नव संवत्सर, चैत्र नवरात्रारंभ व कलश स्थापना 19 को भागवत प्रवक्ता आचार्य अजीत जी महाराज श्री धाम वृन्दावन से

( ग्राम ठेंगरहा जनपद जयसिंहनगर जिला शहडोल)
नव संवत्सर वासंतिक चैत्र नवरात्र पर इस वर्ष नवरात्र प्रारंभ की अलग ही स्थिति बन रही है। सम्वत्सर2082 की अंतिम तिथि अमावस्या 19 मार्च गुरुवार को सुबह 6:40 मिनट तक रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा तिथि लग जाएगी जो कि नव संवत्सर 2083 के प्रवेश की तिथि होगी।
*क्षयवती प्रतिपदा तिथि में होगा नवरात्र का शुभारंभ, कलश स्थापना प्रातःकाल प्रतिपदा लगने के साथ होगा दिनभर*
सुबह 6.52से7.43तक
अभिजित मुहूर्त दोपहर
12.5से 12.53 तक
तिथि होती है। इस वर्ष क्षयवती प्रतिपदा तिथि में ही नवरात्र का शुभारंभ होगा। ऐसी परिस्थिति सन 1957 से सन 2026 के मध्य तीन बार बन चुकी है। इसके पहले सन 1988, सन 2007 और इस वर्ष 2026 में पड़ रही है। इसलिए ऐसी स्थिति में निर्णय सिद्ध, धर्मसिंधु के मत इस प्रकार है – *वैश्योपद्रव्यादि वस्त्राग्रहण, कुटुम्बादि ग्रहण।*
*दिवसीय उदयातिथि अथवा तिथि में धर्मसिद्धि। दिवसीय व्रतादि में पूर्व निर्णय। पुनः धर्मसिंधुमा।*
स्मार्ताग्रहण व वैष्णवग्रहण || धर्मसिंधु के अनुसार इस वर्ष वासंतिक नवरात्र का प्रारंभ 19 मार्च गुरुवार को होगा तत्पश्चात कलश स्थापना प्रातःकाल प्रतिपदा लगने के साथ ही अर्थात 6:40 बजे से सम्पूर्ण दिवस पर्यन्त किया जा सकेगा।
और इस वर्ष वर्षारम्भ के पूर्व से ही रौद्र नामक संवत्सर की प्रवृत्ति हो रही है
अतः वर्ष पर्यन्त संकल्पादि में रौद्र नामक संवत्सर का प्रयोग किया जाएगा।
वर्षप्रतिपदा के रूप में नव संवत्सर का पूजन किया जाएगा।

Subscribe to my channel
Comments are closed.