तो क्या राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल के निर्देश नहीं मानते जिला पंचायत सीईओ

क्या दबंग बिलटिकुरी सचिव के आगे नतमस्तक हुआ जिला प्रशासन
अखिलेश कुमार शर्मा की खास रिपोर्ट…….
भले ही सरकार भ्रष्टाचारी कर्मचारियों पर सरकार शक्त होने के लाख दावे करे पर मैदानी हकीकत कुछ और ही बयां करती है आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र शहडोल संभाग होने के बाद भी जनता का अधिकारी, कर्मचारी जम कर शोषण कर रहे हैं पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह सरकार कैसी जहां भ्रष्ट कर्मचारी बेधड़क भ्रष्टाचार करते हैं और जब जनता एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारियों से शिकायत की जाती है तो भी जिले में बैठे अधिकारी कुंभकर्णी निद्रा सोते या फिर भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों की कमिशन की मलाई खाकर गांधी जी के बंदर बन जाता है सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि यह मोहन सरकार कैसी क्या भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी कर्मचारीयों को खुली छूट है भ्रष्टाचार करने की आलम तो यह है जनाब की न जनता की न जनप्रतिनिधियों की शिकायतें नहीं सुनी जारही है और अब तो जिले में बैठे अधिकारियों ने भ्रष्टाचार की सीमा पर कर शहडोल संभाग से मोहन सरकार में बने मंत्री जी के निर्देश को ठुकरा दिया जिले में बैठे अधिकारी ने साहब जरा सोचिए यह कैसी मोहन सरकार।

शहडोल।अगर देखा जाय तो जिले व संभाग में हर रोज गरीब जनता एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के भ्रष्टाचार की शिकायते जिले में बैठे अधिकारियों से कि जाती हैं पर कार्यवाही की जगह भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी कर्मचारीयों की शिकायते धूल खाती पड़ी रहती है या फिर जांच कि कार्यवाही के नाम पर सालों चलती रहती है । कमीशन की रेगड़ी सब में बटती रहती है ऐसा ही एक ताजा मामला प्रकाश में आया है ऐसा ही एक ताजा मामला जिले की जनपद पंचायत बुढार के ग्राम पंचायत बिलटिकुरी से सामने आया है। जहां करीब दर्जन भर से ज्यादा पंचायत प्रतिनिधियों ने सचिव श्रीमती द्रोपती प्रजापति नामक भ्रष्ट सचिव को पंचायत से हटा दिए जाने की शिकायत की। जिसमें ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने जिला पंचायत सीईओ को शिकायत पत्र भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव को हटाने के लिए दिया पर कोई कार्यवाही न होने पर ग्राम पंचायत के पांच उपसरपंच सरपंच आदिवासी बहुल क्षेत्र शहडोल संभाग से मोहन सरकार में बनाए गए मंत्री दिलीप जायसवाल से अपनी पीड़ा बताते हुए शिकायत की पर कार्यवाही शुन्य होने से जनप्रतिनिधियों को दर दर भटक रहे हैं यह कैसी मोहन सरकार कैसी।
राज्य मंत्री ने जिला पंचायत सीईओ को लिखा पत्र
बता दें कि पंच,उपसरपंच,सरपंच जनप्रतिनिधियों ने मोहन सरकार में बने दिलीप जायसवाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग (राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार)भोपाल म.प्र.को अपने ग्राम पंचायत बिलटिकुरी से सचिव श्रीमती द्रोपती प्रजापति नामक भ्रष्ट सचिव को पंचायत से हटा दिए जाने की शिकायत मामले की गंभीरता को देखते हुए दिलीप जायसवाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग (राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार)भोपाल म.प्र.ने शहडोल जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिखा और निर्देशित किया कि उपसरपंच सरपंच ग्राम पंचायत बिलटिकुरी, जिला-शहडोल (म.प्र.) का पत्र मूलतः संलग्न है। जिसमें उनके द्वारा ग्राम पंचायत बिलटिकुरी में पदस्थ सचिव श्रीमती द्रोपती प्रजापति के विरूद्ध शिकायत कर अन्यत्र स्थानान्तरित करते हुए अन्य सचिव की पदस्थापना कराये जाने का अनुरोध किया है।उपरोक्त के संबंध में तत्काल नियमानुसार कार्यवाही करें ।
पंच उपसरपंच सरपंच ने राज्य मंत्री को दिया शिकायत पत्र
ग्राम पंचायत बिलटिकुरी में पदस्थ सचिव श्रीमती द्रोपती प्रजापति नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नही रहती है। जिसके कारण शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामवासी को नही मिल पा रहा है। सी.एम. हेल्पलाइन में शिकायत की संख्या बढ़ रही है। निर्माण कार्य में सचिव द्वारा भुगतान से पहले ही 10 प्रतिशत राशि की मांग किया जाता है। हितग्राही मूलक कार्य जैसे- जनमन आवास, सम्बल अनुग्रह की राशि में रूपये की मांग किया जा रहा है। नियमित उपस्थित न होने से जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत बिलटिकुरी के पंच, उपसरपंच , सरपंच ने दिलीप जायसवाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग (राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार)भोपाल म.प्र. से मांग कि सचिव श्रीमती द्रोपती प्रजापति को ग्राम पंचायत- बिलटिकुरी से स्थानान्तरण कर किसी नजदीकी सचिव को पदस्थ किया जाए। जिससे हमारे ग्राम पंचायत का विकास हो पाएं

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