बिना किसी मापदण्ड के चल रहे है स्कूल, अंबाह ब्लॉक अधिकारी मौन,परीक्षण के बिना ही स्कूलों को मिली मान्यता

अंबाह, ग्राम बंधा (गूंज) में चल रहे निजी स्कूल को शासकीय मान्यता तो प्राप्त है लिकिन बिना की मापदंड के चल रहा है स्कूल
बंधा गांव में चल रहे (श्री बालाजी माध्यमिक विद्यालय)
निजी स्कूलों के संचालन में जरूरी मापदंड दरकिनार कर दिए गए हैं। परीक्षण के बिना ही ऐसे स्कूलों को मान्यता दी गई है।
सभी मापदंडों को दरकिनार, फिर भी मिली मान्यता कैसे
बंधा(गूंज) ग्राम में श्री बालाजी माध्यमिक विद्यालय के पास न तो स्कूल के लिए तय मापदंड के तहत भवन और मैदान भी नहीं है। न निजी स्कूल चलने के लिए कोई उचित व्यवस्था प्रशासन के अभी नियमो का उलंघन करते हुई फिर भी मिली मान्यता
निजी स्कूल चलने के लिए राज्य सरकार के द्वारा अनेक गाइड लाइन जारी की गई है लिकिन श्री बालाजी माध्यमिक विद्यालय में कोई भी गाइड लाइन जारी नहीं होती फिर भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की दरियादिली से चल रहा है स्कूल
निजी स्कूलों के संचालन के लिए बीस जरूरी शर्तें:-
प्राइवेट स्कूल खोलने 20 शर्तों का पालन करना होता है। इसमें सोसाइटी का पंजीकरण प्रमाण-पत्र, सोसाइटी सदस्यों की प्रतिलिपि, सोसाइटी का संविधान, ततीमा-जमाबंदी की प्रति, स्कूल भवन की फोटो, रेंट एवं लीज डीड संबंधी प्रमाण-पत्र, पेयजल-बिजली उपलब्धता प्रमाण, शौचालय से संबंधी फोटो, शैक्षणिक योग्यता सहित शिक्षक व गैर शिक्षक स्टाफ की जानकारी, आय के साधन, सुविधा उपलब्ध करवाने संबंधी शपथ पत्र, फीस की जानकारी, पुस्तकालय व प्रयोगशाला जानकारी और खेल मैदान की उपलब्धता सहित अन्य दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध करवाने होते हैं।
निरीक्षण में नहीं जाते अफसर, इसलिए पंजी में खुद करा लेते हैं हस्ताक्षर:-
मान्यता प्राप्त स्कूलों में अध्यापन व्यवस्था का जायजा जिला और ब्लाक शिक्षा कार्यालयों के अधिकारियों को महीने में कम से कम एक बार लेना है। अफसर स्कूल पहुंचकर निरीक्षण पंजी में अपनी टीम लिखते हैं, लेकिन यहां किसी भी अफसर को फुर्सत नहीं है कि वे इन स्कूलों की व्यवस्था देखें। लिहाजा निरीक्षण पंजी में टीप लिखवाने के लिए निजी स्कूल के संचालक ही पंजी लेकर जिला और ब्लाॅक दफ्तर पहुंच जाते हैं।
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