नवजात शिशु एवं गर्भवती माताओं की मृत्यु दर कम करने हेतु प्रभावी रणनीति बनाकर अमल करें- आयुक्त

विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट
– आयुक्त शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने नवजात शिशु एवं गर्भवती माताओं की मृत्यु दर कम करने हेतु प्रभावी रणनीति बनाकर अमल करने के निर्देश संभाग के तीनों जिलों के कलेक्टरों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियेां को दिए। आपने निर्देश दिए कि गर्भवती माताओं का पंजीयन अनिवार्य रूप से होना सुनिश्चित किया जाए। इन माताओं की नियमित चार बार जांच हो। दो जांचे चिकित्सों के माध्यम से कराई जाएं। संस्थागत प्रसव को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। प्रत्येक मौत की रिपोर्ट आनी चाहिए साथ ही मौत के कारणों का विश्लेषण भी किया जाना चाहिए। हाई रिस्क माताओं को प्रसव के पूर्व उपयुक्त अस्पतालों में रेफर किया जाए। गर्भवर्ती माताओं में आयरन की कमी को दूर करने के लिए आयरन की गोलियां शुरू से ही सेवन करने को प्रोत्साहित किया जाए। संभाग के सभी कलेक्टर नियमित रूप से बैठक लेकर समीक्षा करें तथा कारणों का विश्लेषण कर कमियों को दूर कराएं।
बैठक में कलेक्टर शहडोल डॉ. केदार सिंह, कलेक्टर उमरिया श्री धरणेंद्र जैन, कलेक्टर अनूपपुर श्री हर्षल पंचोली, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उमरिया श्री अभय सिंह, अनूपपुर श्री तन्मय वशिष्ट, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा ने नवजात शिशुओं एवं गर्भवती माताओं के मृत्यु के कारणों की जानकारी दी। उन्होंने सुझाव दिया कि गर्भवती माताआंे का जल्दी पंजीयन, हीमोग्लोबिन की जांच तथा आवश्यकता पड़ने पर खून की उपलब्धता आवश्यक है।

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