भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

गृहमंत्री विजय शर्मा बोले- घटना की होगी पूरी जांच, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

212
Above News

बलौदाबाजार हिंसा मामला : देर रात घटना का जायजा लेने पहुंचे गृहमंत्री समेत तीन मंत्री,

दिलीप वर्मा _ ब्यूरो चीफ बलौदाबाजार

बलौदाबाजार _ बलौदाबाजार भाटापारा जिले के लिये 10 जून का दिन एक काला अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है. जहां एक ऐसा तूफानी मंजर आया जो चंद घंटो में पूरे कलेक्टर और एसपी कार्यालय को खंडहर में बदल दिया. यह एक ऐसा मंजर था जिससे वहां के आसपास के रहने वाले लोगों के साथ साथ कलेक्टर कार्यालय में काम कर रहे लोगों को जान बचाकर भागना पड़ा. सामाजिक न्याय की मांग के बीच इस कृत्य को अंजाम देने वाले ये असामाजिक तत्व कौन थे? जिन्होंने कलेक्टर कार्यालय को खंडहर में तब्दील किया साथ ही परिसर में रखे गाड़ियों को जला दिया और एक दहशत पैदा किया. इन सबके बीच रात्रि एक बजे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल सहित जनप्रतिनिधि कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और पूरी घटना का अवलोकन कर जानकारी ली.

घटना को लेकर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सतनामी समाज के लोग सत्य अहिंसा पर विश्वास करते हैं और हमने उनकी मांग पर न्यायिक जांच करने का आदेश कर दिया था और समाज के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मान गये थे. समाज के लोगों ने कार्यक्रम का आयोजन कर मुख्यमंत्री को धन्यवाद देने की बात कही थी और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की बात कही थी. पर यह घटना घटी है बहुत ही निंदनीय है और इस तरह के कार्य में आसामाजिक तत्वों का हाथ है. जिन्होंने भीड़ को उकसाया और पूरे कलेक्टर परिसर में आग लगाकर तांडव मचाया. निश्चित ही इसकी पूरी जांच होगी, दोषियों को नहीं बक्शा जायेगा. कठोर कार्रवाई होगी.
सभी मंत्री जो आये थे, वे एक ही बात कहते नजर आये. सवाल यह उठता है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच ये कौन से असामाजिक तत्व इस समाज के बीच आ गये जिन्होंने ऐसा उपद्रव मचाया कि एक सत्य और अहिंसा के पूजारी की पूरी छवि ही धुमिल कर दिया. क्या ऐसे लोगों पर समाज के लोग जांच करने आयेंगे ? क्या इन्हें कठोर सजा दिलायेंगे ? यह तो आनेवाला समय बतायेगा.

फिलहाल, यह घटना बलौदाबाजार भाटापारा जिले में एक काला दिवस के रूप में दर्ज हो गया है. इन सब के बीच लोगों का कहना है कि जब कलेक्टर और एसपी कार्यालय सुरक्षित नहीं है तो आम जनमानस का क्या होगा. वहीं इन उपद्रवियों ने मुख्य मार्ग पर भी शासकीय संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है. डिवाइडर पर लगे लोहे की रेलिंग तोड़ दिए, सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, पत्रकारों को डराया धमकाया साथ ही कैमरे की मेमोरी कार्ड छीनी. आखिर इनका उद्देश्य क्या था. यह एक बहुत बड़ा सवाल है.

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper