पति और पत्नी एक दूसरे के पूरक होते हैं,
पति-पत्नी धर्म,पाप और पुण्य में समान भागीदार होते हैं -मनवानंद महाराज

झुंझुनू (सुरेश सैनी)।किसान कॉलोनी के शिव कमल निवास में चल रही श्रीमद् भागवत महा कथा सप्ताह पुराण के छठवें दिन कथा का वाचन करते हुए जनकपुर धाम निवासी मानवानंद महाराज ने कहा कि पति और पत्नी एक दूसरे के पूरक होते हैं। पति-पत्नी धर्म, पाप और पुण्य में समान भागीदार होते हैं। दोनों को एक दूसरे के प्रति समर्पित रहकर धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। मानवानंद महाराज ने कथा में श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह प्रसंग का सुन्दर वर्णन करते हुए पति-पत्नी के उत्तरदायित्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि परिवार में अच्छाई व बुराई दोनों के लिए पति-पत्नी दोनों जिम्मेदार होते हैं। इसीलिए शास्त्रों में भी संतान का प्रथम गुरु माता-पिता को ही माना गया है। मानवानंद महाराज ने धर्म और कर्तव्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म के प्रति प्रगाढ़ श्रद्धा रखते हुए जीवन में अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। धर्म पर अडिग रहने वाला व्यक्ति कभी भी अपने कर्तव्यों से विमुख नहीं होता है। कर्तव्यों का पालन करने वाला ही जीवन का लक्ष्य प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण ने पृथ्वी पर अवतार लेकर धर्म की रक्षा हेतु पपियों का नाश कर मानव जाति को गीता जी के ज्ञान के रूप में एक अनमोल उपहार दिया। श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह की सजीव झांकी सजाई गई तथा सुंदर भजनों के माध्यम से संगीतमय भागवत कथा रस गंगा बहाई गई। मुख्य यजमान नरेंद्र शर्मा एवं श्रीमती शिखा शर्मा ने भागवत जी की पुजा अर्चना की। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद शर्मा, भाजपा नेता कमलकांत शर्मा, श्रीमती चंदा शर्मा, राहुल शर्मा, श्रीमती रिया शर्मा, हिमांशी, शिवांगी, महिमा शर्मा, निक्की जांगिड़, धनंजय, शौर्य शर्मा, रिंकल जांगिड़, मीना जांगिड़, बेबी कुमावत, अनिता जांगिड़, श्रीमती अनिता सैनी, सुधा जीजूसरिया, विनोद सेन, सुनीता मित्तल शाहिद बड़ी संख्या में श्रोता गण उपस्थित रहे।

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