अंबाह में ‘अतिक्रमण’ को मिला नपा का अभयदान? निशान लगाकर भूल गए कर्मचारी, लोग बोले— ‘मामला सेट’ हो गया क्या?

आशीष सिंह की रिपोर्टिंग
कलेक्टर के आदेश हवा में? अंबाह में अतिक्रमण पर नगर पालिका की कार्रवाई ठप!
अंबाह नगर में अतिक्रमण हटाने को लेकर एक बार फिर नगर पालिका प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। मुरैना कलेक्टर के बार-बार निर्देशों के बाद कुछ दिनों तक चली कार्रवाई अब पूरी तरह ठंडी पड़ती नजर आ रही है।
नगर के सदर बाजार गंज क्षेत्र में पटवारियों और नगर पालिका कर्मचारियों की मौजूदगी में सीमांकन किया गया था। प्रशासन ने कई अवैध निर्माणों को चिन्हित भी किया, लेकिन महीनों गुजर जाने के बाद भी आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में शहरवासियों के बीच सवाल उठने लगे हैं कि आखिर यह सीमांकन केवल दिखावे के लिए किया गया था या फिर कार्रवाई पर किसी का दबाव हावी है?
सूत्रों की मानें तो कई जगहों पर करीब 5 से 7 फीट तक सड़क और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण किए गए हैं, बावजूद इसके प्रशासन मौन साधे बैठा है। अब जनता पूछ रही है कि जब अवैध निर्माण चिन्हित हो चुके हैं तो बुलडोजर क्यों नहीं चला? आखिर नगर पालिका प्रशासन इन अतिक्रमणकारियों को संरक्षण क्यों दे रहा है?
शहर में यह चर्चा भी जोरों पर है कि कथित तौर पर “मोटी रकम” के खेल के चलते मामला सेट हो गया, जिसके कारण कार्रवाई फाइलों में ही दबकर रह गई। हालांकि इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कार्रवाई रुकने से संदेह जरूर गहराने लगा है।
वहीं जब इस पूरे मामले में नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी शारिब कौंसार से संपर्क कर पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर अंबाह का स्थानिक प्रशासन किसके आशीर्वाद से कार्रवाई से बच रहा है? और यदि सीमांकन सही था तो फिर अवैध निर्माणों पर कार्रवाई कब होगी?

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