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मैहर जिले में रेत ठेकेदार के बीच विवाद में मामला हुआ काउंटर, शिवेंद्र सिंह ने सहकार ग्लोबल कंपनी में घुस कर की थी मारपीट, वीडियो भी आया सामने

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मैहर:- जिले के रामनगर थाना में शनिवार को शिवेंद्र सिंह की कूटरचित शिकायत पर सहकार ग्लोबल के ठेकेदार सहित साथियो के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई थी हालांकि इस पूरी कहानी में मैहर जिले से कई राजनेताओं ने भी दिलचस्पी दिखाई थी मगर इस घटना में एक वीडियो सामने आया जिसमे सहकार ग्लोबल में घुसकर ठीक घटना वाले दिन ही शिवेंद्र सिंह और नगर परिषद अध्यक्ष राजन गुप्ता अपने साथियों के साथ सहकार ग्लोबल कम्पनी घुसकर दबंगई पूर्वक गुंडागर्दी करते दिखाई दे रहे है और धमकी देने के बाद थाना रामनगर में गोली चलाने की शिकायत दर्ज करवाई थी जबकि जप्त कारतूस की अगर जांच की जायेगे तो 315 बोर की बंदूक और पिस्टल का संबंध शिवेंद्र सिंह वा उनके सहायकों की निकल सकती है? मगर बीते कुछ विषयों के आधार पर मामला काउन्टर हो गया अब अध्यक्ष और शिवेंद्र सिंह सहित महाकाल लोडिंग के गुर्गों पर भी एफआईआर दर्ज की गयी है।
हालांकि इस विवाद से एक बात साफ है कि मैहर जिले में जब रेत खदान नही है तक इस शिवेन्द्र सिंह और ब्यौहारी नगर परिषद अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह के द्वारा अवैध तरीके से रेत कैसे निकाली जाती है सूत्र बताते हैं कि कुबरी में इन्होंने अपना तमगा जमाया हुआ है और पुरे मैहर जिले में इसकी सप्लाई भी धड़ल्ले से की जाती है।

खास बात है ये

आप को बता दें की महाकाल मिनरल्स कंपनी जब से उमरिया जिले में ठेका लिया है तब से अपराध,अपराधी ओर अवैध उत्खनन भंडारण सहित अवैध कारोबार में भारी इजाफा हुआ है महाकाल मिनरल्स को प्रशासनिक आशिर्वाद इस प्रकार मिला है की महाकाल मिनरल्स व उनके गुर्गों के उपर विभिन्न मामले होने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती वर्तमान में ही अवैध खनन,भंडारण उत्खनन के 12 प्रकरण लंबित है मगर सफेद लिफाफे ओर सेटिंग का दम इतना की प्रकरणों पर कार्रवाई तो दूर अब प्रकरण भी प्रशासन की आंखों में नहीं दिखाई देते।

महाकाल मिनरल्स के खिलाफ दर्ज की गई थी याचिका

महाकाल मिनरल्स रेत ठेका कंपनी द्वारा खनिज विभाग की सह पर अपने निर्धारित मापदण्ड एवं नियमों को ताक में रख कर उत्खनन किया जा रहा है के सम्बंधित विषय में स्थानीय रहवासी द्वारा पूर्व में माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी एवं माननीय न्यायालय द्वारा जांच प्रतिवेदन मांगा गया था ।

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