आखिर इलाज के अभाव में विक्षिप्त महिला ने दम तोड़ दिया

प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ बलिया यूपी)
बलिया(यूपी) लोग कहते हैं कि डॉक्टर भगवान का रूप होता है। डाक्टर धरती का भगवान कहा जाता है। लेकिन अगर धरती के भगवान से चुक हो तो उसे कौन माफी दे सकता है।वाकिया उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र-मनियर के डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक अज्ञात महिला की जान चली गई। समय रहते उसका इलाज नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि विगत 30 सितंबर को 8:00 बजे रात में उक्त विक्षिप्त महिला को किसी ने 108 नंबर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र-मनियर पहुंचाया।डॉक्टर के अनुपस्थित रहने के कारण महिला का समुचित इलाज नहीं हो पाया।वह महिला बेड पर से नीचे गिरकर छटपटा रही थी।उसके हाथ में नीडील लगी हुई थी एवं पैरों में भी जख्म थे।अगले दिन 1 अक्टूबर को प्रभारी चिकित्साधिकारी मनियर दिग्विजय कुमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनियर पर दिन में करीब 12:00 पहुंचते हैं और उक्त महिला को मनियर थाने को सूचना देकर किसी होमगार्ड के संरक्षण में उसे जिला अस्पताल बलिया रेफर कर देते हैं जहां महिला का निधन 2 अक्टूबर दिन बुधवार को 9:00 बजे दिन में बलिया जिला अस्पताल में हो गया। अगर समय रहते उक्त महिला का इलाज हो गया होता तो उसकी जान बच सकती थीं। महिला की मौत की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।इस घटना को परिवर्तन युथ के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह मिंटू ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि पीएचसी मनियर पर मौत का खेल कब तक चलेगा। 2 माह पहले परिवर्तन युथ, सपा एवं भाकपा माले द्वारा अस्पताल की दूर्व्यवस्था को लेकरधरना प्रदर्शन किया गया था लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों है। उन्होंने इस घटना को सीएमओ को ट्वीट कर डीएम बलिया एवं सीएम ऑफिस को भी टैग किया है।

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