दलित आदिवासी गरीब बच्चियों को अपमानित कर उनकी बारात लौटाना दलित समाज का अपमान-अंजू(गौतम )रैदास

मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह सम्मेलन पर दलित अपमान को लेकर जिला पंचायत सदस्य अंन्जू रैदास ने प्रधानमंत्री व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखित ज्ञापन देते हुए मांग की है की मुख्यमंत्री कन्या दान योजना अन्तर्गत सामूहिक विवाह सम्मेलन में शहडोल जिला अन्तर्गत जनपद पंचायत जयसिंहनगर दिनांक 22.05.2023 को ग्राम पंचायत कौआसरई में आयोजित विवाह सम्मेलन में जिस तरह दलित आदिवासी गरीब बच्चियों को अपमानित कर उनकी बारात लौटा दी गई जिससे बच्चियों में जो ग्लानि तथा समाज में जिस तरह परिवार के लोगो को अपमान झेलना पडा वह अत्यंत दुखद, निन्दनीय एवं अपराधिक है। इतना ही नही इसकी जांच को जिस तरह से फर्जी तरीके से पूरा करने का प्रयास किया गया वह अत्यंत क्षोभनीय तो है ही वह प्रदर्शित करता है कि क्षेत्र के अफसरशाह किस तरह से गरीब शोषित वर्ग को प्रताडित एवं अपमानित करते है और उसको संरक्षण देते है।
यह कि यह क्षेत्र खनित सम्पदा से जिसमें कोयला, बाक्साइड एवं रेता उसको किस तरह से लूटा जा रहा है इस जमीन से निकलने वाला कोयला किस तरह
से देश के विकास के नाम पर बड़ी मात्रा में निकालकर ले जाया जा रहा है और इस जिले का जल स्तर दिनो दिन गिरता चला जा रहा है। जिससे वह दिन दूर नही जब यह क्षेत्र रेगिस्तान के रूप में परिवर्तित हो जायेगा। इस क्षेत्र में सिंचाई की कोई योजनाये नही है जबकि इसके एवज में सिंचाई के साधन उपलब्ध कराया जाना न्यायोचित एवं क्षेत्र का हक बनता है क्योकि यहां का किसान सूखे में कोई पैदावार न मिलने के कारण बर्बाद हो जाता है।
यह कि इस क्षेत्र से निकलने वाले कोयले का कोई लाभ इस क्षेत्र के लोगो को नही दिया जा रहा जिसमें ऐश के रूप में प्राप्त की जाने वाली टेक्स की राशि खनिज मद किस तरीके से उपयोग की जा रही है और उसकी जानकारी मांगे जाने पर यहां तक कि आर.टी.आई. लगाने पर भी अधिकारियो द्वारा उपलब्ध नही कराई जाती।
यह कि इस क्षेत्र से कोयला निकलने के उपरांत भी क्षेत्र में बेरोजगार युवको को जो हजारो की संख्या में कोल डिपो दिये जा सकते है एक भी कोल डिपो यहां के बेरोजगारो को नही दिया जा सका। इतना ही नही इस क्षेत्र में ईटा, खपरा घड़े निर्माण करने वाले दलित समाज प्रजापतियो को कोई कोयला नही दिया जाता बल्कि झूठे प्रकरण लगाकर उन्हें फंसाया और डराया जाता है। मानवीय आधार पर भी गहन ठण्डी के समय पर भी रेल्वे स्टेशनों चौराहो अस्पताल के सामने भी कोयले का अलाव नही दिया जाता बल्कि पैसे की लूट और खानापूर्ति के लिये नगरपालिका के माध्यम से लकडी का फर्जी अलाव दर्शाकर सिर्फ झोली भरने का काम किया जाता है।
यह कि इस क्षेत्र में संविधान और कानून लागू नही होते यहां पर अफसरो द्वारा दिये गये दिशा निर्देश और बताई गई बातो को ही कानून का रूप माना जाता हे। जिला पंचायत शहडोल में पूरे 1 वर्ष दो माह व्यतीत हो जाने के बाद किसी भी स्थाई समिति की एक भी बैठक आयोजित नही की गई यहां तक कि जिला पंचायत की आमसभा सिर्फ दो ही आयोजित की गई, न जाने कैसे बजट को पास कर अनुमोदन किया जाता होगा और किस तरह से जनप्रतिनिधियो को वह अवसर प्रदान नही किया जाता कि ग्रामीणजनो को समस्याओं को रख सके
अधिकारियों से चर्चा कर उनके द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी ले सकें तथा क्षेत्र में खाद्वान्न वितरण के नाम पर हो रही धांधली अमृत जलाशय प्रधानमंत्री आवास नलजन योजना
जो भर्रेशाही और लूट तथा वसूली का कार्य चल रहा है उसे सभा पटल पर रख सके। यह कि ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र डेढ से दो घंटे कुल बिजली दी जाती है और उस पर भी 70 से 100 बोल्टेज तक जिससे पंप तो चल ही नहीं सकते टुल्लू पंप भी नही चल पाते सिंचाई तो दूर पीने के पानी के लिये ग्रामीणजन तरस जाते है और न जाने ये विद्युत विभाग ग्रामीणो को डराने धमकाने के लिये न जाने किस किस तरह के फर्जी बिल थोपकर चोरी का प्रकरण दर्शाकर उनसे नाजायज वसूली करती है। अतः इस ज्ञापन के माध्यम से मै आपका ध्यान आकृष्ट कराते हुये एक उच्च स्तरीय जो कम से कम भोपाल स्तर की हो गठित कमेटी से जांच की मांग करते हुये अपेक्षा करती हूं कि जनहित में आप इसे गंभीरता से लेगे अन्यथा 02 अक्टूबर 2023 के उपरांत मै एक अनिश्चितकालीन धरना देकर आंदोलन करूंगी तथा अपना मुण्डन कराकर तलवार लेकर जिला प्रशासन से और आपसे यह मांग करूंगी कि मेरी गर्दन काटकर मुझे मौत के घाट उतार दिया क्योकि अब मुझसे यह देखना बर्दास्त नही होता कि मै एक दलित बच्ची और जिला पंचायत प्रतिनिधि होते हुये देखती रहूं।

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