पं. शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक पर व्याख्यान का किया गया आयोजन

पं. शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल परिसर के भूगोल विभाग में भूगोल परिषद द्वारा रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
अमरकंटक विश्वविद्यालय के प्रो. चंद्रमौली ने व्याख्यान कार्यक्रम को सम्बोंधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीक का उपयोग शिक्षा, अनुसंधान, मौसम विज्ञान, जलवायु परिवर्तन सहित प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक हमें पृथ्वी को गहराई से समझने का अवसर देती है।
प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज, बुढ़ार के डॉ. एस.एम. प्रजापति ने कहा कि जीआईएस तकनीक आधुनिक युग में निर्णय लेने का सबसे सशक्त साधन है। यह न केवल पृथ्वी की जटिलताओं को समझने में मदद करता है बल्कि सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भी योगदान देता है।
विश्वविद्यालय की परिसर प्रभारी प्रो. गीता सराफ ने कहा कि भूगोल विभाग समय-समय पर नवाचारपूर्ण गतिविधियों का आयोजन करता है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव होता है।
इस अवसर पर एम.ए. अंतिम वर्ष की छात्रा कु. आंचल सिंह ने शहडोल जिले की भूमि उपयोग के बदलते स्वरूप का सुदूर संवेदन द्वारा अन्वेषण विषय पर भोपाल स्थित मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलेपमेंट कार्पाेरेशन संस्था में किए गए तीन माह के डेजर्टेशन कार्य की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इस अवसर पर डॉ. मुनीश सिंह नेगी, डॉ. सौरभ शिवा, अजय सिंह पटेल ,दिलीप मिश्रा, दीपेश पारस, पुष्पा साहू सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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