिए षिक्षक सहित मैदानी क्षेत्रों के ग्रामीण विकास और राजस्व के अमले का भी इसमें सहयोग लिया जाए। उन्होंने निर्देषित किया कि 10 सितम्बर तक सर्वे उपरांत चिन्हित असाक्षरों की क्लास 30 सितम्बर तक लगाई जाए और निर्धारित दिनांक पर उनकी परीक्षाएं आयोजित की जांए। कलेक्टर ने बैठक में निर्देष दिए कि जनषिक्षक प्रत्येक माह अपने आवंटित क्षेत्र के प्रत्येक विद्यालय का कम से कम दो बार विद्यालय का भ्रमण कर विद्यालय की समस्याओं के निराकरण के लिए जानकारी उपलब्ध कराते हुए समस्याओं का विकासखण्ड व जिला स्तर पर निराकरण की कार्यवाही की जाए। अगर कहीं कोई दिक्कत है, तो डीपीसी व बीआरसी ऐसी समस्याओं को संज्ञान में लाएं। उन्होंने जिले में शैक्षणिक व्यवस्था के सुधार पर जोर देते हुए कहा कि सभी लोग मिलजुल कर अपने कर्तव्यों की जिम्मेदारी का निर्वहन करें।
बैठक में कलेक्टर ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम को प्रभावी रूप में आयोजित करने के निर्देष दिए। उन्होंने कहा कि जिला षिक्षा केन्द्र, जनपद षिक्षा केन्द्र तथा स्कूल स्तर पर आरबीएसके के तहत आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण तिथि की सूचना होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य परीक्षण तिथि से समय पूर्व विद्यार्थियों को अवगत कराया जाए व स्वास्थ्य परीक्षण के फायदे भी बताए जांए।

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