तो आखिर क्यों जिला सीईओ भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव नागेंद्र पर नहीं कर रहे कार्यवाही

कलेक्टर के आदेश की धज्जियां आखिर क्यों उड़ा रहे अधिकारी….?
उपसरपंच, जनपद सदस्य ने एक माह पूर्व की थी शिकायत आज तक नहीं हुई कार्यवाही
स्थानीय संपादक अखिलेश कुमार शर्मा मोबाइल नंबर 7999140850
शहडोल। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का फायदा उठा रहे अधिकारी वहीं आऐ दिन अखबारों की सुर्खियां बटोर रहे अधिकारी अगर देखा जाए तो आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र की जनता अधिकारियों के आदेश पढ़ कर बहुत खुश हो जाते हैं कि कोई ईमानदार अच्छा अधिकारी हमारे जिला व संभाग को मिला है पर अगर देखा जाए तो अंदर का राज तो केवल अधिकारी ही जाने पर मैदानी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है ।गांव वाले करते रहे शिकवा गिला भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव नागेंद्र का भला कौन सका हिला उपसरपंच, जनपद सदस्य की शिकायत मे उपसरपंच, जनपद सदस्य को ही दिया उलझा,साहब भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव नागेंद्र
तो अपना मामला लिए सुलझा, भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव साहब नागेंद्र पंचायत को रखा जकड़,भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव नागेंद्र की है जनपद से जिला तक पकड़,तभी तो है भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव नागेंद्र की इतनी अकड़,जांच कितनी भी हो नहीं आते पकड़,भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव नागेंद्र बैठे साहब जिला जनपद की गोद, तो क्या साहब ने भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव नागेंद्र को दे रखा है बोध,शिकायत के कार्यवाही में होगी ऐसी जांच, निश्चिन्त जाकर बैठो तुम पर कभी आएगी ना आंच अब देखना यह है कि किसमे है दम जो भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव नागेंद्र के भ्रष्टाचारों की जांच कर कार्यवाही कर सके।
कलेक्टर का आदेश, निर्देश कागजों तक सीमित
शहडोल कलेक्टर तरुण भटनागर ने जिले की जनता को आदेशित किया था कि सोशल मीडिया फेसबुक वडशाप,पर कोई भी भ्रष्टाचार से संबंधी पोस्ट डालने के पहले उस मामले की पुरी प्रमाणिकता अपने पास रख लें फिर कोई पोस्ट करें नहीं तो आप हो सकती है कार्यवाही, वहीं अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे कि जो भी शिकायत मिले उस पर जांच कर दोषी पर कार्यवाही करे पर अगर देखा जाए तो एक माह बीत गए और भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव नागेंद्र त्रिपाठी के द्वारा पंचायत में जो भ्रष्टाचार किया गया उन भ्रष्टाचारों की न जांच हुई न आज तक कोई कार्यवाही सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि क्या जिले के मुखिया कलेक्टर के आदेश नहीं मानते जिले व जनपद में बैठे अधिकारी कर्मचारी या फिर यूं कहें कि साहब के आदेश निर्देश की धज्जियां उड़ा रहे अधिकारी कर्मचारी।

उपसरपंच ,जनपद सदस्य ने की शिकायत
वहीं वर्ष 2024 मे सी.सी. रोड निर्माण कार्य बस्ती मन्दिर से हरप्रसाद यादव के घर तक चकौड़िया मे कराया गया और बिना मूल्यांकन के राशि निकाली गई रोड की स्थिति जरजर है।गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य कराया गया है। सचिव नागेंद्र त्रिपाठी उक्त कार्यों को अपने छोटे भाई विजय त्रिपाठी से ठेका देकर कराया गया है तथा सास्कृतिक मंच चरोहनडोल में कराया गया है जो गुणवत्ता विहीन कर अपने भाई के साथ मिलकर राशि का दुरुपयोग कर लिया गया है।लीज फिट नाडेप का निर्माण का एवं पंचपरमेश्वर योजना राशि का आहरण भी बिना मूल्यांकन के किया गया है जो जाँच का विषय है।चकौड़िया ग्राम पंचायत उपसरपंच ने बताया कि नागेन्द्र त्रिपाठी सचिव के द्वारा जमके भ्रष्टाचार किया जा रहा है ।अमृत सरोवर निर्माण कार्य अभिलेख मे पूर्ण है परन्तु भौतिक स्थिति अत्यंत दयनीय है जो कि पानी एक बूंद भी नहीं टिकता बरसात के दिनो मे नदी के प्रवाह पानी का रिसाव होता है काली मिट्टी नही डाली गई है नीव का खुदाई फारमेल्टी करके शासकीय राशि 14 लाख रुपये हजम कर लिया गया है सामग्री भुगतान निरर्थक किया गया है।जिसकी विधिवत जाँच कराई जाए तो सचिव के भ्रष्टाचार का खुलासा स्वयं ही हो जाएगा।

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