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बांगई जलाशय से नहीं थम रहा अवैध उत्खनन

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छिंदवाड़ा जिला ब्यूरों संतोष विश्वकर्मा की रिपोर्ट

तामिया।हर साल की तरह इस बार भी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के निकल जाने के बाद भी जलाशय से अवैध का उत्खनन और परिवहन नहीं थम रहा है। तहसील मुख्यालय तामिया से करीब 16 किमी की दूर बांगई में जल संसाधन विभाग के जलाशय को रेत माफिया ने छलनी कर दिया है। विभाग जलाशय का उपयोग सिंचाई के लिए करता है। कानखेड़ी जंगल से निकलने वाली नदी पर बने जलाशय से बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही है। खुदाई के दौरान जलाशय में बड़े गड्ढे कर दिए गए हैं। माफिया तामिया, छिन्दी, बेलगांव, न्यूटन, परासिया तक रेत ले जाता है। जलाशय भराव क्षेत्र में रेत का भंडारण कर रखा है। जलाशय से रेत निकालने के लिए माफि या ने 11 रास्ते बना रखे हैं। जलाशय से 200 मीटर की दूरी परपानी की टंकी के पास तथा सामुदायिक भवन के सामने रेत का अवैध भंडारण कर रखा है। उत्खनन व परिवहन रात्रि 8 बजे से प्रात- 7 बजे तक किया जाता है। अवैध रेत उत्खनन व परिवहन को लेकर राजस्व, खनिज, पुलिस, वन तथा जलसंसाधन विभाग के अधिकारी भी चुप्पी साधे बैठे हैं।

बांगई जलाशय से चल रहा रेत का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। बांगई में बीते कई सालों से अवैध उत्खनन परिवहन का कारोबार में बेरोक-टोक धड़ल्ले से चल रहा है रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। प्रशासन रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर सवालो के घेरे में है। पूरी जानकारी होने के बाद भी प्रशासन इन रेत माफियाओं पर लगाम लगाने में नाकाम वहीं उसके बाद भी बांगई की वनभूमि से सड़कों पर फिर से रेत से भरे वाहन दौड़ने लगे हैं। रेत माफिया किस तरह से प्रशासन की नाक के नीचे से रेत का अवैध उत्खनन परिवहन कर रहे हैं।
प्रशासन पूरी तरह से रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। अवैध रूप से फॉरेस्ट राजस्व की नदियों से रेत का अवैध उत्खनन, परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है। वहीं अगर सूत्रों की माने तो इन रेत माफियाओं को अवैध कारोबार चलाने के लिए बड़े-बड़े राजनेताओं का संरक्षण मिल रहा है, जिनकी आड़लेकर रेत माफिया अपना रेत का अवैध कारोबार चला रहे हैं।
आपको बता दें जहां से रेत माफिया सक्रिय होकर धड़ल्ले से रेत का अवैध रूप से उत्खनन और परिवहन कर रहे हैं। इसकी सूचना प्रशासन को तो है लेकिन प्रशासन इन पर पूरी तरह रोक लगाने में नाकाम दिख रहा है, क्योंकि इन पर रात के अंधेरे में रेत निकाली जाती है और ट्रैक्टर ट्राली और डंपरों से इसका परिवहन किया जाता है, जोकि क्षेत्र के पुलिस थानों के सामने से गुजरते हैं। वहीं इसके बावजूद भी, ना तो पुलिस प्रशासन इन पर कार्रवाई करता है। खनिज विभाग इस मामले को नजर अंदाज कर रहा है।

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