प्रधानाध्यापक निलंबित और शिक्षामित्र बर्खास्त:कबाड़ी को बेंच दी थीं सरकारी किताबें, बीएसए ने दिए FIR कराने के निर्देश

कन्नौज से बेबाक शक्ति न्यूज संवाददाता ऋषि जैन।
कन्नौज के प्राथमिक विद्यालय कचाटीपुर में तैनात प्रधानाध्यापक और शिक्षामित्र के सरकारी किताबें कबाड़ी को बेचने के मामले में बीएसए ने कार्रवाई की है। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। शिक्षामित्र को बर्खास्त करते हुए बीईओ को दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।उमर्दा ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कचाटीपुर के प्रधानाध्यापक राजेशकांत और शिक्षामित्र रनपाल के द्वारा सर्वशिक्षा अभियान के तहत मिली सरकारी किताबें कबाड़ी को बेंच दी गई थीं। यह मामला सुर्खियों में आया तो आनन-फानन में उमर्दा के खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ पाठक के नेतृत्व में टीम गठित कर बीएसए कौस्तुभ कुमार ने जांच कराई। टीम के सदस्य एपीआर नितेश कुमार, सत्यपाल सिंह, प्रमोद कुमार, अनुचर विजय कुमार और अशोक कुमार ने जांच की तो कबाड़ी विजय कुमार की दुकान में सरकारी किताबों से भरी हुईं 13 बोरियां उन्हें मिलीं।
प्रधानाध्यापक निलंबित और शिक्षामित्र बर्खास्त: कबाड़ी को बेंच दी थीं सरकारी किताबें, बीएसए ने दिए FIR कराने के निर्देश
कन्नौज के प्राथमिक विद्यालय कचाटीपुर में तैनात प्रधानाध्यापक और शिक्षामित्र के सरकारी किताबें कबाड़ी को बेचने के मामले में बीएसए ने कार्रवाई की है। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। शिक्षामित्र को बर्खास्त करते हुए बीईओ को दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
उमर्दा ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कचाटीपुर के प्रधानाध्यापक राजेशकांत और शिक्षामित्र रनपाल के द्वारा सर्वशिक्षा अभियान के तहत मिली सरकारी किताबें कबाड़ी को बेंच दी गई थीं। यह मामला सुर्खियों में आया तो आनन-फानन में उमर्दा के खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ पाठक के नेतृत्व में टीम गठित कर बीएसए कौस्तुभ कुमार ने जांच कराई। टीम के सदस्य एपीआर नितेश कुमार, सत्यपाल सिंह, प्रमोद कुमार, अनुचर विजय कुमार और अशोक कुमार ने जांच की तो कबाड़ी विजय कुमार की दुकान में सरकारी किताबों से भरी हुईं 13 बोरियां उन्हें मिलीं।
जांच टीम को कबाड़ी के यहां से सरकारी किताबें बरामद हुईं।
जांच टीम को कबाड़ी के यहां से सरकारी किताबें बरामद हुईं।
इनमें 6 कुंतल 50 किलो किताबें भरी हुई थीं। इतनी किताबों के बदले कबाड़ी ने प्रधानाचार्य राजेशकांत को 7 हजार 800 रुपए दिए। कबाड़ी को सरकारी किताबें बेचने का मामला सही पाए जाने के बाद जांच टीम प्राथमिक विद्यालय कचाटीपुर का निरीक्षण करने पहुंची। जहां रजिस्टर में छात्र संख्या 285 दर्ज थी, जबकि विद्यालय में महज 63 छात्र ही मौजूद थे। उपस्थिति रजिस्टर में छात्रों की मौजूदगी 191, 176 और 180 अलग-अलग दिनों में दर्ज थी।
जांच टीम ने रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कौस्तुभ कुमार को सौंपी। जिसमें टीम ने दावा किया कि छात्र संख्या ज्यादा दर्शाकर प्रधानाध्यापक के द्वारा सरकारी किताबें भी ज्यादा ले लीं गईं और मध्यान्ह भोजन योजना की धनराशि व खाद्यान्न का दुरुपयोग भी किया गया। जांच रिपोर्ट मिलते ही बीएसए ने प्रधानाध्यापक राजेशकांत को निलंबित कर दिया।
उनका सहयोग करने वाले शिक्षामित्र रनपाल को बर्खास्त कर दिया। उन्होंने प्रधानाध्यापक और शिक्षामित्र पर एफआईआर दर्ज कराने के खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ पाठक को आदेश दिए हैं। इसके अलावा विद्यालय के अन्य शिक्षकों की भूमिका की जांच कराने के लिए तालग्राम और हसरेन के खंड शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है।

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