नवागत मुख्य अभियंता ने अभिषेक कर किया पदभार ग्रहण क्षेत्र में विकास की कही बात

अधिकारी कर्मचारियों के लिए मुख्य अभियंता द्वारा करवाया गया भंडारा
अखिलेश कुमार शर्मा मोबाइल नंबर 7999140850
मंगठार- संजय गांधी ताप विद्युत गृह के नवागत मुख्य अभियंता शशिकांत मालविया ने परियोजना स्थित फायर आफिस में विराजे भगवान शिव मंदिर के मंदिर में पदभार ग्रहण करने से पूर्व अभिषेक एवं भंडारे का आयोजन किया गया जहां पर सुबह 9 बजे से अभिषेक का कार्यक्रम प्रारंभ कर 12 बजे से भंडारे का आयोजन किया गया भंडारे का प्रारंभ श्री मालविया द्वारा प्रसाद वितरण कर किया गया परियोजना के अधिकारियों कर्मचारियों ठेकेदार सहित श्रमिकों ने भंडारा प्रसाद ग्रहण किया जिसकी चर्चा सभी जगह बनी रही क्योंकि यह पहला ऐसा मौका था जहां किन्ही मुख्य अभियंता द्वारा इस तरह के आयोजन के माध्यम से पदभार ग्रहण किया गया हो नही तो पूर्व में परियोजना में अन्य पूजा भी बंद करवा दी गई थी इस संबंध में बताया गया की श्री मालविया द्वारा 1987 में सहायक अभियंता के पद पर अपनी नौकरी की शुरुआत की थी कार्य के दौरान इनकी कार्यप्रणाली सदैव काबिले तारीफ रही है जिसका उदाहरण ऐसे देखा जा सकता है की इलेक्ट्रिकल से इंजीनियरिंग करने के बाद भी बायलर में ए ई का प्रभार दिया गया जहां इनके द्वारा अच्छा खासा प्रदर्शन करते हुए इकाई से पूर्ण उत्पादन लक्ष्य हासिल किया गया 2014 में खंडवा में यूनिट न चल पाने के कारण ऐश हैंडलिंग का कार्य सौंपा गया जिसे बखूबी निभाते हुए टीम के साथ मोडिफिकेशन किए गए जहां यूनिट ने 250 मेगावाट का पूर्ण लक्ष्य प्राप्त किया उसके बाद खंडवा में 600 मेगावाट की इकाई में अधिक्षण अभियंता के पद पर रहे जहां ऐश हैंडलिंग में मोडिफिकेशन कर ऐसा रिजल्ट दिया गया जिसकी बदौलत आज 8 जनवरी को खंडवा से ऐश की 100 वीं रैक निकली हैं उसके बाद इन्हें एडिशनल सी फ्यूल एंड मैनेजमेंट संजय गांधी ताप विद्युत गृह बनाया गया फ्यूल एंड मैनेजमेंट का पहला अनुभव होने के बाद भी इनके सतत प्रयासों से डेमरेज 300 घंटे से घटकर महज 30 से 50 घंटे रह गया है जो की काबिले तारीफ है बताया गया की श्री मालविया धार्मिक विचार धारा से सदैव जुड़े रहे जिसके कई उदाहरण आयोजनों के माध्यम से प्रस्तुत किए जिससे प्रसंशा हर जगह होती रही है इस संबंध में श्री मालविया से बात करने पर उन्होंने बताया की मुख्य अभियंता के पद पर कार्य करना काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां की 210 मेगावाट की इकाइयां काफी पुरानी हैं जिनसे अभी 110 या 120 मेगावाट तक उत्पादन हो पा रहा है लेकिन मेरा लक्ष्य है कि इन इकाइयों से पूर्ण उत्पादन 210 मेगावाट तक लेकर ही जाऊं और इस क्षेत्र में काफी अवसर हैं जिन्हें तलाश कर प्रतिभाओं को निखारा जाएगा और क्षेत्र को पूर्णतया विकसित करना मेरा उद्देश्य होगा क्षेत्र में आने वाली पीढ़ी के जनजागरण हेतु समस्त धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन संपन्न किए जाएंगे साथ ही अधिक से अधिक विद्युत उत्पादन हमारा लक्ष्य होगा ।

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